बहुत महत्वपूर्ण हैं, आपके कजिन, दोस्त और 'अन्य भाई-बहन'

ये आपके ‘अन्य भाई-बहन’ होने के साथ-साथ आपके दोस्त भी हैं। इनके साथ आप खेलते हैं, कई ऐसे यादगार अनुभव साझा करते हैं जो आपके जीवन को अर्थपूर्ण बनाते हैं। इसीलिए, आपका अपने चचेरे-ममेरे भाई-बहनों के साथ रिश्ता अक्सर बहुत ख़ास होता है।
बहुत महत्वपूर्ण हैं, आपके कजिन, दोस्त और 'अन्य भाई-बहन'

आखिरी अपडेट: 12 अक्टूबर, 2018

अपने कजिन यानी चचेरे या ममेरे भाई-बहनों के साथ हर किसी का गहरा लगाव होता है। यह एक छोटा सा परिवार है। ये करीबी रिश्तेदार या ‘अन्य भाई-बहन’ आपके बचपन और किशोरावस्था के दिन यादगार बनाते हैं।

कजिंन्स के साथ आपका गहरा भावनात्मक और सामाजिक संबंध ठीक आपका अपने माता-पिता और भाई-बहनों के बीच जैसा होता है।

दरअसल, कजिंन आपके बहुत ख़ास दोस्त होते हैं। उनका और आपका केवल उपनाम ही एक जैसा नहीं होता, वे आपके साथ बचपन में हजारों रोमांचक खेलों में हिस्सा लेते हैं। अनगिनत यादगार पलों के साक्षी बनते हैं और बड़ा होने पर एक-दूसरे का व्यक्तित्व निखारने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

आपके कजिन, आपके असाधारण ‘अन्य भाई-बहन’

मानववैज्ञानिक हमें एक दिलचस्प बात बताते हैं, सभी संस्कृतियों में दैनिक जीवन में परिवार की उतनी अहमियत नहीं होती है। कुछ ऐसे भी देश हैं जहां घरवालों से संपर्क फोन पर हालचाल पूछने और महीने में एक बार कहीं इकट्ठे मिलने और बीतचीत करने तक ही सीमित है।

वहीं, कुछ अन्य देशों में रोज़ाना या नियमित रूप से मिलना-जुलना आम बात है। यहां तक कि कई पीढ़ियां एक साथ एक ही छत के नीचे रहती हैं। इसके कारण बुजुर्गों की देखभाल करना, आर्थिक मजबूरी, या फिर केवल गहरे आपसी संबंध हो सकते हैं।

इस तरह कई लोग अपने घर के आसपास कजिंन के साथ पलते-बढ़ते हैं। यहां दादा-दादी भी होते हैं जो माता-पिता के व्यस्त होने पर आपको स्कूल से लेने पहुंच जाते हैं।

बड़े होते समय रोज़ाना प्रियजनों के संपर्क में रहना, उनका स्नेह और सम्मान पाना कुछ विशेष संस्कृतियों के संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। इसका फायदा हर कोई उठा सकता है, भले ही वह बड़ा हो या छोटा।

आइए देखते हैं, आपके कजिन आपके बचपन में किस तरह खुशियां भरते हैं और फिर जब आप बड़े हो जाते हैं तब वे क्या भूमिका निभाते हैं।

घरवालों के अलावा अन्य लोगों से मिलने-जुलने का अवसर

जन्म लेने के बाद कोई भी बच्चा पहली बातचीत अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ ही करता है। अपने साथियों से दोस्ती गांठने से बहुत पहले आपका अपने कजिंन के साथ ही मेल-जोल रहता है जो कि बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

  • कजिंन्स के साथ संबंधों की गहराई इस बात से निर्धारित होती है कि आपके अपने भाई-बहनों के बीच संबंध कितने गहरे हैं। अगर आपका आपस में गहरा लगाव नहीं है तो फिर परिवार के बाहर भी गहरे संबंध बनना संभव नहीं हो पाता है।
  • वास्तव में, यह आम बात है कि कई लोग तो अपने कजिंन्स को जानते तक नहीं हैं। सिर्फ इसलिए कि उनके माता-पिता का किसी कारणवश अपने भाई-बहनों से नाता टूट गया है।
  • दूसरी तरफ, रोज़ाना मिलने-जुलने और सकारात्मक संबंध होने पर बच्चे को इस ख़ास रिश्ते से कई लाभ प्राप्त होते हैं और इस भावनात्मक लगाव का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

आपके कजिन वे ‘अन्य भाई-बहन’ हैं जिनसे आप अपने दादा-दादी के बारे में और रुचिकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिनके साथ आप छुट्टियों और वीकेंड एडवेंचर का आनंद उठाते हैं। चीज़ों की खोजबीन और बहस करते हैं, हंसते हैं और एक ऐसा ‘ज्ञान का भंडार’ तैयार करते हैं जो आपकी परिपक्व होने में मदद करता है।

आपके कजिन यानी जीवन भर के दोस्त

यह बात सब समझते हैं, आपकी अपने हर एक चचेरे-ममेरे भाई-बहन से नहीं पट सकती है।

  • आपका उनसे ज़्यादा लगाव होता है जिनकी सोच और संस्कार आपसे मिलते-जुलते हैं। जिनके व्यक्तित्व की अच्छाइयां तब आपको सहारा और खुशिया देती हैं जब आपको इसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है। ये वे हैं जो बचपन से आपके साथ हैं और आपके साथ ही बड़े हुए हैं।
  • एक अन्य सामान्य बात यह है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका अपने चचेरे-ममेरे भाई-बहनों के साथ संबंध अपने खुद के भाई-बहनों से भी अच्छे होते हैं।
  • ये मेल-मिलाप का सामान्य तरीका है और इसे लेकर आपको ज़्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
  • परिवार के प्रति जिम्मेदारी का अर्थ यह नहीं है कि आप अपना व्यक्तित्व ही खो बैठें। ख़ुद को वह मान लें जो आप हैं ही नहीं। दूसरों का सम्मान करते हुए आपको हमेशा अपने दिल की, अपने अंर्तमन की आवाज़ सुननी चाहिए।
  • कजिन दोस्त से भी बढ़कर होता हैं- वह आपका हमसफ़र हो सकता है। एक ऐसा व्यक्ति जिस पर आप अपनी अंतिम सांस तक भरोसा कर सकते हैं।

अपने बच्चों और उनके कजिन के बीच अच्छे संबंधों को बढ़ावा दें

अगर आज भी आपके अपने और अपने पति या पत्नी के भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंध हैं तो ऐसे मिलन समारोह करवाने में संकोच न करें जिनका सभी बड़े आनंद उठा सकें और परिवारों के युवा सदस्यों को एक-दूसरे के साथ कुछ समय बिताने का मौका मिले।

  • यह न भूलें कि बच्चों के लिए उनकी उम्र के पहले छह साल बहुत अहम होते हैं। इस नाजुक उम्र में हर घटना महत्वपूर्ण होती है।
  • अगर आप कजिंस के बीच खेल, एडवेंचर, स्नैक्स, हंसी मजाक, उछलकूद, गाना-बजाना, अंताक्षरी खेलने आदि को बढ़ावा देते हैं तो आप न केवल उन्हें ख़ुशियों के पल देते हैं बल्कि जीवन भर के लिए संजोने वाली यादें भी देते हैं। इनके साथ वे प्यार और आनंद के अहसास के साथ बड़े होते हैं।

अपने बच्चों को अपने कजिंन्स के साथ वैसा ही सकारात्मक रिश्ता बनाने के लिए प्रोत्साहित करें जैसा आपका अपने कजिंन्स के साथ रहा है।

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