नाती-पोते हमें ये 4 अद्भुत बातें सिखाते हैं

मई 22, 2018
हमारे नाती-पोते हमें अपने बच्चों के साथ की गयी गलतियों को सुधारने का मौका देते हैं। इसमें जिम्मेदारी कम होती है। क्योंकि उनको सिखाने का उत्तरदायित्व अकेले हमारे ऊपर नहीं होता।

आपके नाती-पोते आपको जीवन के ऐसे पहलुओं से परिचित कराते हैं जिनके बारे में आप जानते भी नहीं हैं।

बच्चों के जन्म के बाद माता-पिता की ज़िन्दगी में भारी बदलाव आता है। लेकिन जब हमारे नाती-पोते होते हैं तो आनंद कुछ और ही मिलता है। कुछ लोग जल्दी दादा-दादी और नाना-नानी बन जाते हैं। कुछ लोगों की इस इच्छा के पूरा होने में समय लगता है।

हर स्थिति अलग होती है लेकिन दादा-दादी या नाना-नानी बनने की अवस्था ख़ास होती है। इसमें नयी चुनौतियों और अप्रत्याशित स्थितियों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में जीवन की इस अवस्था पर थोड़ा विचार करना और यह जानना कि यह हमारे लिए क्या कुछ नया लेकर आती है, अच्छा रहेगा।

नाती-पोते ज़िन्दगी को रोशन कर देते हैं

बच्चों का पालन-पोषण माता-पिता की जिम्मेदारी है। वे अपने बच्चों के जीवन में मुख्य भूमिका निभाते हैं। उनकी यह जिम्मेदारी होती है कि वे हर कदम पर बच्चों के साथ रहें।

माँ-बाप के बाद बच्चे ज्यादातर अपने दादा-दादी पर निर्भर करते हैं। कई बार अपने माता-पिता के साथ हमारा रिश्ता बहुत अच्छा नहीं होता है। फिर भी ज्यादातर लोग इस रिश्ते को सकारात्मक रूप से बनाये रखते हैं। वे अपने बच्चों की परवरिश में दादा-दादी के सहयोग को  महत्त्व देते हैं।

हमारे नाती-पोते खुशी देते हैं
आइये देखें कि दादा-दादी के जीवन में उनके नाती-पोते की कितनी अहमियत है।

1. नाती-पोते हमारी गलतियों का आइना दिखाते हैं

किसी भी व्यक्ति को बच्चों के पालन-पोषण के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है। कई बार हमें अपने बच्चों की परवरिश वैसी करनी पड़ती है जैसी हम खुद नहीं चाहते। आर्थिक समस्याओं या काम-काज की वजह से हमें ज्यादा समय के लिए बाहर रहना पड़ता है। हम अपने बच्चों की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं।

  • अपने नाती-पोते की देखभाल करते समय दादा-दादी को अपनी गलतियां याद आती हैं। वे सोचते हैं कि किस प्रकार उनसे बच सकते थे। वे उन गलतियों को सुधारने के उपाय सोचते हैं।
  • वे यह नहीं चाहते कि वही गलतियां दोबारा हों। इसलिए वे नए-नए माँ-बाप बने अपने बच्चों को सलाह देते हैं। हर माता-पिता को उनकी राय माननी चाहिए।

2. खुशी देना ही एकमात्र लक्ष्य

माता-पिता सीमाएं तय करते हैं और नियम बनाते हैं। चेतावनी देना और गलत व्यवहार के लिए सजा देना भी उनकी जिम्मेदारी है।

  • दादा दादी भी अच्छी बातें सिखाते हैं। लेकिन उनका उत्तरदायित्व थोड़ा अलग होता है। जब वे खुद माँ-बाप बने थे, तो पालन-पोषण करने की उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी। अब अपने नाती-पोते को खुश रखना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य होता है।
  • उनके लिए नाती-पोते एक नयी शक्ति के स्रोत होते हैं। वे उन्हें अपने को पूरी तरह से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

3. हमारे नाती-पोते विरासत में हमसे क्या पाते हैं

जीवन में हमने जो कुछ अनुभव किया है और जो सीखा है, वह ज्ञान हम उन्हें देते हैं। हमारी सफलताओं और साहसिक कामों का फल भी उनको मिलता है। इसके अलावा हमारा अद्भुत दृष्टिकोण ही वह असली खजाना है जो हम अपने नाती-पोतों को देते हैं।

  • ध्यान रखें, दादा-दादी अपने नाती-पोते को कहानियां सुनाते हैं, उनको प्यार देते हैं। परिवार के लोगों में उनकी प्यार भरी याद रह जाती है।
  • आपको जब भी अवसर मिले बच्चों से बात करें, उन्हें कहानियां सुनायें और उनके हर सवाल का उत्तर दें। आपको उनकी प्यार भरी मुस्कराहट को देखकर जागना चाहिए। उनकी मुस्कराहट से आपको उत्साह मिलेगा। उससे प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उस मुस्कान से आपका दिल रोशन होना चाहिए।

हमारे नाती-पोते आनंद देते हैं

4. नाती-पोते हमारी खोयी हुई ताकत का आभास कराते हैं

जब आप एक बच्चे की परवरिश करते हैं तो आपमें काफी बदलाव आता है। आप सीखते हैं कि हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। बाधाओं का सामना करना चाहिए। इन बच्चों को संसार की सबसे अच्छी चीजें देने के लिए भरपूर कोशिश करनी चाहिए।

  • जब ये बच्चे बड़े होंगे, वे परिपक्व दृष्टिकोण के साथ दुनिया का आसानी से  सामना कर सकेंगे। हमें इनपर गर्व होगा।
  • ऐसे तो हमारे खुद के शौक, परिवार और जिम्मेदारियां होती हैं। लेकिन परिवार में नाती-पोतों के आने पर बहुत सी बातें बदल जाती हैं।
  • हम अपने को नयी पहचान देते हैं। हम अब “दादा दादी” या “नाना नानी” होते हैं। हमें अपने नाती-पोतों के लिए ज्यादा से ज्यादा भावनात्मक सहारे और प्यार का स्रोत बनना चाहिए।

इन सबके लिए बहुत कुछ करना पड़ता है। कई तरह की नयी चुनौतियां भी होती हैं। लेकिन यह बेहद आनंददायक भी होता है। हमें इन चुनौतियों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने के लिए उत्सुक होना चाहिए।