फ्लूइड रिटेंशन से बचने और सूजन को कम करने का तरीका

29 नवम्बर, 2018
फ्लूइड रिटेंशन के लिए आपकी डाइट एक रेगुलेटर की तरह है। आपको अपनी डाइट केवल उन्ही चीजों को लेना चाहिये जिनमें ड्यूरेटिक गुण होते हैं और इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करें कि अपने शरीर के नेचुरल डिटॉक्स को बढ़ावा देने के लिए आप लगातार फिजिकल एक्टिविटी करते रहें
 

फ्लूइड रिटेंशन के बारे में एक बात हम यह जानते हैं कि यह आमतौर पर शरीर के टिश्यू में पानी भर जाने के कारण होता है।

ऐसा क्यों होता है? आमतौर पर पानी के शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में ठीक से सर्कुलेट नहीं हो पाने के कारण ऐसा होता है।

आपका शरीर उन्हें सही अनुपात में बनाये रखने के लिए अपने लिक्विड लेवल को लगातार एडजस्ट करता रहता है।

जब आप जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, तो फालतू पानी आपकी किडनियों से होते हुये पेशाब के रूप में बाहर निकल जाता है, या फिर आपकी स्किन से पसीने के रूप में निकल जाता है।

दिक्कत तब होती है जब आपका शरीर इस फालतू पानी को बाहर नहीं निकाल पाता है। इससे संतुलन बिगड़ने लगता है और फ्लूइड रिटेंशन यानी जल जमाव की समस्या पैदा होती है।

हाइड्रेशन और एडिमा (Hydration and edema)

हाइड्रेशन और एडीमा (Hydration and edema)

शरीर का अच्छी तरह से हाइड्रेटेड होना और एडिमा, दोनों अलग-अलग चीजें हैं। एडिमा या सूजन आपके शरीर के अन्दर पानी के जमा होने का साफ संकेत है (यह ज्यादातर पैरों में दिखाई देता है)।

खून को ठीक से सर्कुलेट करने के लिए आपके पैरों को एक मजबूत सर्कुलेशन की जरूरत होती है और अक्सर यहीं पर असंतुलन देखने को मिलता है (उदाहरण के लिए जब आप बहुत देर तक बैठे या खड़े रहते हैं)।

आमतौर पर एडिमा  एस्ट्रोजेन से होने वाली हार्मोन की गड़बड़ियों, खाने में जरूरत से ज्यादा सोडियम की मात्रा या सुस्त लाइफस्टाइल की वजह से होने वाले धीमे ब्लड सर्कुलेशन के कारण होता है।

अगर फ्लूइड रिटेंशन शरीर के ऊपरी हिस्सों (जैसे, बांहों, हाथों या यहां तक कि चेहरे में) में दिखाई दे, तो इसका कारण किडनी का ठीक से काम नहीं करना हो सकता है

महिलाओं में, पीरियड के दौरान फ्लूइड रिटेंशन की समस्या महसूस होना बहुत आम है।

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नसों के काम में गड़बड़ी (The function of veins)

 

आपकी नसें पूरी तरह से सील्ड नलियां नहीं होती हैं, जैसा कि आप सोचते हैं। आपकी नसों की लाइनिंग पानी को भी अन्दर आने और बाहर निकलने में मदद करती है।

कभी-कभी, कई कारणों से, फ्लूइड के सर्कुलेशन को बनाये रखने वाला यह मेकनिज्म ठीक से काम करना बंद कर देता है जिससे फ्लूइड शरीर के कुछ खास हिस्सों में जमा होने लगते हैं।

इसका कारण क्या है? यह कई वजहों के चलते हो सकता है:

  • आमतौर पर इसका कारण यह है कि नसें पानी को रोके रखने में नाकाम रहती हैं, और ऐसा तब होता है जब वैरीकोस वेंस की समस्या होती है।
  • यह इसलिये भी हो सकता है कि जब आप बहुत लंबे समय से खड़े हों, तो नसों के अंदर दबाव बनने लगता है।

फ्लूइड रिटेंशन के लक्षण (Signs of fluid retention)

फ्लूइड रिटेंशन के लक्षण (Signs of fluid retention)

आप फ्लूइड रिटेंशन का एक साफ-साफ लक्षण उस समय देख सकते हैं जब आप अपने पैरों की स्किन को दबाते हैं और पाते हैं कि जहां पर आपने दबाया था वहां पर एक देखने लायक निशान बन जाता है।

आपको एक तरह की गहरी रेखा दिखाई देगी और स्किन को पहले की तरह सामान्य स्थिति में आने में कुछ सेकंड लग सकते हैं।

अगर आपको हर दिन फ्लूइड रिटेंशन की समस्या महसूस होती है और आप फुलाव या सूजन को देख पाते हैं, तो अच्छा होगा कि आप इसे तुरंत किसी डॉक्टर को दिखायें।

वे खराब सर्कुलेशन से जुड़ी किसी भी समस्या को रोकने में आपकी मदद कर सकते हैं।

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फालतू पानी को बाहर निकालने और सूजन की समस्याओं से निपटने के कुछ टिप्स

सूजा हुआ हाथ
 

  • जब बात आती है फ्लूइड रिटेंशन से बचने की तो इसके लिये फिजिकल एक्सरसाइज बहुत कारगर हैं। सबसे जरूरी है कि आप उन एक्सरसाइज को ही चुनें जिनके लिये मांसपेशियों को ज्यादा कसना नहीं पड़ता है।
    फिजिकल एक्टिविटी नसों और मांसपेशियों पर दबाव बनाकर, आपके पूरे शरीर, खासतौर पर आपके पैरों के सर्कुलेशन में सुधार करती है।
    बेहतर सर्कुलेशन आपके शरीर में जमें फालतू पानी को यूरिन के रूप में बाहर निकालने में बहुत ही मददगार साबित हो सकता है।
  • टाइट मोज़े भी फ्लूइड रिटेंशन को रोकने में भी मदद कर सकते हैं, खासतौर पर उन लोगों के लिए जिनकी लाइफस्टाइल बहुत ही सुस्त है, जो या तो बैठे-बैठे रहते हैं या खड़े-खड़े रहते हैं।
  • आप अपने रोजाना के काम-काज शुरू करने से पहले इन मोजों को पहन सकते हैं।
  • खूब सारे फल और सब्जियां खाना शरीर के लिए हमेशा फायदेमंद रहता है। बिल्कुल ऐसा ही फ्लूइड रिटेंशन के मामले में भी होता है। दूसरी चीजों के अलावा, कुछ फल जैसे अंगूर शरीर में जमें फालतू पानी को खत्म करने में कारगर होता है।
  • अगर आपको अपने शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने की आदत है तो अनन्नास और पपीता और पोटेशियम से भरपूर दूसरे फल जैसे केला, खरबूजा और तरबूज आपके लिये बहुत अच्छे विकल्प हैं।
  • एड़ियों की सूजन से निपटने के लिए दिन के अलग-अलग समय में अपने पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करना भी फायदेमंद हो सकता है।
    अपने पैरों को अपने घुटनों की सीध में ऊपर और अपने घुटनों को अपने हिप्स की सीध में ऊपर रखें।
  • आपके द्वारा पहने गये कपड़े भी आरामदायक होने चाहिए। ज्यादा टाइट कपड़े ठीक से हिलने-डुलने में परेशानी पैदा करते हैं और फ्लूइड रिटेंशन को बढ़ावा देते हैं।
  • आपको नमक का कम से कम इस्तेमाल करने की आदत डालनी चाहिये। हालाँकि आपके शरीर के लिये एक निश्चित मात्रा में सोडियम जरूरी होता है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल फ्लूइड रिटेंशन की समस्या को और बदतर कर सकता है।
  • अपनी डाइट में उन जड़ी-बूटियों और पौधों को शामिल करना एक अच्छा विकल्प है जो खुशुबुदार होने के साथ-साथ ड्यूरेटिक गुणों से भी भरपूर होते हैं। इसके कुछ अच्छे उदाहरणों में हॉर्सटेल ग्रास, ग्रीन टी, डेन्डेलियन टी और दूसरी चीजें शामिल हैं।
 
  • Rakova, N., Kitada, K., Lerchl, K., Dahlmann, A., Birukov, A., Daub, S., … Titze, J. (2017). Increased salt consumption induces body water conservation and decreases fluid intake. Journal of Clinical Investigation. https://doi.org/10.1172/JCI88530
  • Ray, E. C., & Kleyman, T. R. (2017). An Increasingly Complex Relationship Between Salt and Water. American Journal of Kidney Diseases. https://doi.org/10.1053/j.ajkd.2017.07.007