अपनी टांगों को रोज 20 मिनट के लिए ऊपर उठाने के फायदे 

28 मई, 2018
अपने पैरों पर खड़े होने की बात तो सभी करते हैं। लेकिन क्या किसी ने आपको कभी बताया है कि अपनी टांगों को ऊपर उठाने से भी बहुत फायदा होता है? मज़े की बात यह है कि ऐसा करने से आपको ढेर सारे फायदे बिना एड़ी चोटी का जोर लगाये ही मिल जाते हैं।

अपनी टांगों को ऊपर उठाकर रखने की तकनीक जितनी आसान है उतनी ही फायदेमंद भी! इससे पॉस्चर में सकारात्मक बदलाव आता है, फंसे हुए तरल पदार्थ बाहर हो जाते हैं और नसों में ग्रेविटी के कारण आने वाली बाधा दूर हो जाती है।

पहली बार सुनने में आपको यह बात कुछ अटपटी सी लग सकती है। लेकिन यह कोई बेवकूफी की बात नहीं है। टांगों को ऊपर उठाने के बहुत सारे फायदे हैं। हो सकता है आपने इन फायदों के बारे में कभी सोचा भी न हो।

दरअसल हमलोग अपने शरीर और इसके सारे जरूरी कामों से परिचित नहीं हैं। इसलिए ये फायदे हमको कुछ अनेपक्षित से लगते हैं।

इस अभ्यास की अहमियत समझने के लिए आप सोच कर देखें, हर पल आपके हृदय को कितनी मेहनत करनी पड़ती है जिससे खून शरीर के ओर-छोर तक पहुँच सके और वापस सेंटर में आ सके।

इस बात पर गौर करें कि खून को टांगों से वापस हृदय तक आने में कितनी ग्रेविटी का मुकाबला करना पड़ता होगा (इसीलिए तो कई बार यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है और वेरीकोस विन्स या कोई और परेशानी पैदा हो जाती है!)

वैसे भी नयी चीजों को आजमाने में कोई बुराई नहीं है। बहुत सी ऐसी साधारण एक्सरसाइज़ हैं जो हमें वजन घटाने या टांगों को मजबूत और सुडौल बनाने में मदद नहीं करती हैं। लेकिन वे उनसे कहीं ज्यादा जरूरी काम करने में हमारा साथ दे सकती हैं, वह है सलामती और शांति की अवस्था।

आइये हम देखें कि अपने जीवन की गुणवत्ता को रोजाना की एक्सरसाइज़ में सबसे आसान एक्सरसाइज़ से कैसे सुधार सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ भी न तो खर्च करना है और न ही अपना कीमती समय देना है। सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसमें थकान नहीं होगी।

तो यह एक्सरसाइज़ क्या है?

यह सिर्फ एक शारीरिक एक्सरसाइज़ नहीं है बल्कि एक उपचारात्मक टेकनीक है। इसे एक्सरसाइज़ कहना उचित नहीं है क्योंकि इसमें जरा सा भी शारीरिक श्रम नहीं करना पड़ता है। असल में इसमें किसी मांसपेशी कोकसरत कराने या ताननेकी जरूरत नहीं पड़ती।

वास्तव में यह एक योग तकनीक है जिसका अभ्यास मन और तन के बीच में एक गहरा संबंध स्थापित करने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त यहरक्त संचार के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसलिए इसे करने से हमें अन्य बहुत सारे बोनस फायदे भी होते हैं।

लेकिन यह याद रहे, अगर आपको पीठ की कोई भी तकलीफ है तो इसका अभ्यास न करें।

  • शुरू में ठीक और आरामदेह पॉस्च्रर प्राप्त करने के लिए आप अपने पीठ के निचले हिस्से के नीचे एक छोटा कुशन लगा सकते हैं।
  • अपनी टांगों को दीवार से टेक लगाकर एकदम सीधा रखें और बांहों को फैलाकर विश्राम करें।
  • बस आपको इतना ही करना है! बिना कुछ और किये कम से कम 15 या 20 मिनट तक इस पोज़ीशन में रहें। इस समय आप सिर्फ अपने शरीर के संतुलन के बारे में जागरूक रहें और तसल्ली और शांति महसूस करें।

इस साधारण रिलैक्सेशन तकनीक का अभ्यास करते समय ढीले, आरामदेह कपड़े पहनें जो कमर और टखनों के चारोंओर कसे नहीं।

इस एक्सरसाइज़ का उद्देश्य है रक्त संचार को बढ़ावा देना। इसलिए अगर आप कसे हुए कपड़े पहनेंगे तो इस काम में बाधा आयेगी और इसका मकसद पूरा नहीं हो पायेगा।

अपनी टांगों को ऊपर उठाने के 5 लाजवाब फायदे

1. अपनी टांगो और पैरों में शोफ को कम करें

जब असामान्य रूप से त्वचा के नीचे खून एकत्र हो जाता है तो उसे इडिमा या शोफ कहते हैं। अगर टांगों और पैरों में शोफ होता है तो यह साफ बताता है कि शरीर में रक्त संचार की कोई समस्या है। इसलिए यह पता करना जरूरीहै कि यह किस वजह से हो रहा है।

  • कभी-कभी यह गुर्दों की किसी परेशानी के कारण होता है। नहीं तो, हृदय की किसी समस्या की वजह से या बेहद मोटे होने पर होता है।
  • यह किसी दवाई का साइड-इफेक्ट हो सकता है। यही नहीं,यह कम खाना खाने से भी होता है।

सबसे पहले हमें इसका सही कारण पता करना चाहिए और इलाज करना चाहिए। ऐसा करना बहुत ज़रूरी है। उसके बाद यह रिलैक्स करने वाला घरेलू उपाय हमें समस्या से बेहद आराम दिला सकता है।

टांगों को ऊपर उठाकर रखने से फ्लुइड्स के बहाव को प्रोत्साहन मिलता है जो रक्त के सुचारू परिसंचरण में बाधा बन सकते हैं।

कई बार दिन भर खड़े रहने की वजह से पैर सूज जाते हैं।

ऐसे लम्बे दिन के बाद में अपने जूते-चप्पल उतारकर अगर आप सिर्फ अपनी टांगों को दीवार के सहारे ऊपर उठाकर रखेंगे और रिलैक्स करेंगे तो आपको बहुत आराम मिलेगा। ग्रेविटी की बदौलत आपके थके हुए अंगों को जल्दी से राहत मिलेगी।

2. थकी हुई टांगों की थकान दूर करें

अगर आप टांगों, पैरों और कमर के तनाव को दूर करना चाहते हैं तो अपनी टांगों को ऊपर उठाकर रखें। यह इनके तनाव को दूर करने का सबसे आसान और अच्छा तरीका है। दिन भर में इन तीनों जगहों पर सबसे ज्यादा जोर पड़ता है। इस एक्सरसाइज़ में 20 मिनट के लिए आपका पॉस्चर एकदम बदल जाता है जिससे इन जगहों का तनाव दूर हो जाता है और बेहद आराम मिलता है।

3. अपने पाचन को सुधारें

अपनी टांगों को ऊपर हवा में रखने की एक्सरसाइज़ एक “सक्रिय निवेश” के समान है।

इस तरह अपनी पोज़ीशन बदलने से, जिसमें एकदम से पैर ऊपर और सिर नीचे जमीन पर होता है, आपको फंसे हुए तरल पदार्थों को मुक्त करने और पाचन को सुधारने में मदद मिलती है।

यह एक्सरसाइज़ आंतों की गतिशीलता को बढ़ावा देने में गजब का काम करती है। इससे हमें आगे चलकर पोषक तत्वों को बेहतर तरह से अवशोषित करने और कब्ज से निपटने में सहायता मिलती है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से आमतौर पर हमारा हाल चाल ठीक रहता है जिसके संकेत अंदर और बाहर दोनों दिखाई देते हैं।

4. तंत्रिका तंत्र को रिलैक्स करें

इस पोज़ीशन को अपनाने से आपके साँस लेने के पैटर्न में भी सुधार होगा।

जब आप इस पोज़ीशन में होते हैं तो आप ज्यादा हवा को अन्दर रखते हैं। धीरे-धीरे आपका शरीर धीमे और नियमित रूप से साँस अंदर लेने और छोड़ने लगता है।

यह हमें पेट, गर्दन और कनपटी के आसपास की मांसपेशियों के तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसका तंत्रिका तंत्र पर अद्भुत असर होता है।

5. शांति महसूस करें

इसका अभ्यास करके आपको सबसे पहले शारीरिक आराम मिलेगा। लेकिन यह यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। तन का यह आराम दिन भर की स्ट्रेस के बाद आपके मन को रिलैक्स करने में गजब का काम करेगा।

इस पोज़ीशन में ऑक्सीजन को दिमाग की ओर जाने का अवसर मिलता है। इसलिए हम अनायास ही ध्यान करने लगते हैं। हम अपने मन को विश्राम करने का मौका देते हैं और अपने बारे में ज्यादा जागरूक होते हैं। अपने शरीर के बारे में ज्यादा जानकार होने से हमें स्थिरता, शांति और बेहतरीन सामंजस्य महसूस होता है।

इसके अलावा जब आप रोज इस आसान थेरेपी को करते रहेंगे तो आपको इसके और भी बहुत सारे फायदे दिखाई देंगे।

तो फिर आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं? इसे आज ही आजमायें!

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