6 हर्बल ड्रिंक: सेल्युलाईट के निशान से दिलाएंगे राहत

03 फ़रवरी, 2019
एक अनुमान के अनुसार 90% से ज़्यादा महिलायें सेल्युलाईट से पीड़ित हैं। हानिरहित होने के बावजूद उसका होना हमारी खूबसूरती पर किसी दाग के होने जैसा होता है। कुछ सेहतमंद और प्राकृतिक ड्रिंक्स की मदद से उसका मुकाबला करने की तरकीबों के बारे में जानने के लिए हमारा लेख पढ़ें!

औरतों को प्रभावित करने वाली सबसे आम समस्याओं में से एक है सेल्युलाईट। एक अनुमान के अनुसार 90% से ज़्यादा महिलायें इससे पीड़ित होती हैं। इस लेख में सेल्युलाईट का मुकाबले करने के लिए हम आपको 6 शानदार हर्बल ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं।

इससे हमारे शरीर का कनेक्टिव टिशू प्रभावित होता है। हमारे शरीर में मौजूद तरल पदार्थ और चर्बी उसी में जमा होते हैं। हमारी त्वचा पर दिखाई देने वाले छोटे-छोटे डिंपल्स के लिए वे ही ज़िम्मेदार होते हैं।

आमतौर पर सेल्युलाईट कूल्हों, पेट और टांगों पर ही दिखाई देता है। लेकिन कभी-कभी यह हमारे शरीर के ऊपरी हिस्से, ख़ासकर हमारी बाज़ुओं पर भी हो सकता है।

हालांकि सेल्युलाईट किसी गंभीर बीमारी का लक्षण तो नहीं होता, उसके पीछे हॉर्मोन असंतुलन, फ्लूइड रिटेंशन या फ़िर लिम्फेटिक प्रणाली की किसी समस्या का हाथ हो सकता है।

खुशकिस्मती से, हमारी खूबसूरती पर ग्रहण लगाने वाली इस परेशानी को कम करने के कई तरीके और इलाज मौजूद हैं। उनसे न सिर्फ़ आपकी त्वचा बेहतर दिखने लगती है, बल्कि आपके आत्मविश्वास और आत्मसम्मान भी बढ़ता है।

इस पोस्ट में हम आपको सेल्युलाईट का मुकाबला करने वाली 6 ऐसी रोचक हर्बल ड्रिंक के बारे में बताना चाहेंगे। ये इस समस्या का असर घटाने वाली बाकी अच्छी आदतों को और भी कारगर बना देती हैं।

इन्हें आज़माकर देखना न भूलें!

1. सिंहपर्णी की चाय (Dandelion tea)

डंडेलियन टी की मदद से पाएं सेल्युलाईट से राहत

सिंहपर्णी या कुकरौंधा की चाय का सेवन शरीर में सेल्युलाईट की मात्रा कम करने वाली प्रक्रिया में तेज़ी लाने के सबसे कारगर घरेलू उपायों में से एक है।

इसकी मूत्रवर्धक और सूजनरोधी खूबियाँ हमारे शरीर के टिशूज़ से तरल पदार्थों की अतिरिक्त मात्रा को निकाल बाहर करती हैं। इस समस्या से निपटने में उसकी ये खूबियाँ निर्णायक भूमिका निभाती हैं।

सामग्री

  • एक चम्मच डंडेलियन (10 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने व सेवन की विधि

  • एक चम्मच डंडेलियन को एक कप उबलते पानी में डालकर उसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें
  • बेहतरीन नतीजों के लिए उसे दिन में 2-3 बार पिएं

इसे भी पढ़ें : सेल्युलाईट से पाएं छुटकारा, जानें कैसे बनता है एल्कोहल और रोजमेरी ट्रीटमेंट

2. हॉर्सटेल चाय (Horsetail tea)

सेल्युलाईट और हॉर्सटेल टी

अश्वा पुच्छा या हॉर्सटेल से बनी इस औषधीय ड्रिंक में सफ़ाई करने वाली और मूत्रवर्धक खूबियाँ हैं। इससे शरीर से टॉक्सिन और जमे हुए तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मददगार मिलती है। उसमें मौजूद कंपाउंड रक्तसंचार में सुधार लाकर चर्बी और मल आदि के जमाव को कम करने में शरीर की मदद करते हैं

सामग्री

  • एक चम्मच हॉर्सटेल (10 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने व सेवन की विधि

  • एक कप पानी को गर्म करें।
  • उसके गर्म हो जाने पर उसमें एक चम्मच हॉर्सटेल डाल दें।
  • फिर उस मिश्रण को दस मिनट के लिए काढ़ा होने दें।
  • दस मिनट के बाद उसे छानकर खाली पेट पी लें
  • रोज़ सुबह या हफ्ते में कम से कम तीन बार उसे उतनी ही मात्रा में पिएं।

3. ग्रीन टी (Green tea)

ग्रीन टी पीकर पाएं सेल्युलाईट से छुटकारा

अपने कमाल के मूत्रवर्धक और डीटॉक्सिफाईंग गुणों के चलते सेल्युलाईट और चर्बी के जमाव से निपटने के लिए ग्रीन टी सबसे कारगर हर्बल ड्रिंक्स में से एक है।

उसके सक्रिय औषधीय कंपाउंड्स आपकी मेटाबोलिक गतिविधियों में सुधार लाते हैं और सूजन व लिम्फेटिक रोगों की चपेट में आ जाने की आपकी शारीरिक प्रवृत्ति को कम कर देते हैं।

सामग्री

  • एक चम्मच ग्रीन टी (10 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने व सेवन की विधि

  • एक चम्मच ग्रीन टी को एक कप पानी में डालकर उसे 3-5 मिनट तक उबलने दें।
  • तैयार हो जाने पर उसे छांटकर पी लें।
  • रोज़ाना दो कप पिएं।

इसे भी आजमायें : रोज़ाना ग्रीन टी पीने का हमारे शरीर पर क्या असर होता है?

4. हॉर्स चेस्टनट टी (Horse chestnut tea)

हॉर्स चेस्टनट टी की मदद से पाएं सेल्युलाईट से राहत

न सिर्फ़ सेल्युलाईट का मुकाबला करने में, बल्कि अपने शरीर के निचले हिस्से में रक्तसंचार को भी बेहतर बनाने में हॉर्स चेस्टनट टी मददगार होती है।

इस ड्रिंक के सूजनरोधी और खून के थक्के बनने से रोकने वाले गुण सेल्युलाईट का मुकाबला करते हैं, टांगों को आराम पहुंचाते हैं व दिनभर के आपके दर्द और चिंता को कम कर देते हैं।

सामग्री

  • एक चम्मच हॉर्स चेस्टनट (5 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने व सेवन की विधि

  • एक कप पानी को गर्म कर लें। जब वह उबलने लगे तो उसमें एक चम्मच हॉर्स चेस्टनट डाल दें।
  • चाय को दस मिनट तक उबलने रख दें। फिर उसे छानकर पी लें।
  • दिन में दो कप, हफ्ते में कम से कम 3 बार पिएं।

इसे भी पढ़ें : रोज़मेरी के असाधारण उपयोग और फ़ायदे आपको हैरान कर देंगे

5. पार्सले की चाय (Parsley tea)

सेल्युलाईट और अजमोद वाली चाय

पार्सले के मूत्रवर्धक प्रभाव तरल और टॉक्सिन के जमाव की वजह से फूले हुए टिशूज़ की हवा निकाल देने में मददगार होते हैं

पार्सले के एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के साथ-साथ उसकी ये खूबियाँ सेल्युलाईट से लड़ने वाली सबसे बेहतरीन हर्बल ड्रिंक्स और पार्सले के इलाज के सबसे कारगर पूरकों में से उसे एक बना देती हैं।

सामग्री

  • एक चम्मच ताज़ा अजमोद (10 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने व सेवन की विधि

  • ताजी पार्सले को उबलते पानी के कप में डालकर उसे ढक दें। उस मिश्रण को करीब 15 मिनट तक बैठ जाने दें।
  • इसके बाद उस चाय को छानकर उसका सेवन करें।
  • रोज़ाना तीन कप तक पिएं।

6. ब्राम्ही बूटी चाय (Asian centella tea)

एशियाई सेंटेला चाय पीकर पाएं सेल्युलाईट से राहत

ब्राह्मी बूटी या मण्डूकपर्णी (Centella asiatica) नाम के पौधे की सूजनरोधी, मूत्रवर्धक और डीटॉक्सिफाईंग खूबियाँ सेल्युलाईट की संतरे के छिलके जैसी दिखावट को कारगर ढंग से कम करने में आपकी मदद करती हैं। उसकी प्राकृतिक विशेषतायें आपके शारीरिक तापमान को बढ़ाती हैं, रक्तसंचार को पुनः सक्रिय कर देती हैं व चर्बी को गलाने के लिए आपके शरीर में मेटाबोलिक गतिविधियों में तेज़ी ले आती हैं

ये रही सेल्युलाईट से लड़ने के लिए सबसे बेहतरीन ड्रिंक में से एक की रेसिपी:

सामग्री

  • एक चम्मच सेंटेला (10 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने व सेवन की विधि

  • एक चम्मच सेंटेला को पानी के कप में डालकर उस मिश्रण को पांच मिनट तक उबलने दें।
  • तैयार हो जाने पर उसे बैठ जाने दें व फिर उसे छान लें।
  • खाने के बाद दिन में दो बार उसका सेवन करें।

जैसाकि आप देख सकते हैं, आपकी सुंदरता को प्रभावित करने वाली इस समस्या से निपटने में कुछ औषधियों के गुण आपके लिए बहुत काम के हो सकते हैं। इनमें से सबसे ज़्यादा ध्यान खींचने वाली ड्रिंक को आज़माकर देखें व बेहतरीन नतीजों के लिए उसके साथ-साथ अन्य स्वस्थ आदतों को भी अपनाएं

    • Baladia, Eduard, Basulto, Julio, Manera, María, Martínez, Rodrigo, & Calbet, David. (2014). Efecto del consumo de té verde o extractos de té verde en el peso y en la composición corporal: revisión sistemática y metaanálisis. Nutrición Hospitalaria29(3), 479-490. https://dx.doi.org/10.3305/NH.2014.29.3.7118
    • Bellucci, A. P. (2003). La herbolaria en los mercados tradicionales. Revista del Centro de Investigación de la Universidad la Salle5(20), 63-63.
    • Clapé Laffita, O., & Castillo, A. A. (2011). Caracterización fármaco-toxicológica de la planta medicinal Sambucus nigra subsp. canadensis (L). R. Bolli. Revista Cubana de Farmacia45(4), 586-596.
    • Pérez Machín, M., Sueiro, M. L., de la Cruz, A., Boffill, M. A., Morón, F., Méndez, O. R., & Cárdenas, J. (2011). Uso tradicional de plantas medicinales con acción diurética en el Municipio de Quemado de Güines, Cuba. Revista de Biología Tropical59(4), 1859-1867.
    • Waizel-Bucay, J., Waizel-Haiat, S., & Revilla-Peñaloza, F. (2017, September). Los productos herbolarios, la coagulación sanguínea y la cirugía otorrinolaringológica. In Anales de Otorrinolaringología (Vol. 62, No. 2, pp. 115-142).
    • Revista Virtual de la Sociedad Paraguaya de Medicina Interna. On-line version ISSN 2312-3893. http://scielo.iics.una.py/scielo.php?pid=S2312-38932017000200019&script=sci_abstract&tlng=es
    • Academia Española de Dermatología y Venereología. Celulitis, lo último para combatirla. https://aedv.es/comunicacion/notas-de-prensa/celulitis-lo-ultimo-para-combatirla/
    • Nutr Rev. 2012 Sep;70(9):534-47. Diverse Biological Activities of Dandelion. doi: 10.1111/j.1753-4887.2012.00509.x. Epub 2012 Aug 17.
    • J Altern Complement Med. 2009 Aug; 15(8): 929–934. The Diuretic Effect in Human Subjects of an Extract of Taraxacum officinale Folium over a Single Day. doi: 10.1089/acm.2008.0152
    • PennState Hershey. Horsetail. http://pennstatehershey.adam.com/content.aspx?productid=107&pid=33&gid=000257
    • J Adv Pharm Technol Res. 2012 Apr-Jun; 3(2): 136–138. Evaluation of anti-inflammatory effects of green tea and black tea: A comparative in vitro study. doi: 10.4103/2231-4040.97298
    • Revista Brasileira de Farmacognosia. Volume 25, Issue 5, September–October 2015, Pages 533-541. Horse chestnut – efficacy and safety in chronic venous insufficiency: an overview. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0102695X15001003
    • WebMD. HORSE CHESTNUT. https://www.webmd.com/vitamins/ai/ingredientmono-1055/horse-chestnut
    • Indian J Pharm Sci. 2010 Sep-Oct; 72(5): 546–556. Pharmacological Review on Centella asiatica: A Potential Herbal Cure-all. doi: 10.4103/0250-474X.78519