वेट लॉस ड्रग्स के बारे में जानिये ये अहम तथ्य

01 अप्रैल, 2020
वेट लॉस ड्रग्स या वजन घटाने वाली दवाएं मोटापे का समाधान नहीं हैं। हालांकि वे वजन बढ़ने से रोकने के लिए ज़रूरी लाइफस्टाइल में बदलाव करने में मदद कर सकती हैं। फिर भी इन दवाओं में से कोई भी अब तक डाइट और एक्सरसाइज के मिलेजुले असर से ज्यादा असरदार साबित नहीं हुई हैं।

वेट लॉस ड्रग्स या वजन घटाने वाली दवाओं के बारे में बहुत से मिथ और गलत जानकारियाँ फ़ैली हैं। दुर्भाग्य से, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री ने कई चीजों को पॉपुलर बनाया है। ये दवाएं वजन घटाने में मददगार होने का वादा करती हैं, लेकिन असरदार नहीं होती या सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकती हैं।

आखिरकार वजन घटाने वाली दवाएं ड्रग्स ही हैं। इसलिए इन्हें सिर्फ ऐसे डॉक्टर की सिफारिश पर ही इन्हें लिया जाना चाहिए जिन्होंने उस मरीज का बाकायदा चेकअप किया है और मरीज के ख़ास मामले में उसकी ज़रूरत महसूस करते हैं।

हमें ध्यान देना चाहिए कि वजन घटाने वाली दवाएं मैजिक सॉल्यूशन नहीं हैंवजन घटाना एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई मोर्चों पर जद्दोजेहद करने की ज़रूरत होती है। इस मामले में यदि कोई दवा मदद कर भी सकती है, तो भी यह सही डाइट और एक्सरसाइज की जगह नहीं ले सकती।

वेट लॉस ड्रग्स

वेट लॉस ड्रग्स

वजन घटाने की प्रक्रिया में एक मेडिकल एसेसमेंट होना ज़रूरी है, खासकर अगर रोगी दवाओं का सहारा लेने जा रहा है।

पहली बात जो हमें कहने की ज़रूरत है, वह यह कि डॉक्टर ब्यूटी ट्रीटमेंट के लिए वेट लॉस ड्रग्स कभी नहीं लिखेंगे। दूसरा, इन दवाओं में से कोई भी एक व्यवस्थित और संयमित डाइट और एक्सरसाइज रूटीन से ज्यादा असरदार साबित नहीं हुआ है।

हमें ध्यान देना चाहिए कि इनमें से कई दवाएं सेन्ट्रल नर्वस सिस्टम पर असर डालती हैं, जिससे उस जटिल हाइपोथैलेमिक सर्किट में बाधा उत्पन्न होती है जो भूख और तृप्ति को रेगुलेट करते हैं। दूसरे शब्दों में वे आपको कम भूख महसूस करने में मदद करते हैं। दूसरी ओर मूत्रवर्धक या रेचक प्रभाव वाली अन्य दवाएं मेटाबोलिज्म को तेज करने में मदद करती हैं।

इसके अलावा, आपको तथाकथित “फैट-बर्नर” बाजार में, सुपरमार्केट या ड्रगस्टोर्स में मिलते हैं और किसी भी वैज्ञानिक प्रमाण द्वारा समर्थित नहीं हैं।

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एक मरीज की प्रोफाइल

वजन कम करने वाली दवाएं सभी के लिए सही नहीं हैं। सबसे पहले गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को उनका सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट कम उम्र के बच्चों को इन्हें लेने की सलाह नहीं देते हैं। किसी भी परिस्थिति में उन्हें मेडिकल गाइड के बिना नहीं लिया जाना चाहिए।

हेल्थ प्रोफेशनल उन मालों में ऐसी दवाओं की राय देते हैं जब रोगी निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करे:

  • उनमें मोटापा हो। जब डॉक्टर ने रोगी को मोटे इंसान के क्लास में डाला है क्योंकि उसका वजन ऊंचाई और शारीरिक कद-काठी के आदर्श वजन से 20% ज्यादा है। आम तौर पर इसका मतलब है, बीएमआई या बॉडी मास इंडेक्स 30 या उससे ज्यादा होना।
  • बीएमआई (BMI) कम है, लेकिन एक सहवर्ती बीमारी भी है। ऐसे मामले हैं जब बीएमआई 30 तक नहीं पहुंचती लेकिन 27 से ज्यादा हो पर रोगी को डायबिटीज, स्लीप एपनिया या हाइपर टेंशन जैसी समस्याएं हों। इस मामले में कभी-कभी उनके लिए इन दवाओं को देना वे ठीक समझते हैं।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ड्रग्स कभी भी इलाज के लिए पहली पसंद नहीं होते। डॉक्टर उन्हें सिर्फ तभी लिखते हैं, अगर रोगी ने तीन से छह महीने तक डाइट और एक्सरसाइज रूटीन पर अमल किया हो और फिर भी उनका 5% से ज्यादा कम नहीं हो पाया है। साथ ही, व्यक्ति को आवश्यक सभी साधनों का उपयोग करते हुए वजन कम करने के लिए प्रेरित और प्रतिबद्ध होना चाहिए।

वजन घटाने वाली दवाओं के साइड इफ़ेक्ट


किसी भी अन्य दवा की तरह वजन घटाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव भी हैं जो हर आदमी के लिए अलग होते हैं। सबसे अधिक हल्के लक्षण जैसे कि दस्त, कब्ज, और/या नॉजिया होती है, जो समय बीतने पर घाट जाते हैं

कुछ दवाएं, जैसे कि फेंटेर्माइन, बेंज़फेटामाइन, डायथाइलप्रोपियन और फ़ेंडिमेट्राज़िन नींद, घबराहट या बेचैनी, सिरदर्द और रक्तचाप में वृद्धि का कारण बन सकती हैं। कुछ ही मामलों में इन दवाओं के उपयोग से दूसरे साइड-इफेक्ट सामने आए हैं। इनमें हैं:

  • आंखों और/या स्किन में पीला पिगमेंटेशन
  • गहरे रंग का पेशाब
  • पीला मल
  • त्वचा में खुजली
  • पेट में दर्द
  • भूख में कमी

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वेट लॉस ड्रग्स से जुड़ी सावधानियां

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दवा की दुकानों में बेचे जाने वाले और वेट लॉस ड्रग्स के रूप में जिनके बारे में प्रचार किया जता है, वे असुरक्षित होते हैं क्योंकि विज्ञान उनको सपोर्ट नहीं करता। इसलिए वे ओवर-द-काउंटर ड्रग्स कहे जाते हैं। इनमें से कुछ प्रोडक्ट विशेष रूप से वे जिनमें एफेड्रा, इफेड्रिन या कैफीन शामिल हैं, दिल के दौरे, स्ट्रोक और अचानक मौत की खबरों से जुड़े हैं। उन्हें लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

डॉक्टर द्वारा निर्धारित वजन घटाने वाली दवाएं उस समय अपना असर खो देती हैं जब रोगी उन्हें लेना बंद कर देता है। इसलिए डाइट और सही उचित जीवनशैली के बिना, यह अत्यधिक संभावना है कि इन दवाओं को लेने से इन रोगियों का वजन बढ़ जाएगा। यही कारण है कि मरीजों को स्थायी वजन घटाने का समर्थन करने के लिए हर समय एक स्वस्थ आहार और व्यायाम दिनचर्या को बनाए रखना चाहिए।

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