9 चेतावनी देने वाले संकेत, आपके लीवर में जमे टॉक्सिन की

अगर आपको लगता है, आप यहाँ बताये गए दो या ज्यादा लक्षणों से पीड़ित हैं, तो एक डिटॉक्सिफ़िकेशन प्लान के बारे में गंभीरता से सोचें और संभव हो तो डॉक्टर से मिलें।
9 चेतावनी देने वाले संकेत, आपके लीवर में जमे टॉक्सिन की

आखिरी अपडेट: 23 अक्टूबर, 2018

इससे पहले कि बहुत देर हो जाने के कारण आप किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हो जाएँ, अपने शरीर की  सफाई करने वाले लीवर में जमे टॉक्सिन की अत्यधिक मात्रा की ओर इशारा करने वाले संकेतों से मुंह न मोड़ें।

लीवर हमारे शरीर के सबसे महत्त्वपूर्ण अंगों में से एक है। त्वचा के बाद वह हमारे शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग जो होता है। हमारे स्वास्थ्य-संबंधी कई बुनियादी कामों की ज़िम्मेदारी उसी की होती है।

रोज़ाना हमारे खून से अनावश्यक टॉक्सिन और कोशिकाओं को निकाल बाहर करने की ज़िम्मेदारी भी उसी की होती है। साथ ही, कार्बोहाइड्रेट और लिपिड को प्रोसेस भी वही करता है।

हमारी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बनाए रखने वाले विटामिन्स A, D, E और K उसी में जमा होते हैं।

हमारे शरीर का एक उत्सर्जन (एक्सक्रीटरी) अंग होने के बावजूद लीवर में कई टॉक्सिन्स के जमा हो जाने से उसका काम बाधित हो सकता है, जिसका सीधा असर आपकी सेहत पर भी पड़ता है।

लीवर रोज़ाना अपनी सफ़ाई करने में सक्षम होता है, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा काम कर लेने पर उसके लिए रोज़मर्रा का यह काम भी एक टेढ़ी खीर साबित होने लगता है। नतीजतन हमारा लीवर अपनी इन प्रक्रियाओं को ठीक से नहीं निभा पाता।

इसीलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि इन लक्षणों की तरफ़ ध्यान देकर लीवर में जमे टॉक्सिन को हटाने के लिए वक्त रहते किसी डिटॉक्सिफिकेशन प्लान पर काम करना शुरू कर दें।

अब हम आपके अपने लीवर में जमे टॉक्सिन की ओर इशारा करने वाले 9 चेतावनी वाले संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं।

आइए उन पर एक नज़र डालते हैं!

1. पेशाब और मल के रंग में बदलाव (color in urine and feces)

लीवर में जमे टॉक्सिन के कारण आपके पेशाब के रंग को बदल सकते हैं

हमारे पेशाब और मल के रंग और गंध में आए बदलाव कई स्वास्थ्य-संबंधी समस्याओं के संकेत होते हैं

हालांकि उनके पीछे किसी पेशाब-संबंधी या फ़िर आंत-संबंधी समस्या का भी हाथ हो सकता है, लीवर के रोगों की वक़्त रहते पहचान कर लेने में भी वे एक अहम भूमिका निभाते हैं।

शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा होने पर आमतौर पर हमारा पेशाब हल्के पीले रंग का होता है। उसके गहरे रंग का हो जाना पीलिये का संकेत होता है।

इसके अलावा, टॉक्सिन्स की भरमार वाला आपका लीवर आपके हल्के या फ़िर काले रंग के मल का कारण भी बन सकता है।

2. ऐंठन और पेट की सूजन (Cramps and stomach inflammation)

हालांकि यह कहना मुश्किल है कि ऐंठन और पेट की सूजन के पीछे हमारे लीवर में जमे टॉक्सिन का हाथ होता है, लेकिन इस संभावना को खारिज भी नहीं किया जा सकता।

पेट में लगातार उठने वाली मरोड़ इस बात का संकेत है कि आपका लीवर ठीक से काम नहीं कर रहा व विषैले तत्वों को निकाल बाहर करने में उसे परेशानी आ रही है

पेट में लगातार सूजन और गैस का होना भी आम हो जाता है।

3. लीवर में जमे टॉक्सिन के कारण संवेदनशील त्वचा (Skin sensitivities)

लीवर में जमे टॉक्सिन के कारण संवेदनशील त्वचा

लीवर में जमा मल हमेशा त्वचा की बीमारियों के रूप में प्रकट होता है। बेवजह होती खुजली, सूजन और सूखेपन की जड़ टॉक्सिन्स से भरे आपके लीवर में हो सकती है।

नमी वाली कोई क्रीम लगाने से आपको कुछ समय के लिए उन लक्षणों से राहत तो मिल सकती है, लेकिन आपके लीवर में छिपी उस परेशानी की जड़ उन लक्षणों को जल्द ही वापस ले आती है।

4. एसिड रिफ्लक्स (Acid reflux)

एसिड रिफ्लक्स का संबंध पाचन तंत्र और यकृत (लीवर) प्रणाली को प्रभावित करने वाली बीमारियों से होता है।

लगभग हमेशा ही यह देखने में आता है कि वे बीमारियाँ खान-पान की खराब आदतों और कुछ पोषक तत्वों में मौजूद पदार्थों की वजह से होती हैं। लेकिन कभी-कभी ये आपके लीवर में जमे टॉक्सिन की ओर भी इशारा करती हैं।

5. दस्त (Diarrhea)

दस्त के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें लीवर और पित्ताशय पर असर डालने वाली अवस्थाएं भी शामिल होती हैं।

जब अकारण ही आपको लगातार दस्त की शिकायत रहने लगे तो हो सकता है आपका लीवर चिल्ला-चिल्लाकर एक डिटॉक्स की मांग कर रहा हो

6. लीवर में जमे टॉक्सिन से महसूस होने वाली थकावट (Feeling fatigued)

लीवर में जमे टॉक्सिन के कारण थकावट

आपकी थकान आपकी कमज़ोरी, सुस्ती और अपने रोज़मर्रा के काम करने में आपकी असमर्थतता का सबब बन जाती है।

जब आपका लीवर टॉक्सिन्स से भर जाता है, तब आपके शरीर में बहते खून को साफ़ कर आपकी सभी कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचा पाना उसके लिए मुश्किल हो जाता है

इसका असर आपकी मानसिक और शारीरिक क्षमताओं पर पड़ता है और आप ज़्यादा थका-थका महसूस करने लगते हैं।

7. अचानक भूख का मर जाना (Sudden loss of appetite)

हालांकि भूख न लगने की अनेक वजहें हो सकती हैं, लेकिन इस लक्षण का आम हो जाना चिंता का विषय ज़रूर होता है।

कुछ लोगों के लिए भूख किसी बला से कम नहीं होती। लेकिन कुछ दिनों बाद आपकी मरी हुई भूख पोषक तत्वों की कमी और अन्य अनचाही प्रतिक्रियाओं को जन्म दे सकती है।

8. तरल पदार्थों का अवरोधन (Fluid retention )

लीवर में जमे टॉक्सिन की वजह से होने वाली फ्लूइड रिटेंशन

किडनी की बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए तो फ्लूइड रिटेंशन एक आम समस्या होती ही है, और यह लीवर  की समस्याओं की वजह से भी उत्पन्न हो सकती है।

जमा हुआ तरल पदार्थ आमतौर पर पैरों, टांगों और शरीर के अन्य भागों में सूजन के रूप में प्रकट होते हैं। अपनी त्वचा पर अपनी ऊँगली को दबाने से अगर कुछ सेकंड के लिए उसका एक निशान बन जाता है तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में तरल पदार्थ अवरोधित हो रहे हैं।

9. त्वचा का पीलापन (Yellow skin)

रक्त में बिलीरुबिन के जमा हो जाने से हमें पीलिया हो जाती है। बिलीरुबिन बाइल, यानी कि पित्त का एक पिगमेंट होता है।

लीवर में बनने वाले बाइल का हमारी पाचन प्रक्रिया में अहम योगदान होता है।

जब हमारे लीवर को हमारे खून से टॉक्सिन्स को निकाल बाहर करने में मुश्किल आने लगती है, तब बिलीरुबिन खून में जमा होकर हमारी त्वचा को बेरंग करने लगता है

क्या आप भी इनमें से किसी लक्षण से ग्रस्त हैं? अगर अपने शरीर में आपको उपर्युक्त दो या दो से अधिक लक्षण दिखाई देते हैं तो लीवर में जमे टॉक्सिन की सफ़ाई के लिए एक डिटॉक्स प्लान करवाने के बारे में विचार करें और मुमकिन हो तो किसी डॉक्टर की सलाह भी ले लें।

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आपका लीवर आपके शरीर का एक सबसे बड़ा और सबसे अहम अंग है। इसलिए लीवर की सफ़ाई करना बहुत जरूरी है।



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