7 आयोडीन वाले खाद्य, इन्हें अपनी डाइट में ज़रूर रखें

आयोडीन से भरपूर भोजन करना ज़रूरी है क्योंकि थायरॉइड से जुड़ी गड़बड़ियों का मुख्य कारण इसकी कमी है।
7 आयोडीन वाले खाद्य, इन्हें अपनी डाइट में ज़रूर रखें

आखिरी अपडेट: 31 जुलाई, 2019

आयोडीन थायरॉइड हार्मोन की सिंथेसिस के लिए ज़रूरी ट्रेस एलिमेंट है। आयोडीन लेवल में बदलाव से हाइपरथायरॉइडिज्म या हाइपोथायरॉइडिज्म हो सकता है, जो मेटाबोलिज्म की समस्याओं का कारण बनता है। क्या आप आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों को जानते हैं जिन्हें डाइट में शामिल करना चाहिए?

हालांकि लोगों को एक दिन में इस मिनरल की बहुत ज्यादा ज़रूरत नहीं होती है। पर गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसकी रोजाना की ज़रूरत दोगुनी हो जाती है। इस समय इसकी कमी से बच्चे को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।

सौभाग्य से इससे समृद्ध कई खाद्य पदार्थ हैं। यहाँ हम 7 बेहतरीन फ़ूड का जिक्र करेंगे जिन्हें आपको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

आयोडीन से समृद्ध भोजन क्यों अहम है?

आयोडीन से समृद्ध भोजन

यह मिनरल थायरॉइड हार्मोन के सही कामकाज के लिए ज़रूरी है, जो मेटाबोलिज्म के रेगुलेशन में अहम भूमिका निभाता है।

ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह मिनरल हार्मोनल ग्रोथ के लिए ज़रूरी है और गर्भावस्था के दौरान इसकी कमी बच्चे के विकास पर भारी असर डाल सकती है। इसकी कमी से गॉइटर और थायरॉयड ग्लैंड में बढ़ोतरी जैसी समस्याएं होती हैं।

इस मिनरल की खुराक

जरूरी विटामिन की अपनी रोजाना की खुराक पाने का सबसे अच्छा तरीका बैलेंस डाइट खाना है जिसमें तरह-तरह के खाद्य पदार्थ शामिल हों। फ़ूड एंड न्यूट्रिशान बोर्ड आयोडीन की निम्नलिखित खुराक लेने की सिफारिश करता है:

शिशु:

  • 0 से 6 महीने: प्रति दिन 110 माइक्रोग्राम (एमसीजी)
  • 7 से 12 महीने: 130 एमसीजी / दिन

बच्चे

  • 1 से 8 वर्ष: 90 एमसीजी / दिन
  • 9 से 13 वर्ष: 120 एमसीजी / दिन

किशोर और वयस्क:

  • 14 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष : 150 एमसीजी / दिन
  • 14 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलायें : 150 एमसीजी / दिन
  • गर्भवती महिला: 220 एमसीजी / दिन
  • स्तनपान कराने वाली महिला: 290 एमसीजी / दिन

विशिष्ट सिफारिशें उम्र, लिंग और गर्भावस्था जैसी बातों पर निर्भर करती हैं। अपने डॉक्टर से पूछें कि आपको अपनी ज़रूरत के अनुसार कितनी मात्रा में आयोडीन का सेवन करना चाहिए।

7 आयोडीन से भरे खाद्य पदार्थ

1. आयोडाइज नमक (Iodized salt)

हालांकि यह कोई फ़ूड नहीं है, पर यह सबसे ज्यादा आयोडीन वाला मसाला है। प्रति 100 ग्राम आयोडाइज नमक में इस मिनरल की मात्रा 1900 mcg है। इस तथ्य के बावजूद कि इस मिनरल से यह भरपूर है, लोग बहुत कम मात्रा में ही इस नमक का सेवन करते हैं। हालांकि इसका स्वाद आम नमक की तरह ही होता है, लेकिन इसके दूसरे फायदे भी हैं।

इसे खाने के लिए आपको बस अपने सामान्य टेबल साल्ट की जगह आयोडाइज साल्ट लेना होगा। हर मौसम में इसका उपयोग करना चाहिए।

2. समुद्री शैवाल (Seaweed)

आयोडीन से समृद्ध भोजन : समुद्री शैवाल (Seaweed)

समुद्र आयोडीन का मुख्य स्रोत है। समुद्री शैवाल में यह मिनरल प्रचुर मात्रा में होता है।

समुद्र में आप कई किस्म के आयोडीन युक्त समुद्री शैवाल पा सकते हैं, जैसे कि केल्प (Kelp), एरामे (arame), हिजिकी (hijiki), वेकैम (wakame) और कोम्बू (kombu)। उदाहरण के लिए केल्प में रोजाना की खुराक से चार गुना ज्यादा आयोडीन होता है और एक बड़े चम्मच एरामे में 730 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है।

आप उन्हें सूप, स्नैक्स या सलाद बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

हालाँकि आपको सतर्क रहना होगा। क्योंकि आयोडीन के ज्यादा सेवन से थायरॉइड की समस्या भी हो सकती है।

3. ब्लूबेरी

एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध बेरी आयोडीन का एक शानदार स्रोत भी है। 11 ग्राम ब्लूबेरी में 400 mcg आयोडीन होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की अल्प मात्रा के कारण इसमें कैलोरी भी कम होती है। इसके अलावा, यह विटामिन C से समृद्ध है, फाइबर का स्रोत है, आंतों का संक्रमण ठीक करती है। इसमें पोटैशियम, आयरन और कैल्शियम होते हैं।

हालांकि ब्लूबेरी की सबसे बड़ी विशेषता इसमें नेचुरल एंटीऑक्सिडेंट की प्रचुरता है। इसके अलावा लाल जामुन शरीर की ड्यूरेटिक क्षमता को बढ़ा देती है और बार-बार होने वाले यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से लड़ने में मददगार होती है।

4. ताजा मछली

समुद्री शैवाल के अलावा अन्य समुद्री भोजन जैसे ताजी मछली और शेलफिश में बहुत ज्यादा आयोडीन होता है।

प्रति 100 ग्राम में 170 mcg आयोडीन के साथ कॉड मछली सबसे अलग है। यह विटामिन B1, B2, B6 और B9 से समृद्ध है, जो शरीर को कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन का पूरा इस्तेमाल करने की सहूलियत देता है।

दूसरी ओर 150 ग्राम मैकेरल में केवल 208 कैलोरी और 225 mcg आयोडीन होता है। दूसरी ब्लूफिश की तरह यह ओमेगा -3 फैटी एसिड से समृद्ध है। इस्ससे यह खून में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल को घटाने और ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

टूना सबसे अधिक खाई जाने वाली ब्लूफिश में से एक है। यह आयोडीन से भरपूर है। प्रति 100 ग्राम टूना में 50 mcg आयोडीन है। इसके बाद सार्डिन और हेक मछलियाँ आती हैं जिनमें प्रति 100 ग्राम 30 एमसीजी आयोडीन होता है।

5. शम्बूक (Mussels)

इस मोलस्क को एक गैस्ट्रोनॉमिक ज्वेल माना जाता है। क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है, लेकिन प्रचुर पोषक तत्व जैसे विटामिन, एमिनो एसिड और मिनरल होते हैं।

यह आयोडीन से भी समृद्ध है। 100 ग्राम मोलस्क में 130 mcg आयोडीन होता है

6. चिकन

चिकन सबसे समृद्ध आयोडीन युक्त मीट में से एक है। इसमें प्रति 100 ग्राम 7 mcg आयोडीन है।

7. श्रिम्प और झींगे (Shrimp and Prawns)

प्रोटीन और विटामिन से भरपूर, शंख और सीवीड इस तत्व के शानदार स्रोत हैं। इसमें सबसे बेहतरीन हैं श्रिम्प या झींगा, क्योंकि इनकी 100 ग्राम की मात्रा 35 एमसीजी आयोडीन देने में सक्षम है।

ऊपर बताये गए फ़ूड आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के कुछ उदाहरण हैं। इन्हें आप आसानी से अपनी डाइट में रख सकते हैं। हालांकि याद रखें कि हमेशा ही रोजाना की बतायी गयी खुराक से ज्यादा आयोडीन नहीं खाना चाहिए।

यह आपकी रुचि हो सकती है ...
गुलाबी हिमालय नमक : माइग्रेन के लक्षण कम करने के लिए
स्वास्थ्य की ओर
इसमें पढ़ें स्वास्थ्य की ओर
गुलाबी हिमालय नमक : माइग्रेन के लक्षण कम करने के लिए

तेज़, ज़ोरदार और हमें हिलाकर रख देने वाले सिरदर्द को माइग्रेन कहा जाता है। गुलाबी हिमालय नमक इस दर्द से हमें राहत दिला सकता है। और जानने के लिए आगे प...



  • Niwattisaiwong S, Burman KD, Li-Ng M. Iodine deficiency: Clinical implications. Cleve Clin J Med. 2017 Mar;84(3):236-244. doi: 10.3949/ccjm.84a.15053. PMID: 28322679.
  • Lopez Y, Franco C, Cepeda A, Vázquez B. Constant iodine intake through the diet could improve hypothyroidism treatment: a case report. J Physiol Biochem. 2018 Feb;74(1):189-193. doi: 10.1007/s13105-017-0605-x. Epub 2018 Jan 26. PMID: 29374374.
  • WHO. Iodine Deficiency in Europe: A continuing public health problem. Anderson M, de Benoist B, Darnton-Hill I, Delange F, editors. Geneva: WHO; 2007.
  • Food and Nutrition Board. Institute of Medicine. Dietary Reference Intakes for Vitamin A, Vitamin K, Arsenic, Boron, Chromium, Copper, Iodine, Iron, Manganese, Molybdenum, Nickel, Silicon, Vanadium, and Zinc. National Academy Press W; 2004.
  • Vila, Lluís. (2008). Prevención y control de la deficiencia de yodo en España. Revista Española de Salud Pública82(4), 371-377. Recuperado en 21 de marzo de 2019, de http://scielo.isciii.es/scielo.php?script=sci_arttext&pid=S1135-57272008000400002&lng=es&tlng=es.