10 बेहतरीन खाद्य हाइपोथायरॉइडिज्म के इलाज के लिए

04 जून, 2018
हाइपोथायरॉइडिज्म आपके मेटाबोलिज्म पर असर कर उसे धीमा कर देता है। इसलिए जो लोग इससे पीड़ित होते हैं उन्हें अपना वजन नियंत्रित करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे अपने शरीर में तरल पदार्थों की सही मात्रा बनाए रखने में भी अक्षम होते हैं।
 

हाइपोथायरॉइडिज्म सही मायने में एक शारीरिक विकार है जो मानव शरीर की हाइपोथायरॉइड ग्लैंड पर असर डालता है। क्या आपको मालूम है कि कुछ विशेष किस्म के खाद्य पदार्थों के सेवन से आप हाइपोथायरॉइडिज्म से बच सकते हैं?

इस लेख में हम 10 ऐसे बेहतरीन खाद्य पदार्थों के बारे में जानेंगे जो आपकी हाइपोथायरॉइडिज्म की समस्या को ख़त्म करने का सामर्थ्य रखते हैं।

हाइपोथायरॉइडिज्म क्या है?

थायरॉइड के विषय में वे बातें जो आपको मालूम होनी चाहिए:

हाइपोथायरॉइड एक ऐसा विकार है जो कि पुरूषों से ज्यादा महिलाओं में पाया जाता है। यह थायरॉइड ग्लैंड की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है जो गर्दन की अग्र भाग में मौजूद होता है।

इससे थायरॉइड हॉर्मोन का उत्सर्जन आवश्यकता से कम होता है और शरीर में इसके कुछ विशिष्ट लक्षण दिखाई देते हैं;

  • कमज़ोर मेटाबोलिज्म, जो यह निर्धारित करता है कि आपका शरीर उर्जा का इस्तेमाल किस प्रकार करता है
  • थकान और कमज़ोरी
  • ठण्ड के प्रति संवेदनशीलता
  • वज़न आसानी से बढ़ना और मुश्किल से कम होना
  • कमर और जाँघों के आस-पास वसा का जमा होना
  • मासिक धर्म विकार
  • भारी आवाज़ और गले का बैठना
  • नींद में अनियमितता
  • त्वचा और बालों में रूखापन
  • शरीर में तरल पदार्थों की कमी होना
  • कब्ज़
  • ऑस्टियोपोरोसिस

इसके अतिरिक्त, हाइपोथायरॉइडिज्म का एक और लक्षण भी है जिसके बारे में ज़्यादा लोगो को नहीं पता है। कुछ व्यक्तियों में इस विकार के कारण भौहों के किनारे से बाल झड़ने लगते है। इसे भी हाइपोथायरॉइडिज्म के शुरूआती लक्षणों में गिना जा सकता है।

क्या इसे भोजन में बदलाव करके ठीक किया जा सकता है?

हम यह निश्चित रूप से तो नहीं कह सकते कि खान-पान में बदलाव से आप अपनी थायरॉइड ग्रंथि में उत्पन्न हुए इस विकार को पूरी तरह ठीक कर सकते हैं या नहीं।

फिर भी हम पूरे भरोसे से यह ज़रूर कह सकते हैं कि एक स्वस्थ डाइट प्लान अपनाकर आप न केवल इस रोग को पैदा होने से रोक सकते हैं, बल्कि इसके लक्षणों को भी प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं।

यदि आप अधिक दवाइयां नहीं लेना चाहते हैं या फिर आप इस विकार के शुरुआती दौर में हैं तो यह आपके लिए काफी फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

हाइपोथायरॉइडिज्म से बचाने वाले खाद्य पदार्थ

1. नारियल का तेल

हाइपोथायरॉइडिज्म के लिए नारियल का तेल
 

एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल तेल सेचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत है जो मीडियम चेन वाले ट्राइग्लिसराइड्स में समृद्ध है।

  • इसमें मौजूद पोषक तत्वों में आपके मेटाबोलिज्म को तेज़ करने की पूरी क्षमता है। इससे आप अपना वज़न अच्छी तरह से नियंत्रित कर सकते हैं। वजन पर कंट्रोल न रख पाना इस बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए दो बड़ी शिकायतों में से एक है।
  • आपको दिन में दो चम्मच (30 ग्राम) नारियल का तेल लेना है। एक चम्मच सुबह नाश्ते से पहले और एक चम्मच रात में सोने से पहले।

2. समुद्री शैवाल

हाइपोथायरॉइड के अधिकतर मामलों की जड़ आयोडीन की कमी होती है। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें आयोडीन की प्रचुर मात्रा मौजूद हो, इस समस्या को दूर करने में काफी सहायक हो सकते हैं।

  • समुद्री शैवाल खासकर फुकस में आयोडीन की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होती है।
  • फिर भी हम यह सलाह देते हैं कि आप इसके सेवन से पूर्व चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें। अन्यथा आपके शरीर में आयोडीन की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो सकती है।

3. लाल मिर्च

लाल मिर्च आपके मेटाबोलिज्म को तेज करने में बेहद कारगर सिद्ध हो सकती है और यह आपके शरीर के तापमान को भी बढ़ाती है।

  • इसके अतिरिक्त यह अन्य रोगों जैसे कब्ज़ और जोड़ों के दर्द से से भी निजात दिला सकने में सक्षम है।
  • अपने नित्य भोजन में लाल मिर्च का भरपूर प्रयोग करें ताकि आपको पाचन-तंत्र सम्बन्धी कोई भी बीमारी न हो।

4. अदरक

अदरक एक सुगन्धित और ताज़गी से भरपूर मसाला है। यह आपके मेटाबोलिज्म को तीव्र करता है और शरीर में तरल पदार्थ की कमी को पूरा करता है जो एक थायरॉइड ग्रंथि के ठीक तरह से काम नहीं करने का आम लक्षण है।

  • यह  सुगन्धित जड़ शरीर का तापमान भी बढ़ाती है इसलिए उन लोगों के लिए एक आदर्श खाद्य पदार्थ है जिन्हें ठण्ड अधिक लगती है।

5. समुद्री पानी

समुद्री शैवाल की तरह समुद्री पानी भी नमक, मिनरल और अन्य उपयोगी तत्वों से भरपूर होता है। यह न केवल आयोडीन का बेहतरीन स्रोत है, बल्कि मिनरल का एक बेहद अच्छा पूरक भी है।

  • नमक के विपरीत, समुद्री पानी शरीर में तरल पदार्थ की कमी नहीं होने देता।

6. पिस्ता

हाइपोथायरॉइडिज्म से लड़ने के लिए पिस्ता
 

हाइपोथायरॉइडिज्म से लड़ने के लिए पिस्ता सबसे अच्छी चीज़ है। इसका कारण है इनका मिनरल और आयोडीन से समृद्ध होना

7. लहसुन

लहसुन एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो अपने घटकों के कारण शरीर के लिए बेहद लाभदायक है। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा उपचार है जो ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, या अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं।

8. सौंफ़

सौंफ़ हॉर्मोन उत्सर्जन में काफी अहम भूमिका निभाती है। अतः यह शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन की कमी को पूरी करने में पूर्णतः सक्षम है। इसे आप बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के भी ले सकते हैं।

9. जिनसेंग

जिनसेंग एक शक्तिशाली प्राकृतिक उत्तेजक है जो आपके मेटाबोलिज्म को तीव्रता प्रदान करता है और आपको वजन कम करने में मदद करता है।

  • इसे आप मौसम के आधार पर ले सकते हैं, या फिर नियमित अंतराल पर पौष्टिक आहार के पूरक के रूप में भी ले सकते हैं।

10. तिल

हाइपोथायरॉइडिज्म से पीड़ित लोग करें तिल का सेवन

थायरॉइड ग्रंथि कैल्सीटोनिन नाम के हार्मोन के उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है जो कैल्शियम की मात्रा को शरीर में नियंत्रित है। इस कारण से, हाइपोथायरॉइडिज्म से पीड़ित लोगों को कैल्शियम की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

तिल कैल्शियम से भरपूर होता है और आपको इस समस्या से निजात दिला सकता है।