ज़िंदगी में इतनी अहमियत किसी को न दें कि जीना मुश्किल हो जाए

लोगों को बस मौक चाहिए। जैसे ही आप मौका देते हैं, वे आपका जीवन बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। अगर आप उन्हें दखल देने की इजाज़त नहीं देते, तो वे आपका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते। आख़िरकार आपके जीवन की ख़ुशिया आप से ही हैं।
ज़िंदगी में इतनी अहमियत किसी को न दें कि जीना मुश्किल हो जाए

आखिरी अपडेट: 13 अक्टूबर, 2018

लोगों को तो बस मौका चाहिए। मौका मिलते ही वे आपका जीना मुश्किल कर देते हैं, आपकी ज़िंदगी नर्क बना देते हैं। वे कभी आपको डराते हैं तो कभी आपकी भावनाओं से खेलते हैं। बातों-बातों में ऐसा नकारात्मक माहौल पैदा कर देते हैं कि आप उन चीज़ों के बारे में चिंता करने लगते हैं जो उस लायक हैं ही नहीं।

हमारे समाज में किसी की निजी ज़िंदगी में लोगों का दखल आम बात है। जाने-अनजाने आप भी इस कुचक्र में फंस जाते हैं।

कुछ लोग अपनी बुरी आदतों से आपके दिन का चैन और रात की नींद उड़ा देते हैं। इसलिए आपको एक अलग नज़रिये से परिस्थितियों का सामना करना सीखना होगा।

एक बात आपको अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए। परेशान रहने का सीधा अर्थ है, आप ख़ुश रहना नहीं जानते हैं। 

किसी की आलोचना करने या फिर उससे – ‘तुम तो सिर्फ दूसरों की ज़िंदगी बर्बाद करना जानते हो’ – कहने से पहले आपको धैर्यपूर्वक और ध्यान से यह पता लगाना होगा कि कहीं वह व्यक्ति डिप्रेशन में तो नहीं है।

अगर उनका मकसद स़िर्फ आपको नुकसान पहुंचाना, आपको अपने वश में करना या ब्लैकमेल करना है, तो उन्हें इसकी इजाजत कतई नहीं दी जा सकती है।

किसी को आपकी ज़िंदगी बर्बाद करने की इजाजत नहीं

आप आज ही यह संकल्प ले लें कि आप किसी को खुद को परेशान करने या फिर दुख पहुंचाने नहीं देंगे, किसी भी कीमत पर नहीं।

आप कामयाबी की ऊँचाइयों तक उड़ना चाहते हैं, पर कुछ लोग अपनी बातों से आपके पंख कुतरने में लगे रहते हैं। आप अपने सपने पूरे करना चाहते हैं, पर वे आपका जोश ठंडा करने पर तुले रहते हैं। आप कुछ करना चाहते हैं, पर वे रोज़ाना एक ही बात कहते हैं- ‘तुम से नहीं होगा’। ऐसे लोगों से बचाव के लिए आपको भावनात्मक सुरक्षा कवच इस्तेमाल करना होगा।

इसे भी पढ़ें: क्या सच में वक़्त सबकुछ ठीक कर सकता है?

इसके लिए आपको नीचे दी गई रणनीति अपनानी होगी।

ज़िंदगी में इतनी अहमियत

मैं आपकी बात सुनूंगा, समझूंगा पर उसका ख़ुद पर असर नहीं होने दूंगा

आपको ध्यान होगा, शुरुआत में ही हम आपको सतर्क कर चुके हैं कि नकारात्मक व्यवहार के कुछ ख़ास लक्षण होते हैं, जैसे-कटुता, चिड़चिड़ापन, लापरवाही, यहां तक कि कई बार व्यक्ति डिप्रेशन का भी शिकार होता है।

  • गुस्से में या फिर चीज़ों की अनदेखी कर बातों का जवाब देने से सामने वाले व्यक्ति की नकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा मिलता है।
  • ऐसे में सबसे अच्छा रहता है, उनकी बातें सुनना और ठंडे दिमाग से दृढ़ता और सब्र के साथ उनके तर्कों का जवाब देना।
  • अगर किसी को मदद की ज़रूरत है, तो उसे इसे पाने तरीका बताएं ताकि वह जान सके कि उसके इस तरह व्यवहार करने के कारण क्या हैं।
  • यदि वे आपके लिए सहानुभूति या सम्मान प्रकट नहीं करते हैं तो फिर आप अपने भावनात्मक सुरक्षा कवच का इस्तेमाल करें ताकि ऐसे व्यक्तियों से कुछ दूरी बनी रहे।

परेशानी बढ़ाने से मन को शांति नहीं मिलती

जले पर नमक छिड़क कर आप किसी समस्या का समाधान नहीं कर सकते हैं। किसी को डराकर उसे उसके डर से छुटकारा नहीं दिलाया जा सकता। न ही लगातार चिंता में डूबे रहने से परेशानी से छुटकारा मिलता है।

  • अगर आपके घर का कोई सदस्य, पार्टनर या दोस्त आदतन खुशी के पलों में अनहोनी की बात करता है, आपके सपनों और उम्मीदों पर पानी फेरने की कोशिश करता है तो गुस्से में या दुश्मन की तरह प्रतिक्रिया देकर हालात और न बिगाड़ें।
  • दृढ़ता के साथ-साथ सूझ-बूझ से भी काम लेना होगा। कभी-कभी आपके लिए अपने आसपास के व्यक्तियों को बदलन पाना असंभव होता है। कुछ लोगों का व्यक्तित्व ही ऐसा होता है कि वे दूसरों की बुराई करते हैं, उन्हें अपमानित करते हैं और नीचा दिखाना चाहते हैं।

इसे भी पढ़ें: डिप्रेशन से पीड़ित लोगों के लिए स्टीफन हॉकिंग का संदेश

जितनी जल्दी आप यह बात स्वीकार कर लेंगे, उतना अच्छा रहेगा। इससे आप हालात का ज़्यादा तर्कसंगत तरीके से सामना कर सकेंगे। आप ऐसे व्यक्तियों से कुछ दूरी बना लेंगे या फिर अपने सुरक्षा कवच का इस्तेमाल करेंगे।

ज़िंदगी में कडवाहट

मुख्य बातें, जो कटुता का मुकाबला करने में मदद करेंगी

राफेल सांतेंद्रो (Rafael Santandreu) एक मनोवैज्ञानिक हैं जो अपनी किताब “द आर्ट ऑफ नॉट बीइंग बिटर” के माध्यम से हमें बताते हैं कि ज़िंदगी के किसी न किसी पड़ाव परआपके लिए स़िर्फ इसलिए जीना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि आपकी सोच गलत होती है। आपको कभी पता नहीं चलता है कि यह कैसे होता है। लेकिन आप अपने कर्मों और अपनी सोच के कारण अपनी जिंदगी मुश्किल बना लेते हैं।

जीने के इन गलत तौर-तरीकों से निपटने का एक रास्ता यह है कि कैसे चीज़ें आपको थोड़ा कम परेशान करें। इसके लिए आप ये सरल उपाय हमेशा ध्यान में रखेंः

  • बार-बार शिकायत न करें। किसी ख़राब चीज़ या कोई चीज़ आपके पास क्यों नहीं है पर ताने मारने के बजाय आपके पास जो है उसकी अहमियत समझें या फिर मौजूदा समस्या का समाधान करें।
  • अगर राफेल सांतेंद्रो की भाषा में कहें तो अपनी ज़िंदगी और नारकीय न बनाएं। लोग आम तौर पर कुछ इस तरह की बातें कहते हैं-“अगर मैं यह नौकरी छोड़ दूगा तो सब बर्बाद हो जाएगा” या “अगर मेरे पार्टनर ने मुझे छोड़ दिया तो मैं मर जाऊंगा”। ऐसी सोच बदलें।
  • शायद शायद आप जानते न हों, लेकिन ख़ुश रहने के लिए आपको ज़्यादा चीज़ों की ज़रूरत नहीं है।
  • हालात को लेकर आप अपने आप से बातचीत करते रहते हैं। इस पर नज़र रखें क्योंकि कभी-कभी आप ही अपने सबसे बड़े दुश्मन बन जाते हैं।
  • किसी के आगे कोई मांग न रखें। यह न सोचें कि कोई आपकी सारी उम्मीदें पूरी कर देगा।
  • ख़ुद से बेपनाह प्यार करें और अपने अासपास के लोगों को उनकी अच्छाइयों और बुराइयों के साथ स्वीकार करें। उन्हें उतना ही सम्मान और प्यार करें जितना आप अपने आपसे करते हैं।
  • मुश्किल हालात से बाहर निकलने के लिए हंसी मजाक का सहारा लें। अगर कोई आपको नीचा दिखाने पर अड़ा है तो उसे मुस्कुरा कर जवाब दें।

गलत मंशा वाले व्यक्तियों को अपनी ज़िंदगी बर्बाद करने की इजाजत कभी नहीं देनी चाहिए।

यह आपकी रुचि हो सकती है ...
क्रॉनिक विक्टिमाइज़ेशन: हमेशा शिकायत करने वाले लोग
स्वास्थ्य की ओरइसमें पढ़ें स्वास्थ्य की ओर
क्रॉनिक विक्टिमाइज़ेशन: हमेशा शिकायत करने वाले लोग

अपने जीवन में हम सभी ने कभी न कभी किसी पीड़ित की भूमिका निभाई है। लेकिन इस पीड़ित मानसिकता के आपके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाने पर क्या होता है? आप निरंतर शिकायत करते रहते हैं और क्रॉनिक विक्टिमाइज़ेशन की मानसिकता के शिकार हो जाते हैं।