पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति: इनके बारे में जानिए 3 बातें

11 जुलाई, 2018
यदि हमारे आसपास कोई पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति है, तो हमें उनकी मदद करना चाहिए। उनसे खुद को दूर करने के बजाय, आइए उनके भीतर की निराशा का हल ढूंढने में हम उनकी मदद करें।
वास्तविकता में, पैसिव एग्रेसिव व्यक्तित्व का होना एक पर्सनालिटी डिसऑर्डर है।
इनके व्यवहार की मुख्य विशेषताओं में लगातार हठधर्मिता, दूसरों की मांग के प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार रखना और हमेशा नकारात्मक व पराजयवादी दृष्टिकोण शामिल हैं।
उनके साथ रहना उतना ही जटिल है जितना कि थकाऊ है।
पर्सनालिटी डिसऑर्डर में जैसा कि सामान्य रूप से पाया जाता है, कुछ लोगों में लक्षण कम जबकि अन्य में सभी लक्षण पाए जाते हैं।
हालांकि, चालाकी से काम निकालने की उनमें इतनी जबरदस्त दक्षता होती है कि ऐसी पर्सनालिटी डिसऑर्डर वाले किसी व्यक्ति के साथ संबंध की विशिष्टता उसका बहुत तकलीफ़देह और दुखद होना होता है।
संभव है, आप इस प्रकार के किसी इंसान के साथ रह रहे हैं। इस प्रकार के विकार वाले आपके परिवार के सदस्य या सहयोगी कर्मचारी भी हो सकते हैं।
यदि ऐसा है, तो आपको यह जानना चाहिए की इसका सामना करने की रणनीतियां मौजूद हैं और पर्याप्त मनोवैज्ञानिक चिकित्सा भी उपलब्ध है। इस्नके जरिये इस नकारात्मक व्यवहार को कम किया जा सकता है।
आज यहाँ हम आपको इस तरह के विकार के बारे में कुछ और जानने में मदद करना चाहते हैं।

1. पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति में विशिष्ट लक्षण क्या होते हैं?

पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति: लक्षण

शुरू करने के लिए, हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस विकार वाले प्रत्येक व्यक्ति में वे सभी व्यवहार एकसाथ नहीं पाए जाते है जिनका हम आगे उल्लेख करेंगे।
हालांकि, एक पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति “चीनी की मिठास में लपेटकर” हमेशा ही विद्वेष की एक जहरीली भावना को व्यवहार में लागू करने की जबरदस्त दक्षता का परिचय देता है।
दूसरे शब्दों में, वे हमारे लिए फ़िक्रमंद होने का नाटक करने वाले दयालु व्यक्ति बनकर्ण हमें नुकसान पहुंचाने में सक्षम होते हैं। हालांकि, हकीकत में, उनके दिल की गहराई में अपमान करने, वर्चस्व बनाने या उपहास करने की प्रबल इच्छा छिपी रहती है।
ऐसे लोगों के स्वभाव की ये कुछ सबसे बुनियादी विशेषताएं हैं:
  • दूसरों की आलोचना करने का जुनून। कोई भी रियलिटी, व्यक्ति या सामन्य फर्क भी उनकी आलोचना से नहीं बच जाएगा।
  • जब हम उन्हें हकीकत में जान लेते हैं, तो पाते हैं कि वे हमेशा किसी चीज से नाखुश या नाराज रहते हैं।
  • हालांकि, जब वे हमसे कुछ चाहते हैं, तो प्यार भरे, विचारशील और जितना संभव हो उतना नेक बनने का नाटक करने से नहीं झिझकते।
  • जिम्मेदारियों से बचने के लिए वे जानबूझकर चीजों को भूल जाते हैं।
  • वे सनकी होते हैं।
  • वे दूसरों को दोष देने की उअद्भुत क्षमता दिखाते हैं, जबकि यह उनकी ज़िम्मेदारी थी।
  • वे आमतौर पर पीड़ित की भूमिका अपना लेते हैं (वे कहते हैं, उनकी सबसे कम कद्र हुई, वे कम सम्मानित, और सबसे कम खुश हैं आदि)
  • वे अथॉरिटी से नफरत करते हैं।
  • वे दूसरों के सुझावों को अनदेखा कर देते हैं।

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2. ऐसे व्यक्तित्व के पीछे क्या होता है?

पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति: कारण

पहली बात जो दिमाग में आती है; “वे इस तरह से क्यों बर्ताव करते हैं अगर आगे जाकर उन्हें इससे केवल ज्यादा निराशा और बिखरे हुए संबंध ही हासिल होंगें?”
यहाँ इसके कुछ स्पष्टीकरण दिए गए हैं:
  • आम तौर पर, ये वे लोग हैं जो ऐसे परिवार में बड़े हुए हैं जिसमें स्नेह की पर्याप्त अभिव्यक्ति का अभ्यास नहीं किया जाता है।
  • उन्हें सिखाया नहीं गया कि क्रोध को कैसे ‘चैनलाइज़’ करना है, या अपने क्रोध को कैसे बाहर निकालना है।
  • उनमें आत्म सम्मान बोध बहुत कम होता है।
  • धीरे धीरे, उन्होंने देखा है कि दूसरों को नियंत्रित करके और एक मुखर रूप धारण करते हुए, उनकी त्रुटियों पर मुखौटा डाला जा सकता है।
  • इस बीच, अपने जीवन में किसी बिंदु पर उन्होंने देखा कि दयालु और प्रेमपूर्ण व्यवहार प्रदर्शित करते समय, वे अक्सर जो चाहते हैं उसे प्राप्त करते हैं।
  • वे नहीं जानते कि उनकी नकारात्मक भावनाओं का प्रबंधन कैसे करें।
  • ऐसा करने में सक्षम नहीं होने के कारण, उनका क्रोध इस संवेदना के साथ तीव्र होता जाता है कि दुनिया अन्यायपूर्ण है और उन्हें कोई नहीं समझता।

3. पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति से कैसे निपटें

पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति: कैसे निपटें

सबसे अधिक संभावना है, पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति से निपटने के तरीके के बारे में सोचते समय पहली बात यह आये कि उनसे दूर रहना चाहिए।

हालांकि, यह विभिन्न कारणों से सही नहीं है।

आखिरकार, हम हमेशा जटिल लगने वाली चीज़ों से भाग नहीं सकते।
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समझना

  • सबसे पहले हमें जो करना चाहिए वह है – समझना। इस समस्या की मूल बातें समझने से बहुत मदद मिलेगी।
  • दूसरा, उनके नियंत्रण में नहीं आना। आपको उनके बर्ताव के परिणामों और अपनी इच्छा दोनों को सामने रखनी है, जो आपको पसंद नहीं आये या  तर्कसंगत नहीं है, उसे कहना होगा।
  • अंत में, आप यह नहीं भूल सकते कि पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति की जड़ों को जो मजबूत करता है, वह है उनमें आत्म विश्वास की कमी। इसलिए, जिस चीज से उनको सबसे अधिक डर लगता है, वह है, उन्हें अकेला छोड़ दिया जाना।

ध्यान रहे, आपको उनकी बातों में नहीं आना है

आपको उनके साथ मजबूत बने रहना, तर्कसंगत रहना चाहिए और उनके व्यवहार के विकल्पों को सुझाना चाहिए।
  • “अगर तुम संदिग्धता से मुझसे बात करोगे, तो मैं तुम पर भरोसा नहीं करूंगा, मेरा सम्मान करो।”
  • “यदि इतने नकारात्मक रहोगे, तो अपने डर में खुद को अलग-थलग कर लेने के अलावा तुम्हे कुछ नहीं हासिल होगा।”
  • “हमेशा मेरे दोषों की आलोचना करने और उन पर ध्यान देने के बजाय, मुझे दिखाओ कि तुम मुझमें कुछ भी अच्छा देखने में समर्थ हो।”

उन्हें पेशेवर मदद लेने की सलाह देंदद लें

पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति को हीन भावना का सामना करना पड़ता है। वास्तव में, यह उनकी भावनाओं की अपरिपक्वता और आत्म-विश्वास की
इन कमजोरियों और सीमाओं के साथ कोई भी सामाजिक या वास्तव में खुश होने में सक्षम नहीं हो सकता। इसलिए, साहस इकट्ठा करना और पेशेवर मदद मांगना मौलिक ज़रूरत होती है।
उदाहरण के लिए, इन मामलों के लिए कॉगनिटिव बिहेवियरल साइकोलॉजी की सिफारिश की जाती है।
यह भी याद रखना जरूरी है कि एक पैसिव एग्रेसिव व्यक्ति बीमार नहीं है। वह सिर्फ एक व्यक्ति है, जो अपने कवच और दूसरों से काम निकालने की अपनी प्रवृत्ति के बीच, मदद की गुहार लगा रही एक बहुत ही कमजोर आत्मा को छुपा रहा है।
आइए उन्हें अपने कल्याण के लिए सही विकल्प चुनने में मदद करें। चिकित्सा के माध्यम से खुद को बेहतर बनाने की पहलकदमी के लिए उनकी मदद करें।