जो कुछ भी अच्छा मिले, उसे गले लगाएं, और हमेशा अपने साथ रखें

08 नवम्बर, 2018
आपको शायद इस बारे में पता न हो, लेकिन आप जो कुछ भी अच्छा या बुरा अपने आस-पास के लोगों के साथ करते हैं, ठीक वैसा ही आपके साथ होता है।
 

अच्छी चीजों की कामना करना, सकारात्मक सोच रखना और अपने आस-पास के अच्छे लोगों या अच्छी चीज़ों को अपनाना कोई ऐसी बात नहीं है जो हम सभी रोज़ाना करते हैं।

सबसे पहली बात, ऐसा इसलिए होता है कि लोग अक्सर ये सोचते हैं, “अच्छा काम हर कोई करता है लेकिन मेरे जितना अच्छा नहीं।

अच्छी, पवित्र और निःस्वार्थ किस्म की कामना हर दिन देखने को नहीं मिलती है। लोगों का झुकाव खुद के लिए और अपने सबसे नज़दीकी लोगों के लिए अच्छा सोचने और चाहने का होता है।

अब … हम इन सभी तरह के अच्छे विचारों और इच्छाओं को सबके लिए समान रूप से बढ़ावा देने के लिए क्यों संघर्ष करते हैं – क्या यह सही नहीं लगता है?

आपको यह बात ध्यान में रखनी होगी कि आपके काम, शब्द और व्यवहार के बहुत से परिणाम होते हैं।

यही बात इच्छाओं के साथ भी लागू होती है।

इच्छा का मतलब अपने मकसद की कल्पना और उस काम को करने की लालसा है। यदि आप किसी का अच्छा चाहते हैं, तो आप इसे सच करने के लिए अपने तरफ से पूरी कोशिश करते हैं। आप दृढ़ विश्वास के साथ ऐसा करेंगे क्योंकि आप वास्तव में ऐसा चाहते है।

इसलिए किसी के लिए अच्छी कामना करना आपको एक बेहतर व्यक्ति बनाता है। इसमें आपका कुछ भी खर्च नहीं होता और ये आपके लिए बहुत कुछ करता है क्योंकि वे आपके विचारों और सोच को बदलता है, बहुत सारे बोझ और नकारात्मक फोकस को खत्म करते हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको इस बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

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सकारात्मक सोच के अंदर अच्छी कामना होती है

बहुत समय से चली आ रही सोच “जैसा बोओगे वैसा काटोगे की जड़ सच्चाई में गड़ी है।

हालांकि, इसे एक नियति के रूप में देखने के बजाय, आपको इसके बारे में ऐसे सोचना चाहिए जैसे हर कर्म के फ़ल होते हैं।

हर दिन सकारात्मक विचार पैदा करना अच्छे स्वास्थ्य के होने के बराबर है। आप ऐसे ही आध्यात्मिक मुद्दों के बारे में बात नहीं करते हैं या मनमाने ढंग से दयालु नहीं हो जाते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि यह आपके जीवन में आपके विशेष धार्मिक या आध्यात्मिक दृष्टिकोण से संबंधित होता है।

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सकारात्मक सोच: तितली
 

  • सकारात्मक विचार मन में रखने का अर्थ है अपने जीवन को सबसे उपयोगी तरीके से फोकस्ड करना। अगर आप अपने परिवार और दोस्तों के लिए अच्छी चीजें चाहते हैं, तो आप ये दिखाते हैं कि आप उन्हें प्यार करते हैं।
  • लेकिन असली समस्या तब सामने आती है जब कुछ लोग उन लोगों के लिए “सबसे खराब चाहते हैं” जिन्हें वे पसंद नहीं करते। ये क्या बात हुई? इससे आपको क्या फायदा होता है? कोई भी व्यक्ति जो उन लोगों की निगरानी करने में खुश रहता है जिनकी सोच उनकी सोच से फिट नहीं बैठती है, वह निश्चित रूप से अपरिपक्व है।
  • बच्चों के नैतिक विकास की प्रक्रिया को याद रखें जैसा कि लॉरेंस कोह्लबर्ग ने बताया है।

जब एक बच्चा छह या सात वर्ष का होता है तो उसके दिमाग में एक ही बात चलती है। वह ये सोचता है कि “जिन लोगों को मैं पसंद करता हूँ उनके साथ सब अच्छा होना चाहिए, और जिन्हें मैं पसंद नहीं करता उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए।”

यह नजरिया रचनात्मक नहीं है, न ही यह सामाजिक रूप से उपयुक्त है। आपको हर किसी का साथ पसंद आये यह जरूरी नहीं है। लेकिन पसंद नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि आपको किसी दूसरे की नाकामयाबी या दुःख की कामना करनी चाहिए।

बेहतर यह होगा, आप दूसरों के व्यक्तिगत जीवन यात्रा अच्छी होने की शुभकामना करें। साथ ही, अपनी राह चलते रहें और आशा करें कि आप दोनों के रास्ते आपस में न टकराये और सभी के भले की कामना करें।

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आप जो करते हैं, सोचते हैं, और चाहते हैं वह हमेशा आपके पास वापस आता है

कुछ लोग इसे “लॉ ऑफ़ कैजुअलिटी” कहते हैं, और अन्य लोग “बूमरैंग इफ़ेक्ट” भी कहते हैं। इन शब्दों का अनुवाद किसी ऐसे चीज़ में किया जा सकता है जिसे समझना आसान हो।

  • आपके विचारों और कार्यों के हमेशा कुछ परिणाम होते हैं। गलत समय पर बोला गया एक भी शब्द किसी ऐसे व्यक्ति को आपसे दूर कर सकता है जिसे आप पसंद करते हैं।

  • अगर आप किसी के साथ कुछ बुरा होने की कामना करते हैं, तो आगे चलकर, ये बात दूसरों को आपको त्यागने और आपसे दूर होने का कारण बनती है। कारण आप द्वेषी हैं और आपकी बुरी इच्छायें उन्हें असहज बनाती है और आपके बारे में बहुत कुछ कह जाती हैं।

  • जो कुछ भी आप कहते हैं, करते हैं, या चाहते हैं वह आपके आस-पास के माहौल पर अपना निशान छोड़ता है। तो कुछ भी बोलने से पहले अपने शब्दों के होने वाले प्रभावों के बारे में सोचना याद रखें।

कुछ करने से पहले, परिणामों के बारे में सोचें। इन सब बातों से ऊपर अपने आस-पास के लोगों के लिए अच्छी चीजों की कामना करें। यह एक अच्छी क़्वालिटी के बीज लगाने की तरह है जो आपको एक अच्छे व्यक्ति के रूप में समृद्ध करेगा।

 
सकारात्मक सोच: गले मिलना

आप अपना भविष्य बनाने के लिए आज़ाद हैं

भगवान बुद्ध ने हमें बताया है, “गर अपने वर्तमान को जानना चाहते हो, तो अपने अतीत को देखो, क्योंकि यह उसका परिणाम है; लेकिन अगर अपने भविष्य को जानना चाहते हो, तो अपने वर्तमान को देखो, क्योंकि यही कारण होगा। “

  • इस विचार का उतना ही आसान अनुवाद है जितना ज्यादा ये समझदारी से भरा है। आप एक आज़ाद प्राणी है और अपनी खुद की वास्तविकता के आर्किटेक्ट हैं। जैसा कि आप जानते हैं, जो कुछ भी आप करते हैं उसके परिणाम होते हैं और इस तरह थोड़ा-थोड़ा करके आप अपने भविष्य को आकार देते हैं।
  • केवल आपके आस-पास के लोगों के लिए अच्छा चाहने से आप अपनी भावनाओं को आकार देंगे और जीवन को अपने तरीके से समझेंगे।

पारस्परिकता और दूसरों की पहचान को स्वीकार करने वाला नजरिया आपके दिमाग को खोलता है और आपके दिल को पोषण देता है

बदले में, जो व्यक्ति अपने चारों ओर सकारात्मक और सहानुभूति से भरा हुआ वातावरण बनाता है, अपने भावनात्मक कल्याण को मजबूत करता है। यह आपको सभी के लिए एक आशावादी और सकारात्मक भविष्य बनाने में मदद करता है।

यह याद रखने लायक है।

 
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  • Ruut, V. (1991). Is Happiness Relative. Social Indicators Research.
  • Gustavsson, B. (2002). What do we mean by lifelong learning and knowledge? International Journal of Lifelong Education. https://doi.org/10.1080/02601370110099489