ब्लोटिंग से बचें : इन 7 खाद्यों को न खाएं

24 अप्रैल, 2020
क्या आपको ब्लोटिंग या पेट फूलने की समस्या है? ब्लोटिंग से बचने के लिए इन 7 खाद्य पदार्थों से परहेज करें और कुल मिलाकर सामग्रिक पाचन को दुरुस्त करें।
 

ब्लोटिंग यानी पेट फूलना एक ऐसी स्थिति है जो हमें उससे ज्यादा भारी भारी होने का आभास से सकती है जितना हम वास्तव में हैं।

कई लोग सोचते हैं, यह उदर क्षेत्र में जमा चर्बी के कारण है, लेकिन कई दूसरे फैक्टर भी हैं जो इस स्थिति का कारण बनते हैं।

दरअसल कभी-कभी पेट में गैस और से पाचन की गड़बड़ी होती है। यह पेट में भारीपण का भाव पैदा करता है।

यह गलत खानपान और खराब खाद्य विकल्पों से जुड़ा हो सकता है। आखिर कई खाद्य खाए जाने के बाद ब्लोटिंग पैदा करते हैं।

दुर्भाग्य से, हम इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि कौन से खाद्य हमारी परेशानी का कारण बन रहे हैं। इस वजह से हम रोजाना इन्हें खाते जाते हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको उन 7 खाद्य पदार्थों के बारे में बताएंगे जो खाए जाने पर ब्लोटिंग पैदा करने के दोषी होते हैं।

1.  दूध या डेयरी प्रोडक्टब्लोटिंग बढ़ाते हैं


दूध और डेयरी उत्पादों को पेट की सूजन से जोड़ा जाता है

यह इनमें मौजूद हाई लैक्टोज के कारण होता है। यह वह शुगर है जो शरीर में गलत तरीके से काम करने के लिए एंजाइमों को मजबूर करके पाचन समस्याओं का कारण बन सकता है।

इसका ठीक से अवशोषण न होने से आंतों में ज्यादा गैस बनती है, सूजन और दर्द होता है।

सुझाव

  • गाय के दूध की जगह वनस्पति प्रोडक्ट जैसे बादाम के दूध या ओट मिल्क का इस्तेमाल करें।
  • अगर आप कैल्शियम के ज्यादा अवशोषण का विकल्प चुनना चाहते हैं, तो वे सब्जियाँ खाएं जिनमें यह मिनरल होता है।

यह भी देखें: इन 6 आसान कसरतों से अपने फूले पेट को आराम देकर अपने हाज़मे में सुधार लाएं

2. रिफाइंड अन्न

जिन अनाज को प्रोसेस किया गया है, उनका न्यूट्रीशन वैल्यू बहुत कम होता है।

पोसेस्द ग्रेन्स में फाइबर बहुत कम होते हैं, जो कि पाचन के लिए अहम है।

वे साबुत अनाज की तुलना में कम विटामिन और मिनरल लिए होते हैं। पाने ग्लूटेन के कारण ये सूजनकी संभावना बढ़ाते हैं।

 

सुझाव

  • जितना संभव हो, मैदा या परिष्कृत अन्न का सेवन घटाएं जिसमें रोटी और पिज्जा शामिल हैं।
  • ऐसे अनाज के विकल्प खोजें जो साबुत हों और ग्लूटेन मुक्त हों।

3. कच्ची सब्जियाँ भी बढ़ा सकती हैं ब्लोटिंग


क्रुसिफेरस सब्जियां आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इनमें कैलोरी कम होती है और ये आपको स्वस्थ रहने में मदद करती हैं।

समस्या यह है कि इनमें कुछ पॉलीसेकेराइड (polysaccharides)  जैसे कि रैफिनोज (raffinose) होता है। यह शरीर में जाकर फर्मेंटेशन से गैस पैदा करता है।

जाहिर है इसका नतीजा पेट में फूलने की समस्या पैदा करता है, जिसका इलाज करना मुश्किल होता है।

सुझाव

  • ऐसी सब्जियाँ कम खाएं, उन्हें हफ़्ते में सिर्फ एक बार अपनी डाइट में लें।
  • उन्हें कच्चा या स्टीम्ड खाएं।

4. लंच मीट

लंच मीट हमेशा ताज़ा दीखते हैं और एक स्वादिष्ट विकल्प होते हैं।

हालांकि, कुछ लोग नहीं जानते कि इन प्रोडक्ट में बहुत सारे केमिकल और फैट होते हैं जो सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं।

इन्हें लगातार खाने से शरीर में सूजनकारी असर होता है, जो पाचन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

इसके अलावा, उनमें बहुत ज्यादा नमक होता है और यह वाटर रिटेंशन या शरीर में पानी जमा होने और मेटाबोलिक गड़बड़ियों का कारण बन सकता है।

सुझाव

  • प्रोसेस्ड मीट की जगह चिकन या टर्की जैसे लीन मीट का विकल्प चुने लें।
  • उन खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें ये होते हैं।

5. तले हुए खाद्य ब्लोटिंग के लिए जिम्मेदार

 

फ्राइड फूड ब्लोटिंग के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। इसलिए नहीं कि वे गैस जमा होने में बढ़ावा करते हैं, बल्कि इसलिए भी कि वे पाचन को धीमा करते हैं और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाते हैं।

सुझाव

  • फ्राइड फ़ूड, प्रोसेस्ड फ़ूड, चिप्स और इस तरह के प्रोडक्ट से पूरी तरह बचें।
  • घर पर खाना बनाते समय ओलिव ऑयल या सूरजमुखी का तेल इस्तेमाल करें।

पढ़ें: पेट फूलना कम करने के लिए 5 प्राकृतिक नुस्ख़े

6. छौंक (Condiments)

मसाला खाने में स्वाद लाता है। कम मात्रा में वे आपकी सेहत को अहम फायदे पहुंचाते हैं।

पर बड़ी मात्रा में खाए जाने पर वे नुकसान भी करते हैं, खासकर जब 2 या अधिक किस्मों को इकट्ठे मिला दिया जाए।

ये पेट की अंदरूनी त्वचा में जलन पैदा करते हैं। उनके सूजनकारी असर करने पर एसिड रिफ्लक्स होता है और ये गैस का कारण बनते हैं।

सुझाव

  • खाने में कम मात्रा में ही मसालों को डालें।
  • एक साथ कई अलग-अलग मसालों को न मिलाएं।
  • बहुत मसालेदार मसालों का सेवन कम करें, जैसे कि काली मिर्च और चिली।

7. बीन्स से भी हो सकती है ब्लोटिंग

हम इनकार नहीं कर सकते कि बीन्स स्वादिष्ट और स्वस्थ आहार के लिए बढ़िया हैं।

वे वेजिटेबल प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन और मिनरल के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

पर बीन्स खाने से उनकी पॉलीसैकराइड तत्वों के कारण सूजन हो सकती है।

सुझाव

  • उन्हें कभी-कभी, मझौले अनुपात में ही खाएं।
  • अवांछनीय पाचन रिएक्शन से बचने के लिए अच्छी तरह से पकाएं।

क्या आप इन खाद्यों को अपने खाने में शामिल करते हैं? अगर हां, तो यह संभव है कि आकार इनके कारण ही आपका पेट फूला रहता है। इन खाद्य पदार्थों को कम खाएं और दूसरे हल्के खाद्य पदार्थों का विकल्प चुनें।

 
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