7 बातें जिन्हें आपको रिश्तों में कभी नहीं सहन करना चाहिए
आज हम प्रकाश डालना चाहते हैं 7 ऐसी बातों पर जिन्हें अपने रिश्तों में आपको कभी सहन नहीं करना चाहिए। इन दुर्व्यवहारों को शुरू से ही पहचान लेना अति आवश्यक है।
जब हम किसी के साथ रहने का फैसला करते हैं, हम आमतौर पर भावनाओं और खुशियों से भरे अनुभव का निर्माण करना चाहते हैं।
अपने साथी के लिए जो आकर्षण और अनुराग हमारे मन में हैं वे हमें उत्साहित और उन्नत करने के लिए होने चाहिए जो समय के साथ हमें पूर्णता का अहसास कराए।
एक बिंदु पर पहुंच कर, हम अनिवार्य रूप से कठिन स्थितियों का सामना करेंगे। हालांकि रिश्ते की समस्या इस बॉण्ड को और मजबूत कर सकती है कि वे यह भी ठान सकते हैं कि हम सचमुच रिश्ते में रहना चाहते हैं या नहीं।
उतार और चढ़ाव तो अनिवार्य रूप से लगा ही रहता है। मगर, यह जरूरी है कि कुछ दुर्व्यवहारों और चाल-चलनों को पहचानने की योग्यता हो जिन्हें अपने रिश्ते में किसी भी परिस्थिति में आपको सहन नहीं करना चाहिए।
तथाकथित ‘भावनात्मक दरिंदे’ हर जगह मौजूद हैं। बदकिस्मती से हम अक्सर भयानक स्थिति में पहुंचने तक उनके खेल का शिकार हो जाते हैं।
1. नियंत्रण
जब आप स्वीकार करती हैं कि आप एक रिश्ते में हैं, आप उस व्यक्ति से अपना जीवन साझा करना चाहती हैं। लेकिन आपको अपने पर पूरा नियंत्रण करने की अनुमति उसे नहीं देनी चाहिए।
आपको क्या करना है या नहीं करना है, कैसे कपड़े पहनने हैं, किस दोस्त के साथ समय बिताना है –ये बाताने का अधिकार आप उन्हें देती हैं तो इसका मतलब है कि वे आगे चलकर यह सोचने लगेंगे कि आपके फैसले पर उनका पूरा नियंत्रण है।
इस तरह के रिश्ते आपके आत्म-सम्मान और आपके निजी व्यक्तित्व के विकास की आजादी को नष्ट कर सकते हैं।
इसे भी देखें : अपनी अंतरात्मा दूसरों की राय से ज्यादा अहमियत रखती है
2. आक्रामकता
शारीरिक या भावनात्मक रूप से आक्रामक व्यवहार कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें अपने रिश्ते में आपको किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करनी चाहिए।
मौखिक प्रहार, धक्का, और सबसे बुरी स्थिति में, शारीरिक शोषण, यह तय करने के लिए पर्याप्त कारण हैं कि यह व्यक्ति आपके जीवन में नहीं होना चाहिए।
अगर किसी को आपकी कोई बातें पसंद नहीं है और इसलिए आपकी ईमानदारी पर हमला करता है, और वह सोचता है कि वे अपनी तरह से इसे हल कर सकता है, तब चीजें और बिगड़ सकती हैं।
ऐसे साथी चालाक होते हैं, और दिखाना चाहते हैं कि वे आपकी कमजोरियों को जानते हैं। वे आपको अपने साथ रखने के लिए मनाने की कई तरीकों की खोज करेंगे।
3. विश्वास की कमी
किसी भी रिश्ते में सबसे जरूरी विश्वास होता है।
यही एक चीज है जो दोनों साथियों को
यह विश्वास ही दोनों साथियों को उस व्यक्ति के बारे में निश्चित महसूस करने की अनुमति देता है जिसके साथ वे हैं, भले ही वे हमेशा एक साथ न रहते हों।
दोनों में से किसी एक में भी विश्वास की कमी हो जाए, ईर्ष्या और लगातार बहस का माहौल बन जाएगा।
4. भावनात्मक धमकी
ऐसे लोग जो कौशल से अपने साथी की भावनाओं से खेलते हुए आमतौर पर अपनी भावनाओं का गहराई से विश्लेषण करते हैं ताकि वे भविष्य उन्हें ब्लैकमेल की तरह उपयोग कर सकें।
आमतौर पर वे विषाक्त प्रेम की अवधारणा बनाने की कोशिश करते हैं, जहाँ उनकी सारी करतूतों को मंजूरी मिल जाए क्योंकि ‘वे आपसे प्यार करते हैं’।
जब आप इस तरह के ब्लैकमेल का सामना कर रहे होते हैं तब दृढ़ रहना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि कमजोरी का कोई भी संकेत उन्हें बता देगा कि आप उनके नियंत्रण में हैं।
5. आपके रंग-रूप के बारे में ताना
हम सबमें शारीरिक खामियाँ हैं, जो हमें असुरक्षित महसूस करा सकती हैं और हमारे रिश्ते और सामाजिक वातावरण में समस्याएं पैदा कर सकती हैं।
हालाँकि, जब हम किसी के साथ अपने जीवन को साझा करते हैं, तो हम चाहते हैं कि वह व्यक्ति हमारी कम से कम मदद करे जो हमें पसंद नहीं है। बस हमारे आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करे।
अगर कोई साथी आपकी शारीरिक बनावट का मजाक उड़ाता है,आपके वजन को लेकर दबाव बनाता है, आपकी त्रुटियों को निकालते हुए आपको तोड़ने की कोशिश करता है, तो उन्हें छोड़ दें।
आप उनकी सुंदरता के नमूने का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं, और यहां तक कि किसी और को खुश करने के लिए भी नहीं।
6. झूठ
झूठ भी एक ऐसा मामला है जिन्हें अपने रिश्ते में कभी सहन नहीं करना चाहिए। वे रिश्ते का सबसे बड़ा दुश्मन है। केवल इसलिए नहीं कि वे विश्वास को तोड़ते हैं, बल्कि इसलिए भी कि वे मानसिक अत्याचार के हथियार हो जाते हैं।
हालांकि यदाकदा सफेद झूठ निरापद हो सकता है, मगर इसे ही जीवन बना लेना, रिश्ते को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।
झूठ की व्याख्या बेवफाई के रूप में की जाती है। यह क्रम अगर लगातार हो, और महसूस हो कि वे ट्रिगर के रूप में सेवा कर रहा है पर यह वह व्यक्ति नहीं है जो वे सोचते हैं कि वही है।
हम पढ़न की सिफारिश करते हैं : दूसरों को मैनीप्यूलेट करने के एब्यूजर्स के 7 हथकंडे
7. नीचा दिखाना
यह दुख की बात हो सकती है, कुछ लोग अपने साथी को खुश करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देते हैं, पर बदले में नीचा दिखना और अपमानित होना पड़ता है।
अगर आपका साथी आपको महत्व नहीं देता, आपको दूसरों के सामने हीन दिखाने या उपहास करने की कोशिश करता है, तो सबसे उत्तम काम जो आप कर सकते हैं, वह है कि जितनी जल्दी संभव हो आप उन्हें छोड़ दें।
उन्हें इस प्रकार व्यवहार करने की अनुमति देने से उन्हें बेहतर महसूस होगा और उन्हें यह अधिकार होगा कि वे जब चाहें आप पर हमला कर सकें।
क्या आपने कभी इन व्यवहारों पर ध्यान दिया है जिन्हें आपको अपने रिश्ते में कभी सहन नहीं करना चाहिए? ध्यान रखें!
हालात को आप से बेहतर न होने दें, क्योंकि आपको इसका पछतावा हो सकता है।
आपका रिश्ता सम्मानजनक होना चाहिए, और आपकी खुशी के लिए सभी आवश्यक अवयवों को प्रस्तावित करना चाहिए।
- Laca Arocena, FA, Mejía Ceballos, JC. DEPENDENCIA EMOCIONAL, CONSCIENCIA DEL PRESENTE Y ESTILOS DE COMUNICACIÓN EN SITUACIONES DE CONFLICTO CON LA PAREJA. Enseñanza e Investigación en Psicología [Internet]. 2017;22(1):66-75. Recuperado de: http://www.redalyc.org/articulo.oa?id=29251161006
- Márquez Otero, X. Ni contigo ni sin ti: la pareja irrompible. Revista Intercontinental de Psicología y Educación [Internet]. 2005;7(2):27-42. Recuperado de: http://www.redalyc.org/articulo.oa?id=8027020
- Pacheco, Belem Medina, García, Claudia Reyes, & Zepeda, Tamara M. Villar. (2009). La confluencia en la relación de pareja como limitante para el crecimiento personal: una visión gestáltica. Revista Mal Estar e Subjetividade, 9(4), 1103-1119. Recuperado em 01 de dezembro de 2018, de http://pepsic.bvsalud.org/scielo.php?script=sci_arttext&pid=S1518-61482009000400003&lng=pt&tlng=es.
- Pazos Gómez, M, Oliva Delgado, A, Hernando Gómez, Á. Violencia en relaciones de pareja de jóvenes y adolescentes. Revista Latinoamericana de Psicología [Internet]. 2014;46(3):148-159. Recuperado de: http://www.redalyc.org/articulo.oa?id=80533065002