5 कारण जो आपको हाई ब्लड प्रेशर का शिकार बना सकते हैं

06 अगस्त, 2018
याद रखें, हाई ब्लड प्रेशर आपको विशेष रूप से तुरंत तो बीमार नहीं बना देगा लेकिन यह ऐसी स्थिति है जिसका इलाज़ उतनी ही गंभीरता से किया जाना चाहिए जितना कि यह वास्तव में है।

हाई ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसी स्थिति है जो आपकी सेहत को खतरे में डाल सकती है।

सही रक्त परिसंचरण (blood circulation) के लिए ब्लड प्रेशर ज़रूरी है। शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के ट्रांसपोर्ट के लिए यह आवश्यक है। यह वह फ़ोर्स है जो खून को धमनियों में स्थानांतरित करता है। अंगों को सक्रिय रखने के लिए खून का आपकी रगों में दौड़ते रहना बहुत ज़रूरी है।

  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तब होती है, जब धमनिकायें (arterioles) सँकरी हो जाती हैं। इससे ह्रदय को ज़्यादा रक्त की पम्पिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
  • हाइपरटेंशन के परिणाम कार्डियक फेलियर (cardiac failure), स्ट्रोक (strokes) और दिल का दौरा पड़ने तक हो सकते हैं। 

यदि डॉक्टर इन कारणों की पहचान करने में असमर्थ रहे, तो हार्ट अटैक या स्ट्रोक का शिकार होने का जोखिम 60% बढ़ जाता है।

“खामोश हत्यारा” है हाई ब्लड प्रेशर

कई बार हाई ब्लड प्रेशर के कोई विशेष लक्षण नहीं दिखते हैं। यह इसकी डायग्नोसिस न होने का एक मुख्य कारण बन जाता है। आमतौर पर यह मुश्किल हमारे सामने तभी आती है जब हम स्वास्थ्य से जुड़ी किसी बड़ी मुसीबत में पड़ जाते हैं।

दुनिया की 31% आबादी हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है। लेकिन लगभग 16 हजार लोग इसके बारे में जानते भी नहीं हैं।

  • यह स्थिति जेनेटिक कारणों से भी पैदा होती है।
  •  हाल में हुए अध्ययन के अनुसार कुछ जेनेटिक बदलाव किडनी की कार्य प्रणाली (जैसे शरीर में साल्ट का सही स्तर बनाए रखना और अन्य शारीरिक परिवर्तन) में दखल देते हैं।
  • इन सब कारणों से यह स्थिति पैदा होती है।
  • लेकिन हाई ब्लड प्रेशर हमेशा जेनेटिक कारणों से ही नहीं होता है।
  • आपकी जीवनशैली भी इसमें अहम भूमिका निभाती है।
  • अगर आप एक सुस्त जीवनशैली अपनाते हैं और आपका खानपान सही नहीं है, तो आगे चल कर आप हाई ब्लड प्रेशर का शिकार बन सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:  हाई ब्लड प्रेशर घटाने के लिए घरेलू नुस्ख़े

5 कारण जो आपको हाई ब्लड प्रेशर का शिकार बना सकते हैं

हाइपरटेंशन से जुड़ा हर मामला अलग होता है। लेकिन, कुछ ऐसे पुख्ता और मान्य तथ्य हैं जो इसका कारण बन सकते हैं। इनमें से ज्यादातर

कारण आपकी डेली हैबिट से जुड़े हैं।

1. बहुत अधिक वजन होना

हाई ब्लड प्रेशर: मोटापा

हाल में किये गए अध्ययन बताते हैं कि ज्यादा वजन वाले या मोटे लोगों में हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावाना ज्यादा होती है।

  • नतीजतन, इनके ह्रदय को शरीर के बाकी अंगों तक रक्त भेजने के लिए पम्पिंग में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
  • वजन कम करने से दिल पर दबाव कम हो जाता है। इस प्रकार कार्डियोवैस्कुलर जोखिम भी कम हो जाता है।

2. खराब जीवनशैली

  • बहुत अधिक शराब पीना, धूम्रपान, बहुत ज्यादा नमक खाना और कम फिजिकल एक्टिविटी उच्च रक्तचाप के मुख्य कारण हैं।

हमारे आज के समाज की सुस्त जीवनशैली के कारण केवल बूढ़े लोगों में ही नहीं, युवाओं के जीवन में हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ा रहा है।

  • हर रोज व्यायाम करने की कोशिश करें। हर दिन 30 मिनट टहलना शुरू कर सकते हैं और अपनी दिनचर्या में अधिक कार्डियो एक्सर्साइज़ जोड़ें।
  • फल और सब्जियां, कम फैट वाला खाना इत्यादि से आपकी सेहत पर अच्छा असर पड़ेगा।
  • अपनी भावनाओं पर नियंत्रण बनाए रखें
  • गुस्सा, शत्रुता, तनाव और ऐसी दूसरी भावनाएं ब्लड प्रेशर बढ़ाने में योगदान देती हैं।

3. रोग से जुड़े कारण

हाई ब्लड प्रेशर: कुछ बीमारियाँ

  • हाई ब्लड प्रेशर का सम्बन्ध क्रॉनिक किडनी रोग, थायराइड, डायबिटीज और स्लीप एप्निया से जुड़ी समस्याओं से भी हो सकता है।
  • कुछ अध्ययनों से पता चला है कि 10% रोगी सेकेंडरी हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं।

इसे भी पढ़ें: किडनी ख़राब होने के लक्षण: वक्त रहते जानिये ये 7 संकेत

4. कुछ दवाओं का इस्तेमाल

  • कुछ ऐसी दवाइयाँ जो अस्थमा के इलाज में इस्तेमाल की जाती हैं, या हॉर्मोन से जुड़ी परेशानियों को ठीक करने के लिए उपयोग में लाई जाती हैं, हाइपरटेंशन उनसे भी बढ़ता है।
  • गर्भ निरोधक गोलियां भी इस बिमारी को बढ़ाने में योगदान देती हैं।
  • इस लिस्ट में कुछ स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स , एंटीड्रिप्रेसेंट और दर्द नाशक दवाएँ भी शामिल हैं।
  • ऐसी दवाएँ ब्लड प्रेशर पर अपना असर डालती हैं और शरीर के सोडियम और लिक्विड बैलेंस को बिगाड़ती हैं
  • इस कारण से हमारी ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और नतीजन हमें हाइपरटेंशन का सामना करना पड़ता है।

5. उम्र का प्रभाव

हाई ब्लड प्रेशर: उम्र का असर

 

  • जो लोग 40 वर्ष की उम्र के होते हैं, उन्हें हाइपरटेंशन होने की सम्भावना अधिक होती है।
  • जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, ब्लड वेसल्स कमज़ोर होती जाती हैं और इनकी लोच कम हो जाती है।
  • आर्टरीज यानी धमनी में बदलाव आता है और इन्हें ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
  • हम ऐसा कह सकते हैं कि दिल को ओवरटाइम काम करना पड़ता है।
  • ज़रूरत से ज़्यादा काम कर चुकी मांससपेशियों की तरह, दिला का साइज़ भी बढ़ता जाता है और इसे ज़्यादा रक्त और ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ती है।
  • और हम अपनी सर्कुलेटरी सिस्टम की ज़रूरतों को पूरा करने में असमर्थ रह जाते हैं।

इससे बचाव के लिए:

  • पैकेज्ड खाना खाने से बचें और ज़्यादा नमक न खाएँ।
  • शराब का सेवन कम से कम करें और धीरे-धीरे अपनी स्मोकिंग की आदत को भी खत्म कर दें।

याद रखें, हाई ब्लड प्रेशर आपको विशेष रूप से तुरंत तो बीमार नहीं बना देगा लेकिन यह ऐसी स्थिति है जिसका इलाज़ उतनी ही गंभीरता से किया जाना चाहिए जितना कि यह वास्तव में है।