हमें सिरदर्द को लेकर कब फिक्रमंद हो जाना चाहिए?

नवम्बर 19, 2018
जब सिरदर्द लगातार होने लगता है और हमें अपने दैनिक कामों को करने से रोकने लगता है, तो हमें गंभीर समस्याओं की संभावनाओं को दूर करने और विशिष्ट टेस्ट कराने के लिए डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

सिरदर्द होना आम बात है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह एक जाना-माना और परेशान करने वाला शत्रु है। ज्यादातर यह किसी भी बड़ी जटिलता के बिना अपने आप चला जाता है।

हालांकि, ऐसे भी लोग हैं जो पेन किलर लेने या खूब आराम करने के बाद भी राहत महसूस करने के बजाय इस असुविधा से कमजोरी का अनुभव करते हैं।

यह एक आम सच्चाई है। हम निश्चित रूप से माइग्रेन (migraine)के बारे में बात कर रहे हैं, वह पुराना सिरदर्द जो हमारे  जीवन की गुणवत्ता को बहुत हद तक प्रभावित करता है।

हम सिरदर्द को लेकर फिक्रमंद कब होते हैं? क्या सिरदर्द किसी खतरनाक बीमारी का लक्षण हो सकता है? 

यह जानते हुए कि जानकारी हमेशा सर्वोत्तम अस्त्र है, नीचे हम तीन विशेष लक्षण बताएँगे जिनसे हम सभी को परिचित होना चाहिए।

सिरदर्द: इसकी गंभीरता के संबंध में किन चीज़ों को ध्यान में रखना है

सिरदर्द: दुखता हुआ सिर

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने सिरदर्द के बारे में एक दिलचस्प अध्ययन किया। सबसे पहले भय और चिंताओं को शांत करने के लिए यह कहना पर्याप्त है कि इस दर्दनाक स्थिति की लगभग 95% घटनाओं में किसी भी गंभीर बीमारी का कोई लक्षण नहीं होता।

इस स्थिति का एक बड़ा हिस्सा कमजोरी का अनुभव कराता है। माइग्रेन, लुपस (lupus), डिप्रेशन या गठिया (arthritis) जैसी बीमारियां वैसी स्थितियां हैं जिनमें सिरदर्द मौजूद होता है।

हम जानते हैं, अकेले सिर्फ इन स्थितियों से कोई भी मर नहीं जाता, लेकिन जीवन की गुणवत्ता पर असर ज़रूर पड़ता है। इस कारण अंधेरे कमरे में अनुभव की गई ये वास्तविकतायें “सामाजिक रूप से अदृश्य बीमारियाँ” के अंतर्गत आती हैं।

ये निस्संदेह जटिल वास्तविकताओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि किस वक़्त सिरदर्द या जाना-माना माइग्रेन सामान्य नहीं होता, और हमें किसी अन्य समस्या की ओर से अलर्ट करता है।

आइए उन तीन विशेषताओं को देखें जिन्हें ध्यान में रखना अहम है।

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1. सिरदर्द को लेकर कब फिक्रमंद होना चाहिए

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपनी स्टडी में लक्षणों की एक श्रृंखला प्रकाशित की है जिन्हें हमें हमेशा ढूंढना चाहिए जब हम या हमारा कोई करीबी व्यक्ति सिरदर्द का शिकार होता है।

नोट करें:

  • अपने सिरदर्द में जब आप अचानक बदलाव महसूस करें। इसका मतलब यह है, अगर पहले हमें एक बिंदु पर तेज दर्द होता था जो पेन किलर लेने से चला जाता था और अब नहीं जाता है, तो हमें इसके बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • अगर हमें यह एहसास होता है कि यह “हमारे जीवन का सबसे बुरा सिरदर्द” (जब्त का लक्षण) है तो हमें सहायता के लिए पूछना चाहिए।
  • यदि खांसी या चलने पर दर्द बढ़ता है, तो यह असामान्य भी है।
  • हमें यह भी विचार करना चाहिए कि क्या दर्द हमें अपने दैनिक कार्यों को करने से रोकता है।
  • ऐसे लोग हैं जो सिरदर्द पीड़ित होने पर आक्रामक या चिड़चिड़े हो जाते हैं। यह भी असामान्य है।
  • अगर यह बुखार और गर्दन में अकड़न के साथ होता है तो बहुत सावधान रहें।
  • अगर देखने-बोलने में कठिनाई, कमजोरी, चक्कर आना या लाल सूजी हुई आंखें हैं तो इमरजेंसी रूम में जाना चाहिए।
  • डॉक्टर भी हमें चेतावनी देते हैं, अगर रात में दर्द अचानक प्रकट होता है तो भी यह असामान्य है
  • अगर हमें सिर पर झटका लगता है और दर्द बना रहता है, तो हमें तुरंत इमरजेंसी रूम में जाना चाहिए।

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2. सिरदर्द और सीज़र (Headaches and Seizure)

सिरदर्द

बिना किसी संदेह के स्ट्रोक वह है जिसकी हम सबसे ज्यादा चिंता करते हैं जिसके लक्षणों में एक सिरदर्द भी होता है। सीज़र बच्चे और बूढ़े दोनों को प्रभावित करता है। सावधानी बरतते हुए चेतावनी सूचक इन छह संकेतों को याद रखना बेहद जरूरी है:

  • अचानक हम शरीर के एक तरफ ताकत में कमी महसूस करते हैं: एक हाथ, एक पैर, या आपके चेहरे का आधा हिस्सा।
  • जब हम अपने जीवन के सबसे बुरे सिरदर्द का अनुभव करते हैं।
  • इसी तरह व्यक्ति चेहरे, हाथ या पैर (शरीर के एक तरफ) में एक तेज़ सिहरन महसूस करता है।
  • हम एक आंख के देखने की शक्ति खो देते हैं।
  • बोलने या खुद की बात समझाने में कठिनाई।
  • सीज़र से पीड़ित होने से पहले चक्कर आना, अस्थिरता या संतुलन को खोना आम है।

“सिरदर्द के दानव (Demon of Headaches)”

सिरदर्द: डॉक्टर को दिखायें

हम माइग्रेन और तनाव भरे सिरदर्द के प्रभाव को जानते हैं, लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट और उन मरीजों के मुताबिक जो इनसे  पीड़ित हैं, क्लस्टर सिरदर्द (cluster headache) सबसे ज्यादा दर्दनाक होते हैं।

इस स्थिति का सामना करते समय सबसे आम बात यह है कि हम डरते हैं और सोचते हैं कि “कुछ बुरा” हो रहा है। हालांकि, यह गंभीर नहीं है।

यह दर्दनाक है और कुछ घंटों तक हमारे जीवन को पैरालाइज कर सकता है। लेकिन जैसा कि हमने पहले कहा है, यह किसी भी गंभीर बीमारी को नहीं दर्शाता है।

  • क्लस्टर सिरदर्द आबादी के 1%, खासकर पुरुषों को प्रभावित करता है।
  • यह एक तीव्र और कमजोरी का एहसास कराने वाला दर्द है जो 15 से 9 0 मिनट तक चल सकता है और दिन के दौरान कई बार आ सकता है।
  • यह बीमारी हाइपोथैलेमस और सर्केडियन  रिद्म की छोटी-मोटी समस्याओं से संबंधित है। कभी-कभी हमारी जीवन शैली, तनाव, नींद की कमी या काम एक साथ मिलकर इस समस्या का कारण बनते है।

निष्कर्ष के लिए, आमतौर पर सिरदर्द लगभग हमेशा गैर हानिकारक होता है और थकान, तनाव, यहां तक ​​कि हार्मोन-असंतुलन से जुड़ा होता है।

फिर भी, एक बार जब यह आपके रोज की दिनचर्या को प्रभावित करता हैं या अन्य लक्षणों से जुड़े हो जैसे यहां बताये गए हैं, तो बेहतर डायग्नोसिस के लिए अपने डॉक्टर से मिलने में संकोच न करें।

इन मामलों में सिरदर्द किसी चीज का एक लक्षण हो सकता है जिसे हमें जानने की ज़रूरत है