गठिया में उपकारी 5 पौष्टिक नाश्ते: इनका सेवन जरूर करें

22 मई, 2018
सुबह का नाश्ता उन सभी पौष्टिक तत्वों को पाने का बेहतर जरिया है जो गठिया की सूजन से निपटने में मदद करते हैं। चलिए आज हम गठिया के लिए फायदेमंद पांच पौष्टिक नाश्तों के बारे में जान लेते हैं।
 

गठिया एक आम बीमारी है। हालाँकि, अभी तक इसे पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। इसके बारे में सबसे सामान्य चीज जो सामने आती है वह है हाथ की उँगलियों में सूजन और उनका टेढ़ा-मेढ़ा होना।

जब हम “गठिया” के बारे में बात करते हैं तो हम किसी एक स्थिति के बारे में बात नहीं करते। हकीकत में तो, गठिया और उनसे सम्बंधित बीमारियाँ लगभग 100 से भी अधिक प्रकार की होती हैं।

यह बीमारी सिर्फ बुज़ुर्गों को ही प्रभावित नहीं करती। बच्चे भी रूमटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित होते हैं। और यह तरुणाई की शुरुआत में भी लोगों को प्रभावित करती है। यहाँ तक कि एथलीट भी गठिया से पीड़ित हो सकते हैं।

इसके साथ ही, गठिया का सबसे मुख्य प्रकार ऑस्टियो आर्थराइटिस को नहीं भुलाया जा सकता। इसमें कार्टिलेज अपनी ताकत और सहन शक्ति दोनों खो देता है।

गठिया एक लाइलाज बीमारी है, फिर भी, रोजाना इसका ईलाज करके पीड़ित को इससे थोड़ी राहत दिलाई जा सकती है।

चाहे आप सूजन वाली इन्फ्लेमेटरी आर्थराइटिस के शिकार हों, या फिर संक्रमण वाली या मेटाबोलिक आर्थराइटिस से पीड़ित हों, सबसे पहले आपको किसी अनुभवी डॉक्टर के पास जाना चाहिये।

साथ ही हमारी तरफ से आपके लिए बहुत ही सरल सुझाव है: आप अपने खाने पर ध्यान दें। दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते के साथ करें। चलिये इसके बारे में जान लेते हैं।

गठिया को कम करने के लिये सबसे पौष्टिक नाश्ता

हम जानते हैं, आहार से गठिया को ठीक नहीं किया सकता। लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों के गुणों के कारण हमको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।इनसे होने वाले फायदे हैं:

  • सूजन कम होना
  • जोड़ों में मजबूती
  • कार्टिलेज को पोषण
  • कोलेजेन के उत्पादन में वृद्धि
  • इम्यून सिस्टम में वृद्धि

हमें किन-किन खाद्य पदार्थों को अपने नाश्ते में शामिल करना चाहिए। आइये इस बारे में भी जान लेते हैं।

  1. झड़बेरी

लाल-फल

अलग-अलग तरह के फलों में अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। लेकिन “लाल बेरी” की श्रेणी में आने वाले फल गठिया से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं – उदाहरण के लिए स्ट्रॉबरी, चेरी, ब्लूबेरी, प्लम और अंगूर

 
  • ये सभी एंटीऑक्सीडेंट और एस्कोर्बिक एसिड ( विटामिन C के गुण ) से भरपूर हैं।
  • इन लाल फलों में पाए जाने वाले एंथोकाइनिन और कैरोटेनोइड और अन्य कंपाउंड सूजन बढ़ाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में हमारी मदद करते हैं

ताज़े फल खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। हालाँकि सारे फल पूरे साल उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है आप फ्रोजन फल भी खरीद सकते हैं। हालाँकि, उनमे विटामिन थोड़े कम हो सकते है लेकिन फिर भी ये काफी फायदेमंद हैं।

  1. कॉफ़ी ? हाँ ज़रूर !

चिंता मत कीजिये: अगर आप गठिया से पीड़ित हैं तो आपको कॉफ़ी छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। बल्कि अगर आप रोज़ सुबह इसे पियें तो ये आपके लिये फायदेमंद ही होगी

  • कॉफ़ी में एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल होते हैं। यह हमारी कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है, सूजन को कम करता है और दिल को स्वस्थ रखता है।
  • अगर आप कॉफ़ी से अधिक फायदे पाना चाहते हैं, तो याद रखें, उसमें क्रीम, शक्कर या दूध न मिलाएं। अगर आपको मीठी कॉफ़ी पसंद है तो ब्राउन शुगर, शहद, नारियल का तेल, आर्गेनिक दूध या ओट्स का प्रयोग कर सकते हैं।
  1. साबुत अनाज

ध्यान रखें!  साबुत अनाज युक्त भोजन रिफ़ाइंड अनाज वाले भोजन से ज़्यादा बेहतर है। रिफाइंड अनाज में से छिलके और अंकुर हटा दिए जाते हैं जब कि इसी में अधिकाँश विटामिन, खनिज और प्रोटीन होते हैं।

अगर आप प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे सफ़ेद ब्रेड या मैदा ज़्यादा खाते हैं तो यह जोड़ों में सूजन को और बढ़ा देगा। इसलिए आपको अपने नाश्ते में नीचे बतायी गयी चीजों को शामिल करनाचाहिए।

  • चौलाई : यह अनाज प्रोटीन से भरपूर होता है। इसका स्वाद भी चटपटा और मजेदार होता है। आप इसके दलिये को नाश्ते के रूप में ले सकते हैं।
  • जई : यह भी अच्छा विकल्प है। इसमें स्ट्रॉबेरी, सेब और शहद मिलाने से और पौष्टिक बनाया जा सकता है।
  • मेथी : इसमें बहुत ज्यादा प्रोटीन होता है इसका उपयोग पैनकेक, क्रेप्स और मफिन बनाने में किया जा सकता है।
  • किनुआ : इस अनाज के शानदार गुण गठिया की सूजन को कम करते हैं।
  1. गाजर का रस

अगर आपको अपने नाश्ते के साथ एक पौष्टिक जूस चाहिए तो गाजर का रस सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट, कैरोटीनोइड, विटामिन C, D और खनिज पदार्थ आपके जोड़ों को स्वस्थ रखने और कोलेजेन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करते है।

  1. पिस्ता

पिस्ता
 

चौंक गये ना? हो सकता है, आप पहले से ही इसे इस्तेमाल करते होंगे। रोजाना मुठ्ठी भर पिस्ता खाने से आपके जॉइंट्स और हड्डियों को ताकत मिलती है।

  • पिस्ता नेचुरल प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है। यह गठिया पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, विटामिन ई, फाइबर और अल्फा-लिपोइक एसिड (ALA) आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।

हमें संतुलित और पौष्टिक आहार को बनाये रखने के लिए अच्छे से अच्छे तरीके इसमें शामिल करने चाहिये।

विटामिन C से भरपूर एंटीइन्फ्लेमेट्री गुण वाले विशेष खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने से गठिया के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए इन खाद्य पदार्थों को ध्यान में रखना उचित है।

  • Alhambra-Expósito, M. R., Arjonilla-Sampedro, M. E., Molina-Puerta, M. J., Tenorio-Jiménez, C., Manzano-García, G., Moreno-Moreno, P., & Benito-López, P. (2013). Recomendaciones dietéticas en la artritis reumatoide. Revista Española de Nutrición Humana y Dietética17(4), 165-171.
  • Alvarez, L. B., & Lario, B. Á. (2003). El libro de la artritis reumatoide. Ediciones Díaz de Santos.
  • del Grupo, D. B. G. M., Álvarez, J., Cabrerizo, L., León, M., Luna, P. P. G., Peris, P. G., … & Virgili, N. (2006). Bases científicas de una alimentación saludable. Rev Med Univ Navarra50(4), 7-14.
  • González Cernadas, L., Rodríguez-Romero, B., & Carballo-Costa, L. (2014). Importancia de los aspectos nutricionales en el proceso inflamatorio de pacientes con artritis reumatoide: una revisión. Nutrición Hospitalaria29(2), 237-245.
  • Uribe Botero, L., Gómez Rojas, L., & Amariles Muñoz, P. (2010). Guía de actuación farmacéutica en pacientes con artritis reumatoide. Medicarte.