हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज के लिए ट्रिक्स

06 जून, 2020
मेनोपाज के दौरान स्वस्थ और खुश रहने का मतलब है अपनी देखभाल करना और खुद को सुनना भी है। तब आपको एहसास होगा कि आप हमेशा की तरह वही इंसान हैं, बस ज़िन्दगी के ज्यादा अनुभवों के साथ।
 

मेनोपाज को अक्सर गलत परिघटना के रूप में लिया जाता है। कई पूर्वाग्रह हैं, और कुछ लोग सोचते हैं कि यह जीवन के प्रमुख हिस्से का अंत है। हालाँकि एक हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज भी संभव है।

किशोरावस्था की शुरुआत की तरह ही, इस पुनर्संरचना से शरीर और मनोदशा में बदलाव होते हैं जो हमेशा सुखद नहीं होते।

अब मेनोपाज के बारे में बहुत कुछ मालूम हो चुका है, और इसे नियंत्रित करने और खुश और स्वस्थ रहने के अब कई तरीके हैं।

आपको बस उन्हें एक मौका देना होगा और लगातार इसमें जुटे रहना होगा।

हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज के कुछ उपाय

1. अपनी हड्डियों का ध्यान रखें

हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज के कुछ उपाय

इस अवस्था में हड्डियों का टूटना शुरू होना आम बात है। इसलिए डाइट में उन खाद्य पदार्थों को शामिल करना ठीक रहेगा जो कैल्शियम और दूसरे मिनरल से भरपूर हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और आपकी हड्डियों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने की क्षमता रखते हैं।

उन्हें मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज के साथ इन खाद्य पदार्थों को खाएं। सबसे ज्यादा किये जाने वाले व्यायामों में से एक है पैदल चलना। यह आपको उस फैट को गलाने में भी मदद करेगा जो ज़मना शुरू करते हैं और आपके ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार होगा।

“इस पर भी एक नज़र डालें: कैल्शियम सप्लीमेंट कैसे चुनें

2. दिन में 20 मिनट तक सूरज की धूप लें

 

धूप में रहना विटामिन D पाने का एक शानदार तरीका है। इस विटामिन की एक ख़ास बात यह है कि यह आपके शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करती है। सूरज की रोशनी आपके मूड को बेहतर बनाने में भी मदद करती है, एक तीर से दो शिकार।

पर धूप में रहने का सही वक्त चुनें। सुबह के शुरुआती घंटे और दोपहर बाद आख़िरी घंटे सबसे अच्छे होते हैं।

याद रखें कि यूवी किरणें आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतें।

3. खूब पानी पिएं

भले ही आप इसे रोकने के लिए पढ़ रही हों, या आप इस प्रक्रिया से गुजर रही हों, आपने निश्चित रूप से हॉट फ़्लैश के बारे में सुना होगा। यह गर्मी का अचानक और तेज अहसास है जो अक्सर बहुत पसीना ला देता है।

डिहाइड्रेशन रोकने के लिए दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीना सबसे अच्छा है। यह सलाह सभी के लिए है, लेकिन अगर आप मेनोपाज से गुजर रही हैं तो यह अहम है।

आपकी त्वचा अच्छी दिखे और शरीर का कामकाज अच्छी तरह से हो, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना पानी पीती हैं। पानी के बिना, आपको अधिक झुर्रियाँ होंगी, आपकी त्वचा सुस्त होगी और आपके अंग वैसा काम नहीं करते जैसा करना चाहिए।

4. हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज के लिए दोस्तों के साथ बाहर जाएं

 

ऊपर, हमने मेनोपाज की तुलना किशोरावस्था से की है। ये दोनों एक भावनात्मक रोलर कोस्टर की तरह हैं।

इसलिए आपको अपने लिए वक्त निकालने की ज़रूरत है। दोस्तों के साथ आउटिंग बहुत जरूरी है। उनसे बात करने से आपके दिलो-दिमाग पर बहुत पॉजिटिव असर पड़ता है।

यह एक सुरक्षित, भरोसेमंद जगह है। आप एक साथ हँसेंगी, लेकिन आपके पास अपनी समस्याओं को शेयर करने के लिए एक जगह भी होगी।

“हम पढ़ने की सलाह देते हैं: ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम के लिए कैल्शियम से भरपूर नुस्खा

5. हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज मेडिटेशन करें

हैप्पी, हेल्दी मेनोपाज मेडिटेशन करें

अपने बारे में सोचने और सहेजने के लिए वक्त निकालना अच्छा है। जैसा कि आप जानती हैं, मेडिटेशन का अर्थ है अपने आप से जुड़ना, अपने मूल से और जो आप वास्तव में हैं।

आप पाएंगी कि वर्ष आपको इससे दूर नहीं ले जा सकते हैं। आपके पास हमेशा एक ही रोशनी होगी। आखिरकार आप उसी बच्ची का ही एक वर्जन हैं जो आप कभी थीं। मेडिटेशन से आप उन परतों को हटा देती हैं जिन्हें आप डाल रही हैं और आप दोबारा खुद को खोज पाती हैं।

ध्यान आपको वह शांति दे सकता है जिसकी आप तलाश में हैं। आपको महसूस होगा कि आपका शरीर बदल सकता है, लेकिन आपका अस्तित्व बरकरार है।

यह आपको खुद का आनंद लेने और खुद को तैयार करने में मदद करेगा।

मेनोपाज के साथ आने वाले बदलाव आपको भीतर की ओर देखने का एक तरीका साबित हो सकते हैं। यह सोचने के लिए कि आप क्या चाहती हैं, आप कौन हैं और आपके लिए क्या अच्छा है।

अपना ख्याल रखें और उन गलतफहमियों का मुकाबला करें।

 
  • Fernando Naclerio; Daniel Forte Fernández (2006). Función y entrenamiento de la musculatura abdominal. Una visión científica (España). https://www.researchgate.net/publication/39435058_Funcion_y_entrenamiento_de_la_musculatura_abdominal_Una_vision_cientifica
  • Guillermo Umbría Espinosa (2015). La importancia de la alimentación en el deportista (España). https://biblioteca.unirioja.es/tfe_e/TFE001118.pdf