एंग्ज़ाइअटी और वजन घटाने के लिए सीखें मैग्नीशियम क्लोराइड बनाना

19 जून, 2018
मैग्नीशियम क्लोराइड के कई चिकित्सकीय फायदे हैं। लेकिन यह सेहत को जोखिम में डाले बिना वजन घटाने और शरीर के टॉक्सिन यानी जहरीले पदर्थों को बाहर निकाल कर इसकी सफ़ाई में हमारी मदद करने के लिए ज्यादा जाना जाता है।
 

मैग्नीशियम क्लोराइड पानी में घुल जाने वाला सॉल्ट है। इसका स्वाद कुछ-कुछ नमकीन और कड़वे के बीच का होता है।

शरीर में सोडियम और पोटैशियम का खोया हुआ संतुलन वापस पाने के लिए मैग्नीशियम क्लोराइड लेना एक बेहतरीन उपाय है। हमारे सामान्य आहार में अक्सर सोडियम की भरमार होती है लेकिन पोटैशियम बहुत ही कम होता है।

स्वास्थ्य से जुड़े इसके कुछ दूसरे बेहतरीन फायदे भी हैं।

हालांकि इसके कुछ अन्य संभावित अंतर्विरोध भी हैं। इनके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए ताकि आप किसी भी संभावित साइड इफेक्ट से बच सकें।

हमारे शरीर में मैग्नीशियम क्लोराइड क्या करता है?

मैग्नीशियम क्लोराइड

मैग्नीशियम क्लोराइड क्लोरीन और मैग्नीशियम से बना होता है।

यह ध्यान रखें, हमारे शरीर में कुल मैग्नीशियम का करीब 60 प्रतिशत हड्डियों में होता है और अन्य 26 प्रतिशत मांसपेशियों में

हमारे शरीर में बाकी का मैग्नीशियम सॉफ्ट टिश्यू और शरीर में मौजूद तरल पदार्थों में पाया जाता है।

शरीर में मैग्नीशियम का सबसे महत्वपूर्ण काम है, शरीर के कुछ हिस्सों में जमा हुए कैल्शियम से छुटकारा पाकर उसे हड्डियों तक ले जाना जहां उसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है।

शरीर के लिए मैग्नीशियम वाॅटर के फायदे

  • मैग्नीशियम जमे हुए कैल्शियम को इकट्ठा करके हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने में हमारी सहायता करता है।
    इसीलिए मैग्नीशियम जोड़ों की मेंब्रेन पर जमे कैल्शियम को हटाने में उत्कृष्ट होता है।
  • यह कैल्सिफाईड स्कलेरोसिस (धमनियों की दीवारों में कैल्शियम जमने से उनके सख्त होते जाने की समस्या) के लिए भी बहुत अच्छा उपचार है।
  • यह खून को शुद्ध करके स्ट्रोक से बचाता है।
  • यह उन अंगों में दोबारा से जान डाल देता है जो हमारे शरीर में मुख्य भूमिका निभाते हैं, विशेष रूप से ग्रंथियों में। उदाहरण के तौर पर, यह किडनी को एक्टिवेट करके यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • मैग्नीशियम बौद्धिक थकावट को कम करता है, मांसपेशियों की कमजोरी को घटाता है और आपके शरीर में खनिजों के असंतुलन को सुधारता है।
 
  • मैग्नीशियम के एक्टिव इंग्रेडिएंट थकान से राहत दिलाते हैं और प्रॉस्टेट ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं से बचाते हैं।
  • इस मिनरल का एक और सकारात्मक प्रभाव यह है कि यह एक बढ़िया प्राकृतिक ट्रैंक्विलाइज़र है। यह न्यूरॉन में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में हमारी सहायता करता है और नर्व ट्रांसमिशन में भूमिका निभाता है।
  • 40 की उम्र के बाद मैग्नीशियम एक बहुत ही जरूरी मिनरल होता है। इस उम्र के बाद हमारा शरीर भोजन में मौजूद पोषक तत्वों को पहले की तरह नहीं सोख पाता है। ऐसे पोषक तत्वों की कमी के कारण कई गंभीर बीमारियां घर कर सकती हैं। इनकी कमी से बहुत जल्दी उम्र का असर भी दिखने लगता है।
  • मैग्नीशियम विशेष रूप से दिल, लिवर, मस्तिष्क और किडनी में पाया जाता है। इसलिए मैग्नीशियम की किसी भी प्रकार की कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती है।

कई बीमारियों से लड़ता है मैग्नीशियम

मैग्नीशियम क्लोराइड: एंग्ज़ाइअटी वजन घटाना

मैग्नीशियम क्लोराइड की बदौलत जिन बीमारियों से बचा जा सकता है उनके कुछ उदाहरण देखिये:

  • एक अनुसंधान के अनुसार, रोज इसका सेवन करना कोलोरेक्टल कैंसर से बचा सकता है
  • यह आपको प्रॉस्टेट से जुड़ी समस्याओं के होने से भी बचा सकता है।
  • मैग्नीशियम डायबिटीज से बचाता है और उन लोगों के जीवन में सुधार लाता है जो इससे पीड़ित हैं।
  • मैग्नीशियम का नियमित सेवन कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से बचाता है।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया, मैग्नीशियम जोड़ों में यूरिक एसिड को जमा होने से रोककर ऑर्थराइटिस से भी बचाता है।
  • यह एक बड़ा ही प्रभावशाली एक्टिव इंग्रेडिएंट है जो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से बचाता है। इनमें पाचन से जुड़ी समस्याएं और आंतों से जुड़ी गड़बड़ियां शामिल हैं।

मैग्नीशियम की बदौलत जिन अन्य बीमारियों को सुधारा जा सकता है वह हैंः

  • अल्जाइमर यानी भूलने की बीमारी
  • अस्थमा
  • अरीद्मिया (दिल की धड़कन में अनियमितता)
  • थकान
  • उच्च रक्तचाप
  • तनाव

वज़न घटने के लिए मैग्नीशियम क्लोराइड को आहार में कैसे शामिल किया जाए

मैग्नीशियम क्लोराइड: वजन घटाने
 

सामग्री

  • 1 कप पानी (200 मिली.)
  • 1 बड़ा चम्मच मैग्नीशियम क्लोराइड (10 ग्राम)
  • आधे नींबू का रस
  • 1 छोटा चम्मच शहद (7.5 ग्राम)
  • बर्फ (इच्छानुसार)

बनाने की विधि

  • मैग्नीशियम क्लोराइड को पानी भरे गिलास में डालकर तब तक मिलाएं जब तक वह घुल न जाए।
  • अब इसमें नींबू का रस और छोटा चम्मच शहद मिला लें, और यदि आप चाहें तो बर्फ भी।

इसे कब लिया जाए?

  • घर में बनी इस औषधि को दो महीने तक हफ्ते में 4 बार लें
  • ध्यान रखें, यह आहार से जुड़ा सप्लीमेंट है। इसलिए अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाएं बिना मैग्नीशियम के फायदों का लाभ उठाने के लिए इसका बड़ी सावधानी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • मैग्नीशियम के संभावित बुरे प्रभावों से बचने के लिए, बेहतर है कि इस औषधि को सुबह नाश्ते के बाद लिया जाए। 

मैग्नीशियम क्लोराइड के बारे में कुछ चेतावनियाँ

  • पहली और सबसे जरूरी बात यह है कि मैग्नीशियम क्लोराइड को सोडियम क्लोराइड (जिसे नमक के रूप में जाना जाता है) मत समझिये।
  • आहार में ज़रूरत से ज्यादा मैग्नीशियम क्लोराइड की वजह से परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। इसका ऐसा लैक्जेटिव असर होता है जो पोषक तत्वों के सोखे जाने में बाधा डालता है।

Jørgensen, P., Winther, G., Kihl, P., Nielsen, A. K., & Sørensen, D. B. (2015, October). Dietary magnesium deficiency affects gut microbiota and anxiety-like behaviour. Acta Neuropsychiatria. 27(5):307-11.