विटामिन बी12 की कमी घातक हो सकती है, ये हैं इसके लक्षण

जून 2, 2018
विटामिन B12 हमारी सेहत को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए हमें शरीर के उन संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए जो विटामिन B12 की कमी को दर्शाते हों।

विटामिन B12 शरीर के सबसे महत्वपूर्ण विटामिन में से एक है। शरीर में इस विटामिन का उचित स्तर मेटाबोलिज्म और मनोस्थिति को बेहतर बनाए रखने में भी सहायता करता हैं। इसलिए विटामिन B12 की कमी  शरीर के इन कार्यो में बाधा खड़ी कर सकती है।

यदि आपके शरीर में विटामिन B12 की कमी 5 साल से ज्यादा रह जाए तो इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं।

क्योंकि इस विटामिन की भूमिका शरीर के कुछ प्रक्रियाओं के लिए इतनी मौलिक और ज़रूरी होती है की कुछ लोग इसे “ऊर्जा देनेवाला विटामिन” भी कहते हैं।

हम आमतौर पर भोजन से विटामिन B12 प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि, कुछ अवसरों पर इस विटामिन के उचित स्तर को बनाए रखने के लिए साल में कम से कम दो बार इसकी अतिरिक्त खुराक लेना ज़रूरी होता है।

यह विटामिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • यह डीएनए के उत्पादन के लिए ज़रूरी होती है।
  • यह तंत्रिका कोशिकाओं, रक्त कोशिकाओं और शरीर में सभी जेनेटिक सामग्रियों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।

हमारे शरीर में विटामिन B12 मूत्र में मौजूद नहीं होती है। वास्तव में यह हमारे लीवर, किडनी तथा अन्य अंगों में मौजूद रहती है जहाँ से हमारा शरीर इसका उपयोग करता है।

विटामिन B12 की कमी के लक्षण

विटामिन B12 की कमी के लक्षण

विटामिन B12 की कमी के कई अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं। इसलिए इसकी संभावना है कि हम इन सभी लक्षणों के होने के बावजूद इन्हें पहचान न पाए।

कुछ अध्ययनों में अल्जाइमर रोग का विकास विटामिन B12  की कमी के साथ जुड़ा पाया गया हैं। साथ ही इस विटामिन की कमी के कारण स्मृति से जुड़ी समस्याएँ, एकाग्रता में कमी, भ्रम और स्थायी रूप से भूलने की बीमारी भी हो सकती है।

डिजनरेटिव बीमारियों की शुरुआत होने के कारकों में से एक कारक मस्तिष्क के द्रव्यमान में कमी होना है। शरीर में विटामिन B12 का उचित स्तर बनाकर आप बहुत कम समय में ही डिजनरेटिव बीमारियों के प्रभाव को पलट सकते हैं। हालांकि यह केवल तब तक संभव है जब तक ये बीमारियाँ बहुत जटिल स्तर पर न पहुँची हों।

विटामिन B12 की कमी के 80% मामलों में आम तौर पर तीन परिस्थितियाँ देखी गई हैं:

  • बढ़ती उम्र
  • रोजाना 6 कप से अधिक कॉफी पीना
  • शाकाहारी भोजन का सेवन

झुनझुनाहट और थकान

एक अन्य लक्षण जो विटामिन B12 की कमी को दर्शाता है वह है खराब रक्त संचालन के कारण बाहों और पैरों में झुनझुनाहट होना

यह अन्य वजहों से भी हो सकती है। लेकिन ये लक्षण दिखाई देने पर इस बात की जाँच अवश्य कराएं कि आप विटामिन बी12 की पर्याप्त मात्रा का सेवन कर रहे है कि नहीं।

कभी-कभी इस विटामिन की कमी के कारण थकान, निराशा, उदासीनता, प्रेरणा की कमी, या बार-बार मनोस्थिति के बदलने जैसे दैनिक संकेत भी दिख सकते हैं। डिप्रेशन इन सभी लक्षणों का एक कारण है, लेकिन केवल यही एकमात्र कारण नहीं है।

यदि आपको ऐसा लगे कि आपको मनोवैज्ञानिक मदद की आवश्यकता है तो ऐसा सोचना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन आप अपने शरीर में विटामिन B12 के स्तर को बढ़ाने की कोशिश करें। हो सकता है, इन सभी परेशानियों और लक्षणों का यह एक तत्काल समाधान हो।

विटामिन B12 की कमी के कारण थकान

कब्ज़ की शिकायत

कभी-कभी, विटामिन B12 की कमी वाले लोगों को कब्ज़ या दस्त की परेशानी हो सकती है। यह परेशानी प्रत्येक व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य पर आधारित होती है।

चक्कर आने की शुरुआत भी इस विटामिन की कमी का लक्षण हो सकती है जो बेहोश होने की स्थिति तक भी पहुँच सकती है। यदि आपको कभी-कभी आनेवाला चक्कर कुछ समय के लिए रहता है तो आपको इस पर विशेष ध्यान देना होगा।

यद्यपि एनीमिया शरीर में आयरन की कमी के कारण होता है। लेकिन अगर आयरन की कमी के साथ-साथ विटामिन B12 की भी कमी हो तो यह एनीमिया की स्थिति को और भी खराब कर सकता है। इस विटामिन की कमी से लाल रक्त कोशिकाओं में भी कमी आती है जिससे एनीमिया तथा अन्य रक्त से जुड़ी समस्याएँ हो सकती है।

इस विटामिन की कमी के अन्य लक्षणों में भूख, दस्त, या दैनिक गतिविधियों को करने में गंभीर समस्याओं का सामना करना शामिल है।

भूख कम लगना और रिफ्लेक्स एक्शन में कमी

अन्य, कम स्पष्ट लक्षणों में त्वचा के रंग में संभावित परिवर्तन ( हल्के पीले रंग से पूरा पीला हो जाना) तथा रिफ्लेक्स एक्शन यानी प्रतिवर्ती क्रियाओं में कमी होना शामिल हैं। यह लक्षण तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों में कमी आने के कारण उत्पन्न होता है।

विटामिन B12 की कमी आपकी भूख को भी कम कर सकती है। इस मामले में सावधान रहना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह केवल भोजन की बात नहीं है, बल्कि शरीर को मिलने वाले पोषण की भी बात है। यदि पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं ग्रहण किया गया तो शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिले सकेंगे। यह याद रखें कि अगर आप भोजन करना बंद कर देंगे तो आप एनीमिया से संबंधित समस्याओं के शिकार हो सकते हैं।

घबराहट होना

क्या आप हमेशा से हर स्थिति में शांति से बिना घबराहट के काम करनेवाले व्यक्ति थे? लेकिन अब अचानक आपके स्वभाव में एक अनियंत्रित घबराहट की प्रवृति दिखने लगी है? यदि ऐसा है तो यह विटामिन B12 की कमी का संभावित परिणाम  हो सकता है।

इसके अलावा, इससे प्रभावित लोगों में विचलित होने के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। यह घबराहट की स्थिति शुरुआत में कभी-कभी होती हैं। धीरे-धीरे यह नियमित रूप से अधिक से अक्सर होने लगती है।

छाती में दर्द होना

छाती में दर्द, इस विटामिन की कमी का एक बहुत ही स्पष्ट लक्षण है। विटामिन B12 की कमी के कारण स्टर्नम (गर्दन से लेकर पेट तक की हड्डी) के आस-पास की माँसपेशियों में कमी आने लगती है।

यह स्टर्नोकॉन्ड्राइटिस का कारण भी बनती है जिसमें छाती के जोड़ों में कमी आने के परिणामस्वरूप तीव्र दर्द होने लगता है।

अन्य संभावित लक्षण

विटामिन B12 की कमी के कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं जो इस प्रकार हैं:

  • ठंड का महसूस होना जब तक कि वास्तव में तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
  • दस्त से बार-बार पीड़ित होना। यह लक्षण धीरे-धीरे प्रकट होता है। इसके गंभीर मामलों में दस्त के साथ-साथ मल त्याग के समय गंभीर पीड़ा भी होती हैं।
  • प्रजनन से जुड़ी समस्याएँ भी हो सकती है क्योंकि विटामिन बी12 का शरीर में मौजूद आनुवांशिक तत्वों से सीधा संबंध होता है, इसलिए इसकी कमी से अपने आप गर्भपात, शुक्राणुओं की संख्या में कमी और महिलाओं के प्रजनन पथ में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
  • मुँह में दर्द होना- मुँह में बैक्टीरिया के निर्माण के कारण मुँह में निरंतर संक्रमण या नियमित रूप से रक्तस्राव होने की स्थिति को आप अनदेखा ना करें। याद रखें कि यदि आप इस लक्षण को अनदेखा करेंगे तो इससे आपके दाँत को हानि पहुँच सकती है। इससे आपके दाँत अपने आप टूट सकते हैं।

वे दवाएँ जो विटामिन B12 की कमी का कारण बन सकती हैं

  • गर्भ निरोधक
  • कैंसर की दवाएँ
  • गठिया, पार्किंसंस रोग और तपेदिक की दवाएँ
  • मिर्गी निरोधक दवाएँ
  • पोटैशियम की खुराक
  • अतिसंवेदनशीलता के इलाज के लिए दी जानेवाली दवाइयाँ
  • कोलेस्ट्रॉल को कम करनेवाले उपचार
  • मनोवैज्ञानिक बीमारियों के लिए किए जानेवाले उपचार

विटामिन B12  के उचित स्तर को बनाए रखने का महत्व

विटामिन B12 की कमी के लिए मांस

यह जानने के बाद कि कुछ दवाएँ इस विटामिन की कमी का कारण बन सकती हैं, आप अवश्य ही डरकर इन दवाओं के सेवन को बंद करने की सोचेंगे।

लेकिन ऐसा करने के बजाए, आप डॉक्टर से इसकी जाँच करवाएँ। साथ ही नीचे दिए गए खाद्यपदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करने की कोशिश करें:

  • बड़ी सीप (क्लैम्स)
  • चिकन अर्थात मुर्गी का माँस
  • अंडे
  • अनाज जैसे कि दलिया, गेहूँ इत्यादि
  • Oh, R. C., & Brown, D. L. (2003). Vitamin B12 deficiency. American Family Physician.
  • O’Leary, F., & Samman, S. (2010). Vitamin B12 in health and disease. Nutrients. https://doi.org/10.3390/nu2030299
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