थाइराइड की समस्या: 14 संकेत और लक्षण

मई 9, 2018
थाइराइड की समस्या के कई लक्षण दूसरी बीमारियों से भी जुड़े हुए हैं। इसलिए इस मामले में आश्वस्त होने से पहले अपने डॉक्टर की राय लेना हमेशा ही सही फैसला होता है।

थाइराइड की समस्या उससे कहीं बड़ी और आम समस्या है, जितना आप सोचते हैं । ज्यादातर यह महिलाओं को प्रभावित करती है। सामान्यतः इसके लक्षण आसानी से नजर में नहीं आते। कभी-कभी तो मौजूद भी नहीं होते हैं। इसलिए थाइराइड की समस्या के संकेत और लक्षणों के बारे में जागरूक होना बहुत जरूरी है।

इस लेख में हम थाइराइड की समस्या के कुछ सबसे सामान्य लक्षणों के बारे में बात करने जा रहे हैं।

थाइराइड की समस्या और थाइराइड ग्रंथि के सम्बन्ध को जानें

महिलाओं में थाइराइड की समस्या

थाइराइड एक छोटी-सी ग्रंथि है जो गले की हड्डी के ऊपर स्थित होती है। यह दो महत्वपूर्ण हार्मोन (टी3 और टी4) को बनाती है।

ये दो हार्मोन इन क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं:

  • वृद्धि
  • विकास
  • मेटाबोलिज्म
  • शरीर का तापमान
  • हृदय गति
  • रक्त चाप

यदि थाइराइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं कर रही है, तो यह निम्न समस्याएं पैदा कर सकती है:

  • हाइपरथाइराइडिज्म; इसमें शरीर सामान्य से अधिक हार्मोन पैदा करने लगता है।
  • हाइपोथाइराइडिज्म, इसमें शरीर पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाता।

थाइराइड की समस्या से जुड़ी ये दोनों ही स्थितियां नर्वस सिस्टम में गड़बड़ी का नतीजा हैं। इसका मतलब है कि एंटीबॉडी इसे ठीक से काम करने से रोकती है।

थाइराइड की समस्या के संकेत और लक्षण

आपका शरीर जो संकेत दे रहा है उन पर ध्यान दें। इससे आप जल्दी से जल्दी थाइराइड की समस्या का सही इलाज कर सकेंगे।

उदासी और डिप्रेशन

मूड थाइराइड की समस्या से प्रभावित हो सकता है। ऐसा में बिना किसी स्पष्ट कारण के भी डिप्रेशन होता है।

जब ग्रंथि बहुत कम हार्मोन पैदा करती है, तो सेरोटोनिन का स्तर घटने लगता है और यह नेगेटिव फीलिंग्स के रूप में असर डालता है।

इसके विपरीत, यदि थायराइड बहुत ज्यादा हार्मोन पैदा करे, तो आप लगातार बेचैन और उत्तेजित होने लगते हैं।

वजन में परिवर्तन

थाइराइड की समस्या और वजन का परिवर्तन

यदि आप एक्सरसाइज करते हैं, डाइट चार्ट फॉलो करते हैं, लेकिन तब भी वजन नहीं घटा पा रहे हैं? तो इसका एक कारण थायराइड की समस्या भी हो सकती है।

ठीक इसी तरह, यदि आप कितना भी खाना खा लें, लेकिन वजन नहीं बढ़ता। इस असंतुलन का सीधा-सीधा कारण मेटाबोलिक परिवर्तन हो सकता है।

कब्ज

सब्जियों और फाइबर से भरपूर खाना खाने के बावजूद बार-बार बाथरूम जाना थाइराइड की समस्या के मुख्य लक्षणों में से एक है।

यदि आप पहले से ही कब्ज से पीड़ित हैं जिसके कारण पेट फूलना और आंतों में दर्द होता हो, तो आपको बिना देर किये डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

नींद की समस्या

क्या आप ठीक से सो नहीं पाते? क्या आप बिना किसी वजह के आधी रात में जाग जाते हैं? यह थाइराइड की समस्या के कारण हो सकता है। सोने में परेशानी, बुरे सपने और नींद ना आना थाइराइड ग्रंथि की कमजोरी के परिणाम हैं।

नींद की बढ़ती जरूरत और जल्दी उठने में कठिनाई, यह भी थाइराइड की समस्या का लक्षण हो सकती है। थाइराइड ग्रंथि का ठीक से काम ना करना शरीर को सुस्त कर देता है

जोड़ों का दर्द

जोड़ों में दर्द और थाइराइड की समस्या

यह लक्षण कई बीमारियों से जुड़ा है। कभी-कभी यह बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने या बहुत ज्यादा वजन उठाने से भी हो जाता है।

लेकिन, कभी-कभी थाइराइड का कम स्राव होना भी जोड़ों में दर्द का कारण होता है, खासकर हाथों और पैरों में। इस पर आपको विशेष ध्यान देना होगा। क्योंकि यह फाइब्रोमाल्गिया में बदल सकता है।

रूखी त्वचा

त्वचा हमेशा शुष्क और “खुरदरी” रहती है और मॉइस्चराइजिंग लोशन, क्रीम और तेल भी ठीक नहीं कर पाते।

यह लक्षण पैरों और चेहरे की त्वचा पर सबसे अधिक देखा जाता है। बगल और सिर की त्वचा भी रूखी हो सकती है। हालांकि कई बार यह सामान्य से कम पसीना होने के कारण भी ऐसा होता है।

बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल

जब आप संतुलित, कम फैट वाला खाना ले रहे हों तो खून में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना नहीं चाहिये।

हाइपोथाइराइडिज्म से पीड़ित होने पर शरीर में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। इससे शरीर फैट को ठीक से जला नहीं पाता है। इसके कारण कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल बढ़ने लगता है।

सेक्स की इच्छा में कमी

थाइराइड की समस्या के कारण सेक्स इच्छा में कमी आ सकती है। हालांकि, खराब मूड, बढ़ता वजन और जोड़ों का दर्द भी सेक्स इच्छा में कमी का कारण होता है।

गर्दन में दर्द

गर्दन में दर्द

गर्दन घुमाने पर दर्द होता है तथा ठीक से निगलने में भी परेशानी होती है। गला बैठ जाना भी थाइराइड की समस्या का एक लक्षण है। ऐसा इसलिए क्योंकि थाइराइड ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है और यह सांस नली पर दबाव डालने लगती है।

मांसपेशियों में दर्द

कभी-कभार मांसपेशियों का उपयोग करना भी उनमे दर्द का कारण बन जाता है, जो कि कई दिनों तक रह सकता है।

यदि शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होता है, तो जांच के लिए अपने तुरंत डॉक्टर के पास जायें।

बाल झड़ना

यह सिर के खुश्क होने या फिर थाइराइड की समस्या के कारण हो सकता है।

सुबह उठकर तकिये पर कुछ बाल मिलना, नहाते समय या कंघी करते हुए कुछ बाल झड़ना, आम बात है।  लेकिन अपने सिर को छूने मात्र से ही बहुत सारे बालों का निकल जाना आम बात नहीं है।

बालों का झड़ना सिर्फ सिर तक ही सीमित नहीं है, भौहें भी संवेदनशील हैं। थाइराइड की समस्या में पैरों, बगल और प्यूबिक क्षेत्र में बालों का विकास धीमा पड़ जाता है। जब समस्या बढ़ती है तो बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं।

घबराहट

घबराहट होना

जब दिल इतनी तेज़ी से धड़के कि आप इसे महसूस करने लगें। यहां तक कि, लेट जाने के बाद भी, तो यह घबराहट की पहचान है।

अगर बिना किसी तनाव के गर्दन या कलाई में जरा सा भी कम्पन महसूस कर रहे हों, तो हो सकता है कि आपकी थाइराइड ग्रंथि बहुत ज्यादा हार्मोन पैदा कर रही हो।

उच्च रक्त चाप

हाई ब्लड प्रेशर के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में डॉक्टरों का ध्यान भी तुरंत थाइराइड की समस्या पर नहीं जाता।

यदि दवाई लेने और स्वस्थ आहार के बाद भी आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा है, तो आपको डॉक्टर के पास जाकर थाइराइड की जांच करानी चाहिए।

भूख में परिवर्तन

हो सकता है आप पहले बहुत ज्यादा नहीं खाते थे। लेकिन अब हर आधे घंटे में भूख लग जाती है या अलग-अलग प्रकार के खाने (तैलीय, मीठा या नमकीन) खाने की इच्छा होती है।

इसके विपरीत, ऐसा भी हो सकता है कि आप पहले एक दिन में चार बार खाते थे लेकिन अब केवल दो बार खाने से ही काम चल जाता है । ये सभी परिवर्तन सीधे-सीधे थाइराइड की समस्या के कारण हो सकते हैं