मुँह की समस्याएं कहेंगी अलविदा, अपनाएँ यह प्राकृतिक औषधि

मई 14, 2018
कई मुँह की समस्याओं के इस अचूक उपाय को किसी भी वनस्पति तेल  से बना सकते हैं। लेकिन नारियल का तेल बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा यह मसूड़े की सूजन और  दूसरी मुँह की समस्याएं दूर करता है। इसलिए हम नारियल के तेल  का उपयोग करने की  सिफारिश करते हैं।

मुँह की समस्याएं आम हैं। इसका मतलब हमेशा ही उचित स्वच्छता की कमी नहीं है। ये समस्याएं कभी-कभी किसी बीमारी से, कुछ खाद्य पदार्थों की प्रतिक्रिया और मुंह के कम नजर आने वाले क्षेत्रों में  बैक्टीरिया के बढ़ने से हो सकती  हैं।

इनके लिए ज्यादातर लोग माउथवॉश या कीटाणु रहित कुल्ले का उपयोग करते हैं। ये उत्पाद रोग के पनपने के कारणों को कम करने का भरोसा देते हैं।

हालांकि वैकल्पिक उपचार मुँह को स्वस्थ रखने के लिए के लिए एक प्राचीन आयुर्वेदिक उपाय भी बतलाता है। इसे “आयल पुलिंग” के रूप में जाना जाता है। लेकिन वास्तव में इसका मतलब है एक वनस्पति तेल से मुंह को खंगालना।

आप एंटीबैक्टीरियल तेलों का उपयोग करके टार्टर(दाँतों का मैल), दुर्गन्ध वाली साँस और मसूड़े की सूजन जैसी अन्य मुँह की समस्याएं दूर कर सकते हैं।

 मुँह की समस्याएं कैसे दूर करती है यह आयल पुलिंग?

मुँह की समस्याएं दूर करने में नारियल तेल का इस्तेमाल करें

इस उपचार के लिए तिल, जैतून या सूरजमुखी जैसे किसी भी वनस्पति तेल का आप उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, नारियल तेल सब से ज्यादा असरदार साबित हुआ है। इसके फैटी एसिड (वसायुक्त अम्ल) और एंटीबैक्टीरियल मिश्रण सूक्ष्मजीवों की उपस्थिति को कम करते हैं।

वास्तव में, यह वैज्ञानिक रूप से साबित हुआ है कि यह स्ट्रेप्टोकोकस म्युटान्स  बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है। यह बैक्टीरिया दाँत की सड़न और दूसरी मुँह की समस्याएं पैदा करने के लिए जिम्मेदार है।

इसके एंटीबैक्टीरियल और  एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इन मुख सम्बन्धी स्वास्थ्य लाभों के लिए जिम्मेदार हैं।

आपको बस इतना करना है; एक बड़े चम्मच में  नारियल तेल लें  और मुंह में चारों और 3-5 मिनट खंगालें

मुँह की समस्याएं दूर करने में नारियल तेल के फायदे

नारियल तेल खाने योग्य है। इसका स्वाद भी रुचिकर है। मुंह को खंगालने के लिए इसका उपयोग करना वास्तव में आसान है। यहां तक कि घरेलू टूथपेस्ट में आधार के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसमें मुंह में रोग पैदा करने वाले जीवाणुओं को नष्ट करने की क्षमता है। इसके नियमित उपयोग से  होने वाले कुछ ख़ास फायदे हैं जो यहाँ बताने योग्य हैं।

मसूड़ों की बीमारियो॑ से बचाव

मुँह की समस्याएं

नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये मसूड़े की सूजन और दूसरी मुँह की समस्याएं रोकने और उनके इलाज में मदद कर सकते हैं।

यह स्थिति तब होती है जब प्रतिरक्षा प्रणाली बैक्टीरिया पर हमला करती है जो प्लाक का कारण बनती है जो फिर इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रिया को शुरू करता है।

नारियल तेल का उपयोग बैक्टीरिया के छोड़े हुए अवशेषों को कम कर देता है। इस तरह यह मुँह के उस परिवेश को बदल देता हैं जो उनके पनपने के लिए आवश्यक है। दरअसल मुँह की समस्याएं लम्बे समय के ऐसे परिवेश में ही पैदा होती हैं।

यह कैविटी और मसूड़ों से खून बहने के ट्रीटमेंट और बचाव के लिए भी उपयोगी है।

 जबड़े के दर्द से बचाव

इस खाद्य तेल के गुणकारी तत्व जबड़े को मजबूत बनाते हैं और संक्रमण, सूजन और दर्द को रोकते हैं।

कुछ लोग कनपटी और जबड़े के जॉइंट्स में दर्द  के लिए अनुपूरक उपचार के रूप में इसका इस्तेमाल करने का सुझाव देते हैं।

 सांसों की बदबू से छुटकारा

मुँह की बदबू

सांसों की बदबू एक शर्मनाक समस्या है। जो लोग इससे ग्रस्त हैं, यह उनके सोशल लाइफ और आत्मसम्मान को चोट पहुंचा सकती है।

इसकी वजह मुंह में जीवाणुओं के पैदा किये हुए कचरे और गैस हैं। ये बैक्टीरिया मुंह की भीतरी कैविटी और कोनों में पनपते हैं।

जन्मस्थल पर ही इस समस्या का इलाज करने के दो प्रभावी तरीके हैं। मुंह खंगालना और धागे की मदद से दांतो के बीच सफाई करना।अल्कोहल युक्त नुकसानदेह प्रोडक्ट का सहारा लेने के बजाय प्राकृतिक और खाद्य तेल का उपयोग करना ही ज्यादा बेहतर है।

दांत और जीभ पर यह बैक्टीरिया की मौजूदगी का असर खत्म करने और सांसों की दुर्गन्ध कम करने में उपयोगी है।

 अपने दांतों को सफेद बनायें 

हालांकि यह किसी पेशेवर उपचार की तरह आपके दांतों को सफेद नहीं करेगा। जमा हुए प्लाक और भोजन के टुकड़ों के कारण दांतों की सतह पर बने पीले दागों को दूर करने में नारियल-तेल मदद कर सकता है।

इसको कुल्ले और मंजन के रूप में प्रयोग करने से दांत साफ होते हैं। यह जीभ पर  बदसूरत सफेद कोटिंग बनने से रोकता  है।

 मैं नारियल के तेल को मुँह खंगालने के लिए कैसे प्रयोग करूँ?

मुँह की सफाई

जैसा कि हमने पहले बताया हैं, बस आपको कुछ ही मिनटों के लिए अपने मुंह में एक टेबलस्पून नारियल-तेल घुमाना है।

टूथपेस्ट बनाने के लिए आप इसमें थोड़ा बेकिंग सोडा भी मिला सकते हैं।

याद रखें कि तेल ठंडा होने पर जम जाता है। इसलिए आपको खंगालने के बाद सिंक में तेल को  नहीं थूकना चाहिए।  इसे कागज के  तौलिये या कटोरे  में थूक दें और कचरे में डाल दें।

कुछ लोग सुबह, नाश्ते के ठीक पहले, इस उपचार को  करने की सलाह देते हैं। हालांकि, इसको दिन में किसी भी समय किया जा सकता है।

यदि तैलीय अहसास आपको अप्रिय लगता है तो गर्म पानी से अपना मुँह खंगाल लें।

क्या आप इतनी सारी मुँह की समस्याएं ख़त्म करने वाले इस ट्रीटमेंट के लिए प्रयास करने के लिए तैयार हैं?

  • Asokan, S., Emmadi, P., & Chamundeswari, R. (2009). Effect of oil pulling on plaque induced gingivitis: A randomized, controlled, triple-blind study. Indian Journal of Dental Research. https://doi.org/10.4103/0970-9290.49067
  • Asokan, S., Emmadi, P., Sivakumar, N., Kumar, Rs., & Raghuraman, R. (2011). Effect of oil pulling on halitosis and microorganisms causing halitosis: A randomized controlled pilot trial. Journal of Indian Society of Pedodontics and Preventive Dentistry. https://doi.org/10.4103/0970-4388.84678