इस नेचुरल लैक्जेटिव से अपने शरीर को शुद्ध करें

16 मई, 2018
इस नेचुरल लैक्जेटिव में इस्तेमाल की जाने वाली प्राकृतिक सामग्री पाचन को ठीक करती है। इसके नियमित उपयोग से शरीर की अंदरूनी गन्दगी भी निकल जाती है। बस एक चीज़ है, जिसे आपको ध्यान में रखना है! इस घुट्टी का सेवन करते समय फाइबर से भरपूर संतुलित आहार खाएं और नियमित शारीरिक व्यायाम करें।

पेट साफ़ होने में दिक्कत आने पर लोग नेचुरल लैक्जेटिव का उपयोग करने के बदले सीधे फार्मेसी से दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। वे बिना पर्ची के लैक्जेटिव का सहारा लेते हैं, जो पेट साफ़ करने की दवाओं की तरह काम करते हैं।

अधिकतर लोगों को ऐसा लगता है कि ऐसे काउंटर लैक्जेटिव के उपयोग से ही उन्हें कब्ज़ की पुरानी परेशानी से निजात मिलेगी। समस्या तब पैदा होती है, जब आपको इनके इस्तेमाल की आदत पड़ जाती है।

काउंटर लैक्जेटिव को बनाने के लिए इस्तेमाल किये गए केमिकल्स और इनकी खास कम्पोजीशन के कई बुरे साइड इफेक्ट होते हैं।

एक्सपर्ट्स ने भी इस बात का पुष्टि की है कि इन काउंटर लैक्जेटिव के उपयोग से आंतों में मौजूद जीवाणु परिवेश में बदलाव आने लगते हैं।

कई लोग ये बात नहीं जानते हैं कि इनके 100% प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध हैं। ये नेचुरल लैक्जेटिव बिना आपकी सेहत को ख़तरे में डाले आपको फायदा करते हैं। साथ ही में इनके परिणाम भी अच्छे होते हैं।

कई सारे घरेलू उपचारों में से एक पेय ऐसा है जिसे आप हर रात सोने से पहले पी सकते हैं। इसे पीने के बाद अगली सुबह आपका पेट आसानी से साफ़ हो जाएगा।

इस लेख में हम आपको नेचुरल लैक्जेटिव जुडी सभी बातें बताएंगे। साथ ही हम इस विषय पर चर्चा करेंगे कि कैसे आप इसे घर में बनाकर इसके कई सारे फ़ायदों का लाभ उठा सकते हैं।

शरीर से टॉक्सिन को जल्द निकालने के लिए नेचुरल लैक्जेटिव

नेचुरल लैक्जेटिव

इस प्राकृतिक घुट्टी को बनाने के लिए आपको अजवायन, सेब का सिरका, शहद और नीबू जैसी फायदेमंद चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी।

इन सभी चीज़ों में पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनने की क्षमता है। इसके साथ-साथ इस मिश्रण के एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर से खाद्य अवशेषों को जल्द बाहर निकलने में मदद करते हैं।

इसका उपयोग दवाओं की तरह तुरंत असर नहीं दिखाता है। लेकिन यदि आप इसका सेवन करते हैं, तो सोते समय ये आपकी प्राकृतिक पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और उसमें मदद करता है।

इस तरह से आपके शरीर को बेहतर पोषण मिलता है। आपका लीवर अच्छी तरह से काम करने लगता है। अगली सुबह आपका पेट आसानी से साफ़ हो जाता है।

इसमें मौजूद फाइबर कोलोन में जमा वेस्ट प्रोडक्ट को बाहर करते हैं। इस तरह ये कब्ज़ जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाते हैं।

आपके मेटाबोलिज्म में भी सुधार होता है। आपके पेट के इर्द-गिर्द चर्बी नहीं जमा होती है। स्वस्थ, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ यदि इस नेचुरल लैक्जेटिव का सेवन किया जाए तो यह सेल्युलाइटिस जैसी परेशानियों के उपचार में मदद करता है।

इस नेचुरल लैक्जेटिव को ऐसे बनायें

इस स्वास्थ्यवर्धक पेय को बनाने के लिए, नीचे बताई गई आर्गेनिक सामग्री का उपयोग करें। और हाँ,  वैसे तो आपको इसे हफ्ते में 3 से 4 बार पीना चाहिए, लेकिन इसका सेवन आप अपनी जरूरत के अनुसार कर सकते हैं।

इस घुट्टी को बनाने के लिए उपयोग में लाई गई पूरी सामग्री प्राकृतिक है। फिर भी आपको रोज़  इसका सेवन नहीं करना चाहिए। यह आपकी शारीरिक क्षमता कम कर सकती है। इससे  आंतों के ज़रिए शरीर में पहुँचने वाला पोषण कम हो सकता है।

सामग्री

  • 5  चम्मच कटी हुई अजवायन
  • 1 नींबू का रस
  • 1 चम्मच सेब का सिरका
  • 1 चम्मच शहद
  • 1 चम्मच ताज़ी कुटी हुई अदरक
  • ½ चम्मच दालचीनी
  • 2 कप पानी

बनाने की विधि

  • अजवायन को धो लें और उसे बारीक कर लें
  • अब जार में नीबू का रस निचोड़े और पानी के साथ मिला दें
  • बाकी सभी सामग्री मिलाकर इस मिश्रण को दो घंटे के लिए छोड़ दें

इस्तेमाल से जुड़े निर्देश

  • रात को सोने से एक घंटा पहले इसे एक गिलास पी लें।
  • अगली रात भी ऐसा ही करें और ऐसा लगातार चार रातों तक करते रहें।
  • इस घुट्टी को पीने के बाद और कुछ भी खाने या पीने से बचें।

इस घुट्टी के साथ जुड़े अन्य प्राकृतिक फ़ायदे

नेचुरल लैक्जेटिव से शरीर की सफाई

वैसे तो यह नेचुरल लैक्जेटिव कब्ज़ की तकलीफ दूर करने के लिए और पाचन प्रक्रिया सुधारने के लिए बनाई गई है, लेकिन इसे कई और फ़ायदे भी हैं।

यह शरीर में पानी जमा नहीं होने देती है और टिश्यू में होने वाली जलन पर रोक लगाती है।

जलन को रोकने और दर्द को कम करने वाले इसके गुण जोड़ों के दर्द, सिरदर्द में और हड्डियों के दर्द में बहुत आराम देते हैं।

यह नेचुरल लैक्जेटिव एक अच्छी एंटीऑक्सीडेंट है। बढ़े हुए ब्लड प्रेशर और दिल से सम्बंधित रोगों के नियंत्रण में भी यह कारगर साबित होती है।

अपनी कई खूबियों के कारण यह नेचुरल लैक्जेटिव प्रीमेच्योर ऐजिंग यानी वक़्त से पहले बूढ़े होने के लक्षणों को भी कम करती है।

यदि आपके पेट में मरोड़ उठती हो या कब्ज़ की शिकायत रहती हो तो परेशान न हों। याद रखें, आपको नियमित रूप से फल, सब्जियाँ और फाइबर से भरपूर आहार खाना है। 

इनके साथ इस नेचुरल लैक्जेटिव के सेवन से भी आपको लाभ होगा और आपका शरीर प्राकृतिक रूप से शुद्ध और स्वच्छ बना रहेगा।