बदन दर्द की 10 संभावित वजहें

31 अक्टूबर, 2020
बदन दर्द एक आम लक्षण है जो कई स्थितियों के कारण हो सकता है। अस्थायी असुविधाओं से लेकर क्रोनिक ऑटोइम्यून बीमारियों तक  ऐसी असुविधा पैदा करने में सक्षम हैं जो व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता पर असर डालते हैं।

कई अलग-अलग स्थितियों से बदन दर्द हो सकता है। दरअसल यह ऐसा आम लक्षण है कि इसे वास्तव में किसी भी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह सबसे आम कारणों में से एक है जिसकी वजह से लोग अपने डॉक्टरों से मिलते हैं।

शरीर में दर्द होना एक निजी अनुभव है जिसका भावनात्मक असर पड़ता है और  पीड़ित व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता गड़बड़ा जाता है। यह क्रोनिक मामलों में ख़ास ध्यान देने योग्य है। कई बार दर्द तेज होता है, जैसा कि संक्रमण में। दूसरी ओर यह क्रोनिक हो सकता है और लंबे समय तक बरकरार रह सकता है।

आज हम आपको शरीर में दर्द के 10 संभावित कारणों के बारे में बताएंगे जो अपेक्षाकृत आम हैं।

फ्लू बहुत आम है और सामान्य अस्वस्थता का कारण बनता है। वास्तव में यह आपको काफी दिनों के लिए परेशान कर सकता है।

1. फ्लू (flu)

फ्लू साँसों की एक्यूट बीमारी है जो ज्यादातर सर्दियों में होता है। यह इन्फ्लूएंजा A या B वायरस के कारण होता है। यह दुनिया भर के लोगों को प्रभावित करता है।

इसकी संक्रामक प्रक्रिया अपने आप में सीमित है। हालांकि यह कुछ रिस्क वाली आबादी में मृत्यु दर में बढ़ोतरी से जुड़ा हुआ है, जैसे कि वे जिन्हें क्रोनिक बीमारियाँ हैं या जो इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। एक्सपर्ट इन समूहों के लिए हर साल वैक्सीनेशन की सलाह देते हैं।

सामान्य इन्फ्लूएंजा एक सप्ताह या उससे ज्यादा वक्त तक रह सकता है। यह साँसों के आम लक्षण का कारण बनता है, जैसे कि बलगम, गले में खराश, खांसी के साथ-साथ बुखार, सिरदर्द, मायेल्जिया (मांसपेशियों में दर्द) और कमजोरी। इसके अलावा सूजन, विशेष रूप से गले, छाती और फेफड़ों में तकलीफदेह हो सकती है।

2. फाइब्रोमायेल्जिया (Fibromyalgia)

फाइब्रोमायेल्जिया से हड्डियों और मांसपेशियों म क्रोनिक पेन हो सकता है। यह 2% से 8% आबादी को प्रभावित करता है। दर्द के कारण थकान, याददाश्त की समस्या और नींद की गड़बड़ी हो सकती है। इसका असली कारण अभी भी अज्ञात है।

यह ज्यादातर 20 और 55 वर्ष की आयु के बीच की महिला0  को प्रभावित करता है। फिजिकल टेस्ट में डॉक्टर आमतौर पर टिशू की कोमलता के अलावा कुछ भी जान नहीं पाते हैं। लैब और रेडियोलॉजिकल स्टडी भी कई बार नॉर्मल आ सकती है।

इसलिए इलाज का उद्देश्य समस्या के मुख्य लक्षणों को घटाना होता है। डॉक्टर कई तरह की फार्मकलाजिकल और नॉन फार्मकलाजिकल ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। रिहैबिलेशन सेशन, मसाज, और अकुपंचर और थेरेपी जैसे वैकल्पिक इलाज भी कारगर होते हैं।

क्रोनिक थकान सिंड्रोम (Chronic fatigue syndrome -CFS)  और बदन दर्द

क्रोनिक थकान सिंड्रोम एक और रोग है जिसके बारे में कम जानकारी है। यह शरीर के एक बड़े हिस्से को क्रोनिक रूप से प्रभावित करता है। इस प्रकार यह ऐसी समस्या है जो पीड़ित मरीज का चलना-फिरना घटा देती है।

इस बारे में बहुत अध्ययन अभी न होने के कारण इस स्थिति की डायग्नोसिस बहुत मुश्किल होती है। पीड़ित लोगों को सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द रहता है।

हालांकि, नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इसकी डायग्नोसिस के लिए डायग्नोस्टिक ​​मानदंडों की एक श्रृंखला निर्धारित की है।  इनके अनुसार:

  • बीमारी से पूर्व कमर्शियल, शैक्षिक, सामाजिक या व्यक्तिगत गतिविधियों में पर्याप्त कमी दिखनी चाहिए।
  • यह छह महीने से अधिक समय तक जारी रहना चाहिए और थकान के साथ होना चाहिए।
  • हालांकि यह निश्चित शुरुआत अत्यधिक परिश्रम का परिणाम नहीं होना चाहिए।
  • अंत में आराम कर्ण से दर्द कम नहीं होता।

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4. ल्यूपस (Lupus)

ल्यूपस एक पुरानी ऑटोइम्यून बीमारी है (इसमें इम्यून सिस्टम अपने ही टिशू पर हमला करता है) जिसके बारे में बहुत जानकारी नहीं । वास्तव में, यह किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है और किसी विशेष प्रणाली पर केंद्रित नहीं होता। इससे होने वाली क्षति और सूजन के कारण शरीर में दर्द होना आम बात है।

इसके अलावा, रोगी थकान, चकत्ते, बेतरतीब बुखार, सूजन, या जोड़ों के आसपास लालिमा, दौरे और धूप के प्रति संवेदनशील नह्सूस करता है। इसका इलाज जटिल है क्योंकि दवाओं के लिए रोगी की प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है।

5. लाइम रोग (Lyme disease)

लाइम रोग ऐसी बीमारी है जो टिक्स (ticks) से फैलती है। यह विशिष्ट एरिथेमा (लाल धब्बे) के रूप में त्वचा पर चकत्ते उभरने के साथ दिखती है। इसके अलावा यह जोड़ों में दर्द, थकान, सिरदर्द और यहां तक ​​कि मांसपेशियों में दर्द का कारण बनता है।

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6. संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस (mononucleosis) और शरीर में दर्द

एपस्टीन-बार वायरस (Epstein-Barr virus -EBV) संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस का कारण बनता है। इसे “चुंबन रोग” कहा जाता है, क्योंकि यह लार के माध्यम से फैलता है।

यह बुखार, ग्रसनीशोथ, थकान, सूजन ग्रंथियों, सिरदर्द, सामान्य अस्वस्थता और शरीर में दर्द का कारण बनता है। हालाँकि यह सीमित है, लेकिन यह रोगियों को शारीरिक रूप से कमजोर कर देता है। स्थिति की सबसे सक्रिय अवधि के दौरान रोगियों के लिए बुनियादी गतिविधियां कर पाना असंभव हो जाता है।

7. रुमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis)

रुमेटीइड आर्थराइटिस एक अज्ञात कारणों वाली समस्या है। हालांकि विशेषज्ञों को पता है कि इसकी अंदरूनी प्रक्रिया का कारण ऑटोइम्यून है, पर कई परिस्थितियां इसके लक्षणों की शुरुआत को ट्रिगर कर सकती हैं।

यह मुख्य रूप से जोड़ों को प्रभावित करता है, और उनके विनाश की ओर जाता है, जिससे विकृति होती है। दर्द के अलावा रोगी थकान, मायेल्जिया, बुखार, वजन घटने और अवसाद से पीड़ित हो सकते हैं। तथ्य यह है कि यह क्रोनिक है और यह तीव्र एपिसोड में उभरता है, इसका इलाज करना मुश्किल हो जाता है।

8. मल्टीपल स्केलेरोसिस (Multiple sclerosis)

मल्टीपल स्केलेरोसिस एक डिमाइलिनेटिंग बीमारी है। दूसरे शब्दों में, यह न्यूरॉन्स के माइलिन सीद को नुकसान पहुंचाता है।

रोगी दर्द, झुनझुनी और दूसरी असामान्य संवेदनाओं से पीड़ित हो सकते हैं। अन्य लक्षणों में कमजोरी, थकावट, धुंधली दृष्टि, अस्थायी या स्थायी अंधापन, चलने या खड़े होने में कठिनाई और याददाश्त की समस्या शामिल हैं।

9. डिहाइड्रेशन

डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर ज्यादा पानी खो देता है। उल्टी, दस्त, तेज बुखार, या सामान्य से अधिक पेशाब करने वाली दवाएं इसका कारण बना सकती हैं। बच्चों और बड़े वयस्कों को इससे पीड़ित होने की ज्यादा संभावना होती है।

शरीर के सही कामकाज के लिए पानी आवश्यक तत्व है। लेकिन निर्जलीकरण कई लक्षणों का कारण बनता है, जैसे अत्यधिक प्यास लगना, कम मूत्र, सूखा मुंह, फटे होंठ, डिमेंशिया और थकान। यह बदन दर्द का कारण बनता है क्योंकि, जब मांसपेशियों में डिहाइड्रेशन होता है तो वे जहरीले तत्व पैदा करते हैं जो न्यूरोन के छोर को परब हावित करता है।

शरीर से ग्रस्त व्यक्ति
कुल मिलाकर, शरीर में दर्द कई अलग-अलग स्थितियों के कारण हो सकता है, ऑटोइम्यून बीमारियों से लेकर दवा-प्रेरित मायोपैथिस तक।

10. ड्रग-प्रेरित मायोपथिस

अंत में, कई दवाएं आमतौर पर एक डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाती हैं, और नशीली दवाओं का दुरुपयोग इन स्थितियों का कारण बन सकता है। अभिव्यक्तियाँ गुर्दे की विफलता के साथ हल्के मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी से लेकर गंभीर पुरानी चोटों तक होती हैं।

कुल मिलाकर, दवाओं के कुछ उदाहरण जो मायोपैथी का कारण बनते हैं, वे हैं शराब, कोकीन, ग्लूकोकार्टोइकोड्स, स्टैटिन, एंटीसाइकोटिक्स, कोलिसीसिन और एंटीरेट्रोवाइरल। प्रतिकूल प्रभाव हमेशा दिखाई नहीं देता है। हालाँकि, यदि आप इन दवाओं को ले रहे हैं तो आपको सावधान रहना चाहिए।

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शरीर में दर्द के कई कारण होते हैं

संक्षेप में, शरीर में दर्द के कारण इतने भिन्न होते हैं कि उन सभी को सूचीबद्ध करना असंभव नहीं होगा! आज, हमने सबसे आम लोगों और उन लोगों को सूचीबद्ध किया है जो सामान्य आबादी से सबसे अधिक पीड़ित हैं।

यदि आपको लगातार दर्द होता है जिसे आप समझा नहीं सकते हैं और यह आपके जीवन की गुणवत्ता को भी बदल देता है, तो आपको एक डॉक्टर को देखना चाहिए। अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पर्याप्त उपचार प्राप्त करने के कारणों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। आत्म-चिकित्सा करने से बचें और अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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