मुंह के छाले और नासूर का इलाज कैसे करें?

जुलाई 16, 2019
मुंह के छाले और नासूर की कई वजहें होती हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे, उनका इलाज कैसे किया जाए और भविष्य में इनके जोखिम को कैसे कम किया जा सकता है।

मुंह के छाले और नासूर मुंह में उभरने वाले छोटे घाव होते हैं. भले ही वे छोटे हों, पर मुंह में होने के कारण वे असहज और दर्दनाक होते हैं. गर्म, ठंडे, कुरकुरे और अम्लीय खाद्य उनमें जलन पैदा करते हैं, जिससे और ज्यादा असुविधा हो सकती है. मुंह में नमी और भोजन के आने-जाने के कारण इनके ठीक होने में थोड़ा वक्त लगता है.

इस लेख में हम मुंह के छाले और नासूर को तेजी से ठीक करने में मदद करने के लिए कुछ जानकारी शेयर करेंगे.

मुंह के छाले और घाव का कारण

ये बहुत आम हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी ठीक-ठीक नहीं जानता कि वे क्यों दिखाई देते हैं. हम जानते हैं कि मुंह के छाले और नासूर ग्लोबल आबादी के 20% हिस्से को प्रभावित करते हैं. इनसे बोलने और खाने में तकलीफ होती है.

ये दो प्रकार के होते हैं, मामूली या जटिल. इनमें से पहला कुछ कम आम है और जो इससे पीड़ित होते हैं वे पहले ही कोल्ड सोर से पीड़ित हैं. दूसरा 10 से 20 साल के लोगों के बीच दिखाई देता है और करीब एक हफ़्ते तक रहता है.

इन्हें ट्रिगर करने वाले कुछ कारण हैं:

  • तनाव
  • एसिडिक या खट्टे खाद्य
  • भोजन या बर्तन से मुँह मरण लगा जख्म
  • कमजोर रोग प्रतिरोधी क्षमता
  • पोषण संबंधी समस्याएं या गैस्ट्रो इंस्टेनटिनल रोग
  • ऑर्थोडॉन्टिक्स (ब्रेसिज़)।

हमें मुंह के नासूर और दाद लैबियालिस (herpes labialis) के बीच के फर्क करना चाहिए जो देखने में एक ही तरह के हो सकते हैं. हरपीज लैबियालिस एक आम वायरस के कारण होता है. यह संक्रामक होता है. जबकि मुंह का छाला या नासूर इसके कारण नहीं होता. इसके अलावा पहला चेहरे के अन्य भागों, जैसे होंठ, नाक और ठोड़ी के नीचे भी दिखाई दे सकता है.

अगर आपके मुंह में छाले हैं तो जलन और एक दर्दनाक झुनझुनी या सनसनी का अहसास हो सकता है. साथ ही लाल धारियों वाले सफेद या ग्रे रंग के गोलाकार घाव हो सकते हैं. साथ ही बुखार और लिम्फ नोड्स में सूजन हो सकती है.

मुंह के छाले और नासूर के बारे में अच्छी बात यह है कि वे लगभग 7 से 10 दिनों में अपने आप गायब हो जाते हैं. दर्द बहुत कष्टप्रद हो सकता है. लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि इसे अपने दांतों और जीभ से स्पर्श न करें.

मुंह के छाले और घावों का प्राकृतिक इलाज

नमक

यह दुनिया में सबसे सस्ते असरदार एंटीसेप्टिक्स में से एक है. यह नेचुरल रूप से घावों को भरने में शानदार सहयोगी है.

  • आपको बस एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाना है.
  • फिर इस घोल से कुल्ला करें और ध्यान रखें कि उसे पीना नहीं है.
  • घोल को थूक दें और इस प्रक्रिया को दिन में कम से कम तीन बार दोहराएं.

दर्द और तकलीफ धीरे-धीरे कम होती जाएगी.

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बेकिंग सोडा

  • बेकिंग सोडा भी इन मामलों में एक असरदार एंटीसेप्टिक है.
  • आधे गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं.
  • फिर घोल को पिए के बिना इससे कुल्ला करें.
  • थोड़े से पानी में आप बेकिंग सोडा का पेस्ट भी बना सकते हैं और इसे अपने नासूर या मुंह के घाव पर लगा सकते हैं.
  • इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें ताकि यह असर कर पाए.
  • अब पेस्ट को ठंडे पानी से धो लें.

हाइड्रोजन पेरॉक्साइड

मुंह के छाले और घावों के लिए यह एक और अचूक उपाय है.

यह परेशानी को शांत करेगा और संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद करेगा.

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माउथवाश

मुंह के छाले और घावों के इलाज की कुंजी एंटीसेप्टिक्स लगाने में है जो प्रभावित जगह को संक्रमित नहीं होने देता है.

माउथवॉश एक ऐसा उपाय है जो आपकी बेचैनी को शांत कर सकता है और बैक्टीरिया की ग्रोथ पर काबू पा सकता है. हालांकि, इसका ज्यादा उपयोग न करें. क्योंकि अगर यह बहुत तीव्र हो तो जलन होगी.

बर्फ

आइस क्यूब धीरे-धीरे घावों को ठीक कर सकता है, सूजन को भी कम करता है और दर्द से राहत देता है. यह एक सेडेटिव के रूप में काम करता है.

  • जितनी बार ज़रूरी समझें, प्रभावित क्षेत्र पर आइस क्यूब लगाएं.

दही

दूध की एसिडिक प्रवृत्ति और इसमें मौजूद बैक्टीरिया की बदौलत दही मुंह के पीएच को बदलने और नए बैक्टीरिया के विकास पर काबू पाने में मदद करेगी.

  • हर दिन दही खाएं, खासकर अगर आप मुंह के छाले और घावों से पीड़ित हैं.
  • आप इसे सीधे कॉटन स्वैब से मुंह में भी लगा सकते हैं.

मुंह के छाले और नासूर को रोकने के लिए टिप्स

कभी-कभी गलत खान-पान, साथ ही साथ विटामिन या मिनरल की कमी भी मुंह के छाले और नासूर का कारण हो सकती है. इसलिए ऐसे तत्वों से भरपूर चीजें अपनी डाइट में शामिल करना ही सबसे अच्छा है. कुछ अन्य स्थितियां जो घावों का कारण बन सकती हैं वे हैं, आयरन या फोलेट की कमी, एनीमिया, सीलिएक रोग और क्रोहन रोग.

आहार में आयरन युक्त पत्तेदार हरी सब्जियां, साबुत अनाज और दूध  जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करने में संकोच न करें.

इसके अलावा, दांतों को ब्रश करते वक्त सावधान रहें. क्योंकि यह छालों में जख्म या जलन पैदा कर सकता है. कुकीज, ब्रेड, टोस्ट आदि जैसे कुरकुरे खाद्य पदार्थ खाने पर भी यही होता है.

अंत में, अम्लीय या मसालेदार भोजन और च्युइंग गम से बचें. मुंह को साफ़-सुथरा और स्वस्थ रखने के लिए हर बार भोजन के बाद फ्लॉस करना न भूलें.