6 नेचुरल ट्रीटमेंट जो कैंडिडा ग्रोथ पर काबू करते हैं

11 जून, 2020
कैंडिडा इंसानी शरीर में पाया जाने वाला एक आम यीस्ट है, लेकिन इसकी ज्यादा बढ़त जटिलताओं का कारण बन सकता है। कैंडिडा ग्रोथ को कंट्रोल करना सीखें।
 

कैंडिडा अल्बिकन्स (Candida Albicans) इंसान में पाया जाने वाला सबसे आम यीस्ट  है और, कम मात्रा में ही सही इसे मुंह और आंतों जैसे अंगों में में प्राकृतिक रूप में मौजूद पाया जा सकता है। वे ज्यादातर इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। इसलिए शरीर में कैंडिडा की बढ़त पर काबू रखना ज़रूरी है।

खराब आहार और विषाक्त पदार्थों जैसे बाहरी फैक्टर से कैंडिडा एल्बिकंस की अत्यधिक बढ़त होने लगती है.  यह आंत में मौजूद बैक्टीरिया का सिस्टम बदल देती है, जबकि आपकी इम्यून सिस्टम भी हस्तक्षेप करती है।

नतीजतन यह शरीर में विभिन्न प्रणालियों में सूजन को ट्रिगर करता है। यह एक पारगम्य आंत, योनि संक्रमण और त्वचा की समस्यायें शुरू हो सकती है।

कुछ लोगों का मानना ​​है कि कैंडिडा की बढ़त पर काबू पाने मुश्किल है। सौभाग्य से एंटी-फंगल गुणों वाले कई उपाय हैं जो स्वस्थ आहार के साथ होने पर कैंडिडा एल्बिकंस के विकास को रोकने में मदद करते हैं ।

इसलिए हम कुछ नुस्ख़े को शेयर करना चाहते हैं। अगर आप कभी भी कैंडिडा अल्बिकंस से जुड़ी स्थिति का सामना करें तो उसके लिए 6 सबसे अच्छे उपायों को हम यहाँ शेयर करने जा रहे हैं।

पता करें कि वे क्या हैं!

कैंडिडा वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सामग्री

1. नारियल का तेल

कैंडिडा वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सामग्री

नारियल में पाए जाने वाले फैटी एसिड में एंटी बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो कैंडिडा की बढ़त पर काबू पाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, कैपेलेटिक एसिड (caprylic acid) और लॉरिक एसिड (lauric acid) जैसे पदार्थ नारियल तेल को यीस्ट से लड़ने का शानदार एजेंट बनाते हैं।

नारियल तेल का उपयोग कैसे करें

  • संक्रमण के मामले में एक दिन में 2 या 3 चम्मच ऑर्गनिक नारियल तेल लें।
  • एक दिन में अधिकतम 2 चम्मच लें।
  • यदि आप त्वचा की समस्या की शिकार हैं, तो प्रभावित क्षेत्र पर सीधे नारियल तेल लगाएं।

नारियल तेल के बारे में और जानें : 7 प्राकृतिक नुस्खों से कान बजना कम करें

 

2. ग्रेपफ्रूट के बीज का अर्क

ग्रेपफ्रूट के बीजों से बनने वाला अर्क एक पावरफुल एंटी-फंगल और एंटीबैक्टीरियल पदार्थ है जिसका बायोफ्लेवोनॉइड और मिनरल आपकी सेल्स और टिशू की हिफाजत करते हैं।

गेर्पफ्रूट सीड एक्सट्रेक्ट इस यीस्ट की सेल्स को तोड़कर कैंडिडा पर हमला करता है। यह रोग प्रतिरोधी प्रणाली को मजबूत करता है और प्रभावित अंगों की मरम्मत करता है।

यह यीस्ट और कई दूसरे ऐसे पैथोजेन के विकास को रोकता है जो आपकी सेहत पर असर डाले सकते हैं।

ग्रेपफ्रूट के बीज के अर्क का इस्तेमाल कैसे करें

  • अर्क की 5-10 बूंदें एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार पिएं।
  • योनि और त्वचा के संक्रमण के इलाज के लिए पानी में समान मात्रा में इसे पतला कर सकती हैं।

3. मीठी लौंग का तेल

मीठी लौंग के तेल (Sweet clove oil) में एक एक्टिव इन्ग्रेडियेंट होता है जिसे यूजेनॉल (eugenol) के रूप में जाना जाता है। इसका जायका मसालेदार होने के अलावा, इसमें एंटी-फंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।

यह शरीर में टिशू को संक्रमित करने वाले कैंडिडा सेल्स और दूसरे यीस्ट को जल्दी खत्म कर देता है।

मीठी लौंग के तेल का उपयोग कैसे करें

  • एक कप गर्म पानी में 30 बूंद तक तेल मिलाएं और दिन में दो बार पिएं।
  • चाहें तो स्वाद को बेहतर बनाने के लिए इसे दालचीनी के साथ मिला सकते हैं।

4. कैंडिडा ग्रोथ को रोकता है लहसुन

लहसुन में पाए जाने वाली सल्फ्यूरस  सामग्री इसके फाइटोकेमिकल्स के अलावा आपको एंटी-फंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण प्रदान करते हैं, जो फंगल इन्फेक्शन और बैक्टीरिया और वायरस के कारण होने वाले संक्रमण पर काबू पाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा लहसुन का उपयोग अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह से किया जा सकता है जिससे कैंडिडा के विकास को रोका जा सके और संक्रमण जैसी जटिलताओं को भी।

लहसुन का उपयोग कैसे करें

  • एक दिन में 4 लहसुन की कलियाँ खाएं।
 
  • टॉपिकल उपयोग के  लिए लहसुन की कलियों को क्रश कर लें और इसे त्वचा के प्रभावित अंगों पर लगाने से पहले थोड़ा सा तेल मिलाएं।

इसे भी पढ़ें : विजन लॉस से बचने के लिए लहसुन का अद्भुत उपयोग

5. ऑरेगैनो ऑयल (Oregano oil)

कैंडिडा वृद्धि को रोकता है लहसुन

कैंडिडा के विकास को नियंत्रित करने के लिए ऑरेगैनो ऑयल का भी उपयोग किया जा सकता है। इसमें बड़ी मात्रा में कारवाक्रॉल (carvacrol) और थाइमॉल (thymol) होते हैं। ये दोनों एंटी-फंगल गुणों वाले घटक हैं जो कैंडिडा एल्बीकैंस की कोशिकाओं को डिहाइड्रेट करके उन्हें मार डालते हैं।

ऑरेगैनो ऑयल का उपयोग कैसे करें

  • एक कप गर्म पानी में 3 से 5 बूंद तेल मिलाएं और दिन में 2 बार पिएं।
  • बाहरी संक्रमण के इलाज के लिए इसे नारियल या ऑलिव ऑयल के साथ मिलाएं।

6. कैंडिडा ग्रोथ रोकने के लिए एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर में एंजाइम और कार्बनिक कम्पाउंड होते हैं जो इसे यीस्ट की अनियंत्रित  बढ़त और संक्रमण के इलाज के लिए सबसे अच्छे समाधानों में से एक बनाते हैं।

इसके कार्बनिक एसिड कैंडिडा सेल्स को तोड़ते हैं और धीरे-धीरे आंतों में स्वस्थ बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं। बदले में यह कैंडिडा की बढ़त को नियंत्रित करने में मदद करता है।

एप्पल साइडर विनेगर का उपयोग कैसे करें

  • एक कप गर्म पानी में ऑर्गनिक एप्पल साइडर विनेगर के दो बड़े चम्मच डालें और इसे खाली पेट पियें।
  • संक्रमण के मामले में दिन में 3 बार इस मिश्रण को पियें।
  • आप योनि या त्वचा में फंगल इन्फेक्शन के टॉपिकल इलाज के लिए इसे पानी मिलाकर पतला कर सकती हैं।

क्या आप चिंतित हैं कि आपको यीस्ट इन्फेक्शन हो सकता है? इससे पहले कि यह आपके लिए ज्यादा समस्याएं पैदा करे, यहाँ बताए गए उपायों में से किसी एक को आजमाएं और इसकी बढ़त को रोकें।

 
  • Soll, D. R. (2003). Candida Albicans. In Antigenic Variation. https://doi.org/10.1016/B978-012194851-1/50034-2
  • Sudbery, P. E. (2011). Growth of Candida albicans hyphae. Nature Reviews Microbiology. https://doi.org/10.1038/nrmicro2636
  • Mayer, F. L., Wilson, D., & Hube, B. (2013). Candida albicans pathogenicity mechanisms. Virulence. https://doi.org/10.4161/viru.22913
  • Ogbolu, D. O., Oni, A. A., Daini, O. A., & Oloko, A. P. (2007). In vitro antimicrobial properties of coconut oil on Candida species in Ibadan, Nigeria. Journal of Medicinal Food. https://doi.org/10.1089/jmf.2006.1209
  • Reagor, L., Gusman, J., McCoy, L., Carino, E., & Heggers, J. P. (2002). The effectiveness of processed grapefruit-seed extract as an antibacterial agent: I. An in vitro agar assay. Journal of Alternative and Complementary Medicine. https://doi.org/10.1089/10755530260128014
  • Cleff, M. B., Meinerz, A. R., Xavier, M., Schuch, L. F., Meireles, M. C. A., Rodrigues, M. R. A., & de Mello, J. R. B. (2010). In Vitro activity of Origanum vulgare essential oil against Candida species. Brazilian Journal of Microbiology. https://doi.org/10.1590/S1517-83822010000100018
  • Yagnik, D., Serafin, V., & Shah, A. J. (2018). Antimicrobial activity of apple cider vinegar against Escherichia coli, Staphylococcus aureus and Candida albicans; downregulating cytokine and microbial protein expression. Scientific Reports. https://doi.org/10.1038/s41598-017-18618-x