7 प्राकृतिक नुस्खों से कान बजना कम करें

10 मई, 2020
क्या आपको कभी-कभी कान बजने की शिकायत है? कान बजना कम करने के लिए ये बेहतरीन नेचुरल नुस्ख़े आज़माएं!
 

टिनिटस या कान बजना बहुत परेशान करने वाला लक्षण है जो कान में वैक्स, संक्रमण या घाव से हो सकता है। आज हम आपको कान बजना कम करने में मददगार कुछ प्राकृतिक इलाज की जानकारी देंगे।

यह बहुत मद्धिम आवाज है जिसे आप एक या दोनों कानों में सुनते हैं। यह लगभग हमेशा सिरदर्द, सुनने में कठिनाई या एकाग्रता की समस्याओं के साथ होता है। यह लंबे समय तक, निरंतर हो सकता है और बस कभी-कभी भी हो सकता है, जिससे कई समस्याएं पैदा नहीं होती।

हालांकि यह आमतौर पर कोई गंभीर समस्या नहीं है. कभी-कभार बहुत आम भी है, पर किसी भी बड़ी समस्या से बचने के लिए इसका इलाज करना सबसे अच्छा है।

सौभाग्य से 100% नेचुरल समाधान हैं जो आपके कानों का बजना कम करने और आपको राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

1. तिल का तेल (Sesame seed oil)

तिल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जलन को शांत करने में मदद करते हैं। यह आपके कान बजना कम करने का एक बढ़िया विकल्प है।
इसे सीधे लगाने से ईअर कैनल को खोलना और अतिरिक्त वैक्स से छुटकारा पाना आसान हो जाएगा।

कैसे इस्तेमाल करें

  • सबसे पहले तिल के तेल को गर्म करें और हर कान में 5 बूंदें डालें।
  • उपयोग करने से पहले तापमान की जांच करें क्योंकि यह बहुत गर्म नहीं होना चाहिए।
  • अपने सिर को झुकाएं जिससे यह आपके कान के अंदरूनी हिस्से तक पहुंचे। इस स्थिति में 2 या 3 मिनट तक रहें।
  • फिर एक साफ टिशू से अवशेषों को हटा दें।

और पढ़ें: कान बजना: अपने डाइट से इसे कैसे कम करें

2. कान बजना कम करने के लिए एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर में मौजूद कार्बनिक एसिड उस संक्रमण से राहत देने के लिए शानदार हैं जो सुनने की समस्या और कान बजने का कारण बनता है।

यह नेचुरल एल्केलाइन वायरस और बैक्टीरिया के हमलों से लड़ता है, और वैक्स से बंद कानों को साफ करने में मदद करता है।

 

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं और इसे खाली पेट पिएं।
  • प्रोडक्ट को बराबर भागों में पानी में मिलाएं और प्रभावित कान में 3 से 5 बूंदें डालें।

3. नारियल तेल से कम करें कान का बजना

नारियल तेल से कम करें कान का बजना

एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी एजेंटों की ऊँची मात्रा के लिए यह प्रसिद्ध है, और नारियल तेल टिनिटस और कान के संक्रमण से राहत के लिए एक वैकल्पिक उपाय है।

यह वायरस और बैक्टीरिया के फलने-फूलने के वातावरण को बदल देता है और इस तरह उन्हें कान में फैलने से रोकता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • ऑर्गनिक नारियल तेल की एक छोटी मात्रा को गर्म करें और प्रभावित कान में 3 से 5 बूंदें डालें।
  • अपने सिर को झुकाएं जिससे यह अन्दर तक पहुंचे। 3 मिनट के बाद नम टिशू से वैक्स को हटा दें।

4. हाइड्रोजन पेरॉक्साइड

हाइड्रोजन पेरॉक्साइड के एंटी बैक्टीरियल गुण संक्रमण या अत्यधिक वैक्स के कारण होने वाले कान बजने का इलाज करने में मदद कर सकते हैं।

इसके तत्व प्रभावित कान में जलन को शांत करते हैं और राहत पहुंचाने के लिए इस अंग में ब्लड सर्कुलेशन को फिर से बढ़ाते हैं।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • प्रभावित कान में 3 या 4 बूंदें डालें और इसे छोड़ने से पहले 5 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • इसे हर 6 घंटे में दोहराएं।

अधिक पढ़ें: 6 घरेलू‌ उपचार टिनिटस (कान का बजना) को कम करने में सहायक

5. जैतून का तेल

 

इसके एंटीऑक्सिडेंट और आवश्यक फैटी एसिड की बदौलत यह वनस्पति तेल कान के लिए एक शानदार प्राकृतिक समाधान है।
यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और सूजन और टिनिटस को शांत करता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • थोड़ा अतिरिक्त एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल गरम करें। गर्म (लेकिन बहुत गर्म नहीं), प्रभावित कान में 3 बूँदें डालें।
  • सिर को झुका हुआ रखें , फिर कैनल में 3 मिनट तक छोड़ दें।

6. अनानास

अनानास के कई भागों को एक दिन में खाने से कान बजना कम करने और कान के संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है।
अपने ब्रोमेलैन नाम के एंजाइम से यह सूजन से लड़ने और वायरस और बैक्टीरिया के हमलों को रोकने के लिए ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • अनानास के 3 स्लाइस एक दिन में खाएं।

7. ग्रेपफ्रूट कम कर सकता कान का बजना

कम कैलोरी होने के साथ एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक फाइबर से भरपूर, ग्रेपफ्रूट कान से जुड़ी समस्याओं से उबरने के लिए बेहतरीन भोजन है।
इसका जूस सूजन-रोधी है और संक्रमण और बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • अगर आपके कान में दाद हो रहा है तो 2 या 3 गिलास ग्रेपफ्रूट जूस पिएं।

यदि यह लक्षण आपको लगाता परेशान कर रहा है, तो इन उपायों में से एक को आज़मायें। लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है, तो एक डॉक्टर से मिलें।

 
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