5 फल जो कोलेस्ट्रॉल को संतुलित कर सकते हैं

इन पाँच फलों को डाइट में शामिल करने पर कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित और नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलती है। इतना ही नहीं, पूरे स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।
5 फल जो कोलेस्ट्रॉल को संतुलित कर सकते हैं

आखिरी अपडेट: 27 नवंबर, 2018

कोलेस्ट्रॉल उन केमिकल में शामिल है जिन्हें हमारा लीवर बनाता है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इस मायने में पर्याप्त कोलेस्ट्रॉल स्तर का होना बहुत ही अहम है। यह हमारी तंदुरुस्ती और आंतरिक संतुलन को सुनिश्चित करता है।

यह एक जरूरी जानकारी है, क्योंकि कई लोग अब भी सोचते हैं, कोलेस्ट्रॉल हमारे लिए खराब या नुकसानदेह है। अहम बात कोलेस्ट्रॉल लेवेल को संतुलित रखना है। इस संबंध में खराब कोलेस्ट्रॉल या LDL को बढ़ने से रोक कर रखना भी जरूरी है।

LDL खराब है क्योंकि यह केमिकल हमारी आर्टरीज़ में जमा होता है। धीरे-धीरे स्वास्थ्य को बर्बाद कर देता है।

एक दूसरी जानकारी भी है, जिसे हमें याद रखना चाहिए – हमारा शरीर कोलेस्ट्रॉल बनाता हैं। यदि शरीर सही मात्रा में कोलेस्ट्रॉल बनाता है, तो दूसरे स्रोतों से कोलेस्ट्रॉल लेना शरीर को खतरे में डाल सकता है।  

इसके बावजूद ऐसी कई परिस्थितियाँ हैं जिनमें हमें सावधान रहने की जरूरत है। 40 साल से ज्यादा उम्र, मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल की फैमिली हिस्ट्री ऐसी स्थितियों के उदाहरण हैं। इन परिस्थितियों में यह ध्यान में रखना जरूरी हो जाता है कि हम क्या खाते हैं।

इस लेख में, हम कोलेस्ट्रॉल से लड़ने के बारे में कुछ जरूरी जानकारी दे रहे हैं। हम अपनी आदतें बदलकर अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं। निष्क्रिय जीवन शैली से बचते हुए और अपने डाइट को रंगों और स्वाद-सुगंध से भरपूर बनाते हुए अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

आज हम डाइट पर फोकस करने जा रहे हैं। इसे स्वाद-सुगंध युक्त बनाने के लिए फलों से बढ़कर दूसरा बेहतर उपाय क्या हो सकता है? हम ज्यादा फल खाते हुए अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित कर सकते हैं।

1. ऐवोकैडो (Avocado)

आप खुद से पूछ रहे होंगे कि क्या ऐवोकैडो वास्तव में कोलेस्ट्रॉल लेवेल को संतुलित करने में मदद कर सकता है? इसका उत्तर है, “हाँ”। असल में, हमें प्रतिदिन केवल आधा ऐवोकैडो खाने की जरूरत है। हेल्दी डाइट के साथ इसे लेने पर करीब एक महीने में हमारे कोलेस्ट्रॉल लेवेल में बदलाव दिखाई दे सकता है।

  • ऐवोकैडो मोनोसैचुरेटेड फैट्स के बढ़िया स्रोत है जो आपके दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। 
  • यह फैट (यदि संग्रह नहीं होता तो) ऊर्जा में बदल जाता है। यह हमारे शरीर में लिपिड लेवल को कम करता है। इसके अलावा यह हमारे ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करने में भी मदद करता है।
  • ऐवोकैडो में नियासिन या विटामिन B3 है जो आपके शुगर लेवेल को संतुलित करने में मदद करता है।
  • ऐवोकैडो ही एकमात्र खाद्य नहीं है जिसमें यह गुण है। हम एस्पेरगस, मटर, आलू, मशरूम्स, चुकंदर और बीन्स भी खा सकते हैं। इनसे भी हमें  विटामिन B3 पाने में मदद मिलती है।

2. कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित करने में चमत्कारी है पिंक ग्रेपफ्रूट (Pink grapefruit)

कोलेस्ट्रॉल लेवेल्स संतुलित करने के लिए ग्रेपफ्रूट

यदि आप पिंक ग्रेपफ्रूट या चकोतरा खा सकते हैं तो आपको इसे जरूर खाना चाहिए। कारण यह है कि बहुत कम फल हैं जिनमें इतने पॉजिटिव असर होते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम कर सकता है।

  • यह जानने के बाद इसे भी समझना जरूरी है कि यह तभी असरदार होगा यदि हम इसे नियमित रूप से खाएँ। ब्रेकफास्ट में हमें आधा ग्रेपफ्रूट रोजाना खाने की जरूरत है। हमें यह भी सुनिश्चित करना पड़ेगा कि ग्रेपफ्रूट ऑर्गेनिक हो।
  • जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड केमिस्ट्री में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार ग्रेपफ्रुट के फायदे हैरतअंगेज हैं। जिन लोगों के लिए दवाओं से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करना मुश्किल होता है, उनके लिए ग्रेपफ्रुट खाना फायदेमंद हो सकता है।
  • इस फल के एंटी-ऑक्सिडेंट गुण भी विस्मयकारी हैं। अपने दिल की सुरक्षा करने वाले इसके गुणों की वजह से वे जीवन की क्वालिटी में इजाफा करते हैं।

याद रखिए, ग्रेपफ्रूट का कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए आपको अपने डॉक्टर या फार्मसिस्ट से इसकी चर्चा करनी चाहिए।

3. अच्छे कोलेस्ट्रॉल के लिए संतरे का जूस

यह समझने के लिए कि संतरे का जूस हमारे कोलेस्ट्रॉल लेवल को क्यों कम करता है, हमें स्टेरॉल के बारे में बात करने की जरूरत है:

  • शायद आपने स्टेरॉल्स के बारे में सुना होगा। उनके केमिकल स्ट्रक्चर कोलेस्ट्रॉल के समान होते हैं। वे संतरों, कुछ सब्जियों, सूखे फलों, बीजों और वेजिटेबल ऑयल में भी पाए जाने वाले नेचुरल ऑयल हैं।
  • वे आपके शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल लेवल और  LDL कोलेस्ट्रॉल लेवेल, दोनों  की मात्रा कम करते हैं। संतरों में ज्यादा स्टेरॉल्स नहीं होते, पर वे एक दूसरा काम करते हैं। वे आपके शरीर में HDL या अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ा देतै हैं।

इसलिए हमें हर रोज संतरा खाना चाहिए। इसके साथ, यदि हम संतुलित डाइट भी लें, तो हम अगली बार चेकअप कराते वक्त नतीजे देख सकते हैं।

4. स्ट्रॉबेरीज : एक हेल्दी प्रलोभन

कोलेस्ट्रॉल लेवेल्स संतुलित करने के लिए स्ट्रॉबेरीज़

स्ट्रॉबेरीज़ स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं और हमारे कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित करने में मदद करते हैं। पर वे हमारे लिए तभी अच्छे हैं यदि हम उन्हें बिना चीनी और चॉकलेट मिलाए, वैसे ही खाएँ।

  • दूसरी बेरीज़  की तरह स्ट्रॉबेरीज़ भी लाइपोप्रोटीन डेन्सिटी कम करते हैं। इसका मतलब है, वे LDL लेवल कम करते हैं।
  • यदि हम खा सकें, तो हमें रोजाना 10 से 15 स्ट्रॉबेरीज़ खाना चाहिए। इसकी वजह यह है कि वे अपने एंटीऑक्सिडेंट गुणों के कारण ट्राइग्लिसराइड्स कम करते हैं।

हम जो फल खाते हैं, उनमें लाल फलों की मात्रा बढ़ा देना एक आसान डाइटरी बदलाव है। मगर ये हमारे लिए बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। लाल फलों के कुछ उदाहरण हैं, क्रैनबेरीज़ और लाल अंगूर। ये हमारे दिल को स्वस्थ रखते हैं।

5. ऐन एप्पल अ डे ……कोलेस्ट्रॉल लेवल को घटाता है?

आप कई तरह से सेव खा सकते हैं। इसे सुबह ओटमील के साथ खा सकते हैं। लंच के लिए इसे सलाद, सेलेरी और नट्स के साथ ले सकते हैं। दोपहर को सेव के रस का एक गिलास भी पी सकते हैं। डाइट में शामिल करने के लिए सेव ग़जब का फल है। आप जैसे चाहें, सेव खा सकते हैं, पर ये सिलसिला बनाए रखें।

सेव हमारे अच्छे कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखते हैं, इसके कारण हैं उनके छिलके। सेव के छिलकों में पेक्टिन और पॉलीफेनॉल्स, दोनों होते हैं।

यह सेव का कमाल है कि हम कोलेस्ट्रॉल बेहतर ढंग से प्रोसेस कर सकते हैं। हम इन्फ्लेमेटरी मॉलिक्यूल को भी कम कर सकते हैं। ये अक्सर कार्डियक रोगों के साथ आते हैं।

हम जानते हैं, अपने आपमें फल काफी नहीं हैं। इसका मतलब है, आपको अपने डाइट में बदलाव लाना पड़ेगा। इसमें बहुत कोशिश की जरूरत होती है। सलाद में फल मिला लेने जैसी आसान चीज भी आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित करने में मदद कर सकती है। एक दूसरा आइडिया भी है, हम जहाँ भी जाएँ सेव साथ लेकर जाएँ। इस तरह भूख लगने पर आप एक हेल्दी नाश्ता ले सकते हैं।




यह पाठ केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रदान किया जाता है और किसी पेशेवर के साथ परामर्श की जगह नहीं लेता है। संदेह होने पर, अपने विशेषज्ञ से परामर्श करें।