पोलेन और एलर्जी से मुकाबले में मदद कर सकता है एयर प्यूरीफायर

अक्टूबर 11, 2019
बात जब एक साफ़-सुथरे स्वस्थ वातावरण का आनंद लेने की हो, तो एयर प्यूरीफायर अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आप भारी प्रदूषण वाले इलाके में रहते हैं तो यह बेहद अहम भी हो जाता है।

वसंत का आना कई लोगों के लिए खुशी का कारण होता है क्योंकि अब मौसम बेहतर होने लगता है। तापमान बढ़ना शुरू हो जाता है, दिन में ज्यादा रोशनी होती है, पक्षी गा रहे होते हैं, मधुमक्खियों, फूल, और हरे-पीले रंग की कलियां यहां-वहां बढ़ने लगती हैं। पर कुछ लोग स्प्रिंग एलर्जी से भी पीड़ित होते हैं। अगर आपके साथ भी यह समस्या है तो एयर प्यूरीफायर मदद कर सकता है!

एलर्जी ग्रस्त होने के कारण खुजली वाली नाक और गला, पनीली आँखें, बहती हुई नाक और लगातार छींकने से कोई भी व्यक्ति अच्छे मौसम का आनंद लेने से वंचित रह सकता है। पर एक खुशखबरी है: घर में मौजूद पराग कणों को एयर प्यूरीफायर असरदार तरीके से फ़िल्टर करने में मदद करते हैं।

यह याद रखना ज़रूरी है कि वसंत पौधों में पोलिनेशन का समय होता है। इसका मतलब है, हवा पोलें या पराग कणों से भरी हुई रहेगी। उदाहरण के लिए, स्पैनिश सोसायटी ऑफ एलर्जी एंड इम्यूनोलॉजी के अनुसार शहरी वातावरण में वायु प्रदूषण पराग के असर को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। इसलिए जिन लोगों को बुखार होता है, वे अपने लक्षणों से ज्यादा पीड़ित होते हैं।

इसी जगह एयर प्यूरिफायर काम में आते हैं।

एयर प्यूरीफायर क्या करता है?

एयर प्यूरीफायर रोजमर्रा की जिंदगी के लिए बहुत उपयोगी डिवाइस हैं, क्योंकि उन हजारों छोटे पार्टिकल को खत्म करने में मदद करते हैं जो आपकी सेहत के लिए संभावित रूप से नुकसानदेह हैं। इसके अलावा, वे बदबू को भी खत्म करने में भी मदद करते हैं।

यह भी समझना ज़रूरी है कि इन कणों में न केवल धूल होती है, बल्कि घुन, एनिमल एलर्जी, मोल्ड, पोलें, बैक्टीरिया, वायरस और टोबैको स्मोक और कार्बन मोनोऑक्साइड भी होती है

जो लोग पहले ही एयर प्यूरीफायर की प्रभावशीलता को टेस्ट करने के लिए प्रेरित हुए हैं, वे इसे साफ़-सुथरे, पोलेन-फ्री घर का आनंद लेने के लिए ज़रूरी उपकरण मानते हैं।

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एयर प्यूरीफायर कैसे काम करते हैं?

पर्यावरण में पॉयल्युशन के हाई लेवल को देखते हुए बड़े शहरों में एयर प्यूरीफायर सबसे कामयाब रहे हैं। पर आप कहीं भी शुद्ध हवा पा सकते हैं!

बस डिवाइस को एक आउटलेट में प्लग करें और यह काम करना शुरू कर देगा।

डिवाइस इंस्टॉल होते ही यह अपने आप एडाप्ट हो जाएगा। फिर जब आप इसे चालू करेंगे तो एयर प्यूरीफायर आपके घर में हवा को 10 मिनट से भी कम समय में शुद्ध कर देगा।

रोवंटा इंटेंस प्योर एयर कनेक्ट  हवा में मौजूद सबसे बारीक कणों को फ़िल्टर करके हवा को 100% शुद्ध करता है। इस तरह यह आपको शुद्ध हवा में सांस लेने की सहूलियत देता है। यह मॉडल उन लोगों के लिए उम्दा विकल्प है जो रेस्पिरेटरी सिस्टम पर असर डालने वाली एलर्जी, अस्थमा, राइनाइटिस, ब्रोंकाइटिस या अन्य स्थितियों से पीड़ित हैं।

यह ख़ास तौर पर वसंत के दौरान होता है जब ब्रीदिंग एलर्जीन (पोलेन, फंगल स्पोर, माईट और जानवर) आपको सबसे ज्यादा तकलीफ देते हैं।

इस टेक्नोलॉजी की सफलता इसके चार स्तरीय फिल्ट्रेशन सिस्टम में है। डिवाइस उन सभी एजेंट को पकड़ता और उनका मैनेजमेंट करता है जो रोगों का कारण बन सकते हैं। फिर भी यह पूरी तरह साइलेंट होता है। मशीन आपकी डेली लाइफ, एक्टिविटी और चैन-सुकून को कोई खलल डाले बिना सावधानी से अपना काम करती है।

एयर प्यूरीफायर को काम करने के लिए इलेक्ट्रिक सोर्स से जोड़ना पड़ता है, इसलिए इसमें टाइमर भी है। अनावश्यक एनर्जी का उपयोग रोकने के लिए यह एयर प्यूरीफायर बहुत सारे प्रोग्रामिंग ऑप्शन के साथ आती है। इसके अलावा, इसे एक स्मार्टफोन के जरिये घर के अंदर या बाहर कंट्रोल किया जा सकता है

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क्या एयर प्यूरीफायर सिर्फ घर के लिए हैं?

होम एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है और इसकी सबसे ज्यादा सिफारिश की जाती है। बताया जाता है, कि आप इस डिवाइस को दूसरे एनवायरनमेंट में भी इनस्टॉल कर सकते हैं जहाँ लोग आमतौर पर कई घंटों तक काम करते हैं, जैसे कि वर्क प्लेस।

क्या एयर प्यूरीफायर सिर्फ घर के लिए हैं

स्पैनिश सोसायटी ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी (एसईआईसी) रोविंटा एयर प्यूरीफायर की सिफारिश करती है।

ध्यान देने वाली बातें

हालांकि यह सच है कि घर की हवा साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर एक बहुत ही उपयोगी डिवाइस है, फिर भी आप इस मशीन पर सारी ‘जिम्मेदारी’ नहीं छोड़ सकते

डिवाइस ठीक से काम कर रहा हो, तब भी कुछ उपाय करना जरूरी है, जैसे:

  • घर को रोजाना कम से कम 10 या 15 मिनट तक वेंटिलेट करें।
  • कालीन और पर्दे नियमित रूप से वैक्यूम करें।
  • सांस की एलर्जी से बचने के लिए स्टफ्ड एनिमल और संबंधित वस्तुओं को हटा दें। अगर आपके पास एयर कंडीशनर या कोई दूसरा एयर प्यूरीफायर है, तो नियमित रूप से फ़िल्टर बदलना याद रखें। ऐसा न करने पर गंदगी जमा हो सकती है और वे ठीक से काम करना बंद कर देंगे। ध्यान रखें, कुछ डीओडराइज़ेशन और HEPA फ़िल्टर को बार-बार उपयोग नहीं किया जा सकता है। आपको उन्हें समय-समय पर बदलना होगा।
  • ऊन की बेडिंग और तकिए का इस्तेमाल बंद करें (माइट के संक्रमण को रोकने के लिए)।
  • इंटेंस प्योर एयर प्रीफिल्टर को हर 2 से 4 हफ़्ते में साफ करना चाहिए। मेंटिनेंस और क्लीनिंग कैसे करें, यह जानने के लिए ओनर मैनुअल देखें।

अंत में, कंज्यूमर को यह ध्यान रखना चाहिए कि एयर प्यूरीफायर एक एयर कंडीशनर जितनी एनर्जी खर्च नहीं करता है। इसके अतिरिक्त, चूंकि यह अपना काम रोज 10 मिनट से भी कम समय में पूरा करता है, इसलिए यह बहुत ज्यादा एनर्जी की खपत नहीं करता है।