हृदय रोगों के 7 सबसे आम लक्षण

फ़रवरी 28, 2019
क्या आपको लगता है, आपको हृदय की समस्या हो सकती है? यहाँ इनके लक्षणों के बारे में जानें। फिर यदि आपको लगता है, कि आपको कोई समस्या है तो डॉक्टर से मिलने में संकोच न करें।

क्या आपको संदेह है कि आपके ह्रदय बिलकुल ठीक-ठाक नहीं है? इस लेख में हम ह्रदय रोगों के 7 लक्षणों की पड़ताल करने जा रहे हैं। इससे आपको समझने में मदद मिलेगी कि आपको चेकअप के लिए जाने की ज़रूरत है या नहीं।

ह्रदय रोगों के लक्षण

बात जब सेहत की हो तो शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंग हृदय होता है। आखिरकार यही इंजन है, जो हमें जिन्दा रखता है। हालाँकि, इस अंग की देखभाल करना उससे कहीं ज्यादा आसान है, जितना आप समझते हैं।

गलत आदतों के कारण हृदय की गड़बड़ियाँ बहुत आम हो चुकी हैं जो हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ये समस्याएं आमतौर पर रातोंरात दिखाई नहीं देतीं। इसके बजाय, वे आम तौर पर गलत खानपान, अस्वास्थ्यकर आदतों और चेतावनी संकेतों को नजरंदाज़ करने का परिणाम होती हैं।

आपके हृदय के क्षतिग्रस्त होने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं:

  • कुपोषण
  • एक्सरसाइज का अभाव
  • धूम्रपान
  • आराम की कमी

ह्रदय की गड़बड़ी के संभावित लक्षण पहली बार दीखते ही आपको तुरंत किसी एक्सपर्ट के पास जाना चाहिए

1. सीने में दर्द या एनजाइना

दिल की समस्याओं के सबसे स्पष्ट लक्षणों में से एक छाती में दर्द या एनजाइना (angina) है।

हृदय रोगों के लक्षण : सीने में दर्द या एनजाइना

कई स्वास्थ्य स्थितियों से सीने में दर्द हो सकता है। हालांकि आपको तुरंत ध्यान देना चाहिए अगर यह तेज हो जाये और सीने में भारीपन और संकुचन (contraction) की भावना पैदा करता है।

जब छाती में दर्द ह्रदय की समस्या के कारण हो, तो यह अंग कम खून और ऑक्सीजन प्राप्त करता है। इसलिए जल्द से जल्द सहायता प्राप्त करना अहम होता है।

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2. दिल की धड़कनों की लयहीनता (Arrhythmias)

हमारे दिल की धड़कन ज्यादातर समय नियमित रहती है। जब वे स्वस्थ और नियमित हों तो हम सामान्यतः दिल की धड़कन को नोटिस भी नहीं करते। हालाँकि, अगर देखें कि आपके दिल की धड़कने बहुत तेज़, बहुत धीमी हैं या इनमें कुछ अनियमित बदलाव हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लें। क्योंकि यह साफ़ है कि आपका दिल वैसे काम नहीं कर रहा है जैसा कि इसे करना चाहिए।

3. स्लीप एप्निया

कभी-कभी, स्लीप एप्निया (sleep apnea) को अनदेखा कर दिया जाता है। लेकिन यह इसका लक्षण हो सकता है कि आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है। यह समस्या आपके सोते समय शरीर में ऑक्सीजन जाने से रोकती है। मस्तिष्क और हृदय में अपर्याप्त ऑक्सीजन जाने के कारण दिल का दौरा पड़ सकता है। यहां तक ​​कि अगर आपको केवल कुछ समय के लिए स्लीप एप्निया हुई थी तो भी आपको सावधान रहना चाहिए।

4. सूजे हुए पैर

हृदय रोगों के लक्षण : सूजे पैर

क्या आप बहुत ज्यादा नमक खाते हैं? क्या हाल ही में आप सामान्य से ज्यादा चले हैं? इन दोनों मामलों में पैरों में सूजन आना आम बात है। हालांकि, इन्हें कुछ दिनों में अपने सामान्य आकार में वापस आ जाना चाहिए। ऐसा न होने पर यह हार्ट फेल्योर, धमनियों की किसी समस्या या शरीर में पानी जमने (fluid retention) का लक्षण हो सकता है।

5. कंपन और सांस की तकलीफ

लगातार सांस लेने में संघर्ष करना, बार-बार थकान और सांस फूलना आपके लिए यह सामान्य बात नहीं है। यदि यह बिना किसी विशेष कारण के हो तो आपको खुद से पूछना चाहिए कि क्या आपका ह्रदय ठीक से काम कर रहा है।

इस लिहाज से आपके लिए अपनी आदतों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। यदि आपने अपनी रूटीन बदल दी है या पिछले कुछ दिनों में एक नई फिजिकल एक्टिविटी शुरू कर दी है, तो हवा की कमी सामान्य हो सकती है।

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6. यौन रोग (Sexual dysfunction)

हृदय रोगों के लक्षण : Sexual dysfunction

संभावित हृदय रोग के शुरुआती चेतावनी संकेतों में से एक स्तंभन दोष (erectile dysfunction) है, खासकर 40-50 वर्ष के रोगियों में। यदि आपकी कोई समस्या है या यदि आप 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, तो आपके लिए एक ऐसे डॉक्टर से मिलना महत्वपूर्ण है जिस पर आप भरोसा करते हैं।
इस तरह, वह यह निर्धारित करने में सक्षम होगा कि क्या आपका यौन रोग हृदय की समस्या या किसी अन्य स्थिति के कारण होता है।

7. ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम

इस सिंड्रोम (Broken heart syndrome) से पीड़ित होने पर हार्ट अटैक के दौरान होने वाले दर्द से ज्यादा पीड़ा महसूस हो सकती है। हालांकि, यह एक अस्थायी स्थिति है, जो अजीब तरह से बहुत स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करती है।

यह सिंड्रोम ऐसे रोगियों में भी पाया गया है जिनकी उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, गलत खानपान या सुस्त जीवनशैली जीने की हिस्ट्री नहीं थी।

इस स्थिति वाले मरीजों को कैटेकोलेमाइन (catecholamines) की मात्रा में वृद्धि का अनुभव होता है। यह पदार्थ खून में बहने वाले एड्रिनेलिन की तरह ही होता है। यह एक गंभीर मानसिक गड़बड़ी के बाद होता है।

शरीर में कैटेकोलेमाइन की अचानक बढ़ोतरी का कारण है , शरीर उन पदार्थों को छोड़ता है जो बहुत एंग्जायटी और स्ट्रेस का अनुभव करने के बाद शरीर को फिर एक तटस्थ स्थिति में वापस लाते हैं।

सौभाग्य से, यह स्थिति अस्थायी है और 90% मामलों में कोई स्थायी नुकसान नहीं पहुंचाती है।

अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए सामान्य टिप्स

सबसे पहले, हमेशा अच्छा खाने, एक्सरसाइज करने और अपने मानसिक सेहत का ध्यान रखते हुए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की कोशिश करें।
दूसरे, यदि आपको कोई अजीब लक्षण दिखाई दे, तो किसी विशेषज्ञ से परामर्श करने में बिलकुल संकोच न करें। हृदय की समस्याओं के कई लक्षण होते हैं, जिनकी कभी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
और, अंत में, उन लक्षणों पर ध्यान दें जो नियमित रूप से होने लगते हैं। कई चिकित्सा परीक्षण हैं जो इन लक्षणों से संबंधित बीमारियों का तुरंत पता लगा सकते हैं। वास्तव में, कभी-कभी हृदय की असामान्यताओं का पता लगाने के लिए एक साधारण रक्त परीक्षण भी पर्याप्त होता है।