ब्रेकफास्ट और डिनर पर वज़न घटाने के 5 कारगर तरीके

17 जून, 2019
क्या आप जानते हैं कि ब्रेकफास्ट और डिनर न करने से आप तनावग्रस्त हो सकते हैं? ऐसा करने से आपका मेटाबोलिज्म भी धीमा हो जाता है। बात कम या ज़्यादा खाने की नहीं, बल्कि ठीक से खाने की है।

ब्रेकफास्ट और डिनर का अपना-अपना महत्त्व होता है। उन्हें छोड़ देने से आपकी सेहत और आपके वज़न पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही, ब्रेकफास्ट और डिनर में अपौष्टिक आहार का सेवन करने से भी आपकी सेहत को नुकसान ही होगा।

हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए, अच्छा आहार वही होता है जो हमारे मेटाबोलिज्म को दुरुस्त रखता है।

यही वजह है कि वक़्त पर खाना न खाने से हमारा शरीर प्रभावित होता है। उदहारण के तौर पर, हमारे ऐसा करने पर हमारे पैंक्रियाज को अधिक मात्रा में इन्सुलिन बनाना पड़ता है

समस्या यह है कि इससे पैंक्रियाज की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। इसकी वजह से आपका ब्लड शुगर बढ़ सकता है।

इसलिए हमें कुछ विकल्पों पर गौर करना चाहिए। रोज़मर्रा के आपके खान-पान के लिए वे बहुत ज़रूरी होते हैं।

इस लेख में हम बताना चाहेंगे, आपको क्या करना चाहिए। इन सुझावों का पालन कर अपनी सेहत से खिलवाड़ किए बगैर अपना कुछ किलो वज़न कम कर पाने में आप सफल होंगे

ब्रेकफास्ट और डिनर करते समय अपना ज़्यादा ध्यान रखना सीखिए।

इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि ब्रेकफास्ट या डिनर न खाने से आपका वज़न कम हो जाता है

हम सभी ऐसे किसी न किसी इंसान को ज़रूर जानते हैं, जिसने अपना वज़न घटाने के लिए डिनर करना ही छोड़ दिया है।

हो सकता है, वह इंसान आप खुद ही हों। अक्सर इसके लिए हम कोई ऐसा बहाना बनाते हैं, “अब मैं सिर्फ़ स्मूदी या दूध का एक गिलास ही पियूंगी, ताकि शरीर कम खाने का आदी हो सके”।

यह गलती न करें! हमें कम खाने की नहीं, बल्कि ठीक से खाने की ज़रूरत होती है।

  • ब्रेकफास्ट और डिनर दिन के हमारे दो सबसे ज़रूरी मील्स होते हैं। इन दो मील्स के बीच में हमारे शरीर को ज़्यादा खाना जो नहीं मिलता।
  • ब्रेकफास्ट न खाने का मतलब होता है, अपने दिन की शुरुआत किसी पोषक तत्व या ऊर्जा के बिना करना। नतीजतन हमारा मेटाबोलिज्म धीमा पड़ने लगता है।
  • लंबे-लंबे व्रत रखने से आप मेटाबोलिक सिंड्रोम की चपेट में आ सकते हैं। आपको मधुमेह या बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड्स से भी जूझना पड़ सकता है।
  • हमारी चिंता-स्तर के बढ़ जाने का खतरा हमारे सिर पर मंडराने लगता है। ऐसा तब होता है, जब या तो हम अपना ठीक से ध्यान नहीं रखते या फ़िर समय पर खाना नहीं खाते
  • अपनी एंग्जायटी से लड़ने के लिए आपको अपने डोपामाइन लेवल को बढ़ा देने वाले फैट-युक्त खान-पान का सेवन करना चाहिए। खाना खाने के कई घंटे बाद तक भी वे हमारे दिमाग को पोषित करते रहते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि आपके दिमाग को कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है।
  • ब्रेकफास्ट या डिनर न करने से धीरे-धीरे आपके मेटाबोलिज्म में बदलाव आ जाता है। ऐसे में, आपका मेटाबोलिज्म धीमा पड़ जाता है व आपके शरीर के लिए फैट को तोड़ पाना मुश्किल हो जाता है

इसे भी पढ़ें: 9 हैरतंगेज़ फायदे, इनके लिए ज़्यादा मात्रा में सेलरी का सेवन करें

2. एंटीऑक्सीडेंट-युक्त ब्रेकफास्ट और डिनर

ब्रेकफास्ट और डिनर के लिए आर्टीचोक नींबू

अगर आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं, अपने दिल की सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं और अपने इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाना चाहते हैं तो अब इसे सच बनाने की घड़ी आ चुकी है। एंटीऑक्सीडेंट-युक्त खाना खाकर भी तो आप अपने इन सभी लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं।

  • इन तत्वों को आपका शरीर सुबह भी उतनी ही आसानी से ग्रहण करेगा जितना रात को।
  • दिन के अपने पहले और आख़िरी भोजन से आपको एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा मिलनी चाहिए। आख़िर वे ही तो आपके लीवर का ख्याल रखकर उसे डिटॉक्सिफाई करते हैं व पोषक तत्वों को ठीक से सोख पाने की आपकी पाचक क्षमता को बनाए रखते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट्स हमारे शरीर की कई प्रकार से मदद करते हैं, जैसे कि:

  • मेटाबोलिज्म को सक्रिय करना
  • कोशिकाओं पर धावा बोलने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ना
  • ब्रेकफास्ट और डिनर के दौरान हमें एंटीऑक्सीडेंट्स से युक्त खान-पान करना चाहिए। एलिसिन, एंथोसाइनिन, केटेचिन और कैप्सैकिन कुछ आम एंटीऑक्सीडेंट हैं।

इन खाद्य पदार्थों को अपने ब्रेकफास्ट और डिनर में ज़रूर शामिल करें।

  • ब्रेकफास्ट:
    • फल (अंगूर, सेब, आलूबुखारा, केला, ब्लूबेरी, आम, पपीता)
    • नींबू
    • लहसुन
    • ग्रीन टी
    • वाइट टी
    • कॉफ़ी
  • डिनर:
    • सब्ज़ियाँ (मिर्च, बंदगोभी, गाजर, टमाटर, आर्टिचोक्स, बैंगन)
    • रेड वाइन का एक गिलास

3. फाइबर वाला ब्रेकफास्ट, लीन प्रोटीन वाला डिनर

सुबह-सुबह फाइबर का सेवन हमारे लिए हमेशा फायदेमंद ही होता है। हमें नियमित बनाए रखकर वह हमारे शरीर से फैट्स को निकाल बाहर जो करता है। फाइबर हमारे दिल के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखता है।

  • आपको अलग-अलग तरह का भोजन कम और संतुलित मात्रा में करना चाहिए। कुछ लोग डिनर में सीरियल और फल खाते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो उस खाने का सेवन अपने डिनर में न करके अपने ब्रेकफास्ट में करें।
  • स्टार्च आपके ब्रेकफास्ट में चार चाँद लगा देता है। राई ब्रेड, टोस्ट और ओट व गेहूं जैसे खाद्य पदार्थ इसके कुछ अच्छे उदहारण हैं।
  • आपके डिनर में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होना चाहिए। उदहारण के तौर पर, आप ग्रिल्ड चिकन ब्रैस्ट खा सकते हैं।
  • इस बात का ध्यान रखें कि वज़न कम करने की कोशिश करते समय आपकी मांसपेशियों को ढीला नहीं मज़बूत होना चाहिए। प्रोटीन इसी चीज़ में हमारी मदद करते हैं।

इसे भी पढ़ें: 4 लो-कैलोरी ब्रेकफास्ट डायबिटीज के मरीजों के लिए

4. वक़्त की भी अपनी एक अहमियत होती है

ब्रेकफास्ट और डिनर करने का भी एक वक़्त होता है

आप ब्रेकफास्ट कब करते हैं? डिनर करने का आपका क्या टाइम है? जी हाँ, सच तो यह है कि अधिकाँश मामलों में भोजन करने का अपना समय हम खुद निर्धारित नहीं करते।

  • अक्सर हमारी नौकरी और जिम्मेदारियां सही समय पर खाना खाने से हमें रोकती हैं। समय पर खाना न खाना हमारी शारीरिक ज़रूरतों के लिए अच्छा नहीं होता।

जितना हो सके, आपको वक़्त का पाबंद रहना चाहिए। आपकी सेहत और आपके वज़न का ख्याल रखने में ये पैटर्न काफ़ी मददगार साबित होते हैं।

  • ब्रेकफास्ट के लिए सिर्फ़ समय पर उठना ही काफ़ी नहीं होता।
  • उठते ही आपको गर्म पानी का एक गिलास पीना चाहिए। फिर ब्रेकफास्ट करने के लिए 30 से 45 मिनट का इंतज़ार करें

ऐसा करने से जमा चरबी को आपका शरीर आसानी से मेटाबोलाइज़ कर सकेगा।

  • सोने से दो घंटे पहले अपन डिनर करें।
  • ढेर सारा खाना ठूसकर बिस्तर पर लेट जाने की ख़राब आदत से बचें। ऐसा करने से आपका वज़न कम होना तो दूर, उल्टा और बढ़ने लगेगा।

इन पैटर्न्स का पालन करने के लिए अपनी दिनचर्या बदलने पर क्या होगा? जानने के लिए इसे आज़माकर देखने में हर्ज़ ही क्या है?

5. कम खाएं या ज़्यादा, ऐसी दकियानूसी बातों से बचें

ओट्स और अंगूरों वाला ब्रेकफास्

आपको किसी राजा-महाराजा की तरह ब्रेकफास्ट और किसी भिखारी की तरह डिनर करना चाहिए। अपनी कॉमन सेंस का इस्तेमाल करते हुए हमें यह पता होना चाहिए कि हमें कब क्या खाना है।

  • किसी राजा-महाराजा की तरह खाने का मतलब यह नहीं है कि आपकी मेज़ खान-पान की वस्तुओं से सजी हो। उदहारण के तौर पर, पेस्ट्री, फल, जूस, कॉफ़ी, प्रोटीन, टोस्टेड ओट्स, आदि…।
  • दरअसल इसका मतलब तो यह है, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में आपको कई चीज़ों का सेवन करना चाहिए। आपको एक संतुलित ख़ुराक लेनी चाहिए। उदाहरण के लिए, ओट्स वाले मध्यम आकार के अपने कटोरे में आप थोड़े से सेब और काजू-बादाम भी डाल सकते हैं।
  • अपने टोस्ट पर आप थोड़ा-सा मक्खन और हैम की एक स्लाइस लगा सकते हैं। साथ में थोड़ी-सी कॉफ़ी लेकर आप एक स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ते का लुत्फ़ उठा सकते हैं।
  • किसी भिखारी की तरह डिनर करने का मतलब यह नहीं होता कि आपकी प्लेट में आलू का एक रूखा-सूखा टुकड़ा हो। दरअसल उसका मतलब तो सादा और हल्का-फुल्का खान-पान करना होता है। उदहारण के लिए, किसी छोटी-सी सामन, ब्रेड के एक टुकड़े और पनीर के साथ आप थोड़ा-सा सूप ले सकते हैं।

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि अपने खान-पान के बारे में आपको पूरी जानकारी होनी चाहिए। अपने दिल की बात न सुनकर आपको अपने पेट की बात सुननी चाहिए। इन टिप्स को आज़माकर देखें कि वे आपके लिए कितनी फायदेमंद होती हैं।

  • Rynders CA., Thomas EA., Zaman A., Pan Z., et al., Effectiveness of intermittent fasting and time restricted feeding compared to continuous energy restriction for weight loss. Nutrients, 2019.
  • Sharma GN., Gupta G., Sharma P., A comprehensive review of free radicals, antioxidants and their relationship with human aliments. Crit Rev Eukaryot Gene Expr, 2018. 28 (2): 139-154.