नेचुरल तरीके से वैजिनाइटिस से लड़ने के लिए 5 ट्रीटमेंट

ये नुस्खे आपको प्राकृतिक रूप से वैजिनाइटिस से लड़ने में मदद कर सकते हैं। हालांकि अगर आपको सुधार न दिखे तो गाइनेकोलॉजिस्ट  के पास जाने की सलाह दी जाती है जिससे आपका सही चेक-अप हो और जरूरी प्रोफेशनल इलाज हो सके।
नेचुरल तरीके से वैजिनाइटिस से लड़ने के लिए 5 ट्रीटमेंट

आखिरी अपडेट: 23 फ़रवरी, 2021

वैजिनाइटिस ऐसी स्थिति है जो वेजाइना के भीतर की बाहरी झिल्ल्ली यानी म्यूकस मेम्ब्रेन में सूजन के कारण होती है। यह रोगजनक बैक्टीरिया के ज्यादा फलने-फूलने से हो सकता है या ईस्ट के इन्फेक्शन, पोषण की कमी और वेजाइनल फ्लोरा के पीएच में बदलाव आने के कारण हो सकता है।

वैजिनाइटिस में एक तरह की असुविधाजनक जलन के साथ-साथ एक बुरी तरह की गंध, उस हिस्से में खुजली और वेजाइनल फ्लूइड के टेक्सचर और रंग में परिवर्तन देखा जाता है।

वैजिनाइटिस आमतौर पर गंभीर जटिलताओं का कारण नहीं बनती। हालांकि, वेजाइनल पीएच को दोबारा सही लेवल पर लाने और दूसरे इन्फेक्शन को रोकने के लिए इलाज करना जरूरी होता है।

सौभाग्य से प्रचलित इलाज के अलावा भी कई उपाय मौजूद हैं जो प्राकृतिक रूप से वैजिनाइटिस से लड़ने में मदद करते हैं।

यहाँ हम 5 दिलचस्प विकल्प शेयर करना चाहते हैं। इस परेशानी में उन्हें आज़माने में संकोच न करें!

1. वैजिनाइटिस से लड़ने के लिएलहसुन अर्क

लहसुन में मौजूद सल्फर युक्त कम्पाउंड इसे एंटीबायोटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीफंगल गुण देते हैं जो योनि समस्याओं से प्राकृतिक रूप से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

बाहरी तौर पर इस अर्क को लगाने से वेजाइनल फ्लोरा में बैक्टीरिया की एक्टिविटी को रेगुलेट करने में मदद मिलती है। बदले में, यह पैथोजेनिक माइक्रोब के खिलाफ एक सुरक्षात्मक बैरियर बनाता है।

सामग्री

  • कच्चे लहसुन की 3 फलियाँ
  • 2 कप पानी (500 मिली)

तैयारी

  • सबसे पहले लहसुन की फलियों को एक पेस्ट में कुचल दें।
  • इस बीच एक पॉट में पानी उबालें और पानी में पेस्टको डाल दें।
  • अंत में, तरल को 10 या 15 मिनट के लिए छोड़ दें और छान लें।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • योनि के बाहरी क्षेत्रों को अर्क से धोएं।
  • एक हफ्ते के लिए दिन में 2 बार इसे दोहराएं।

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कई नुस्खों की तरह इस बात पर विवाद भी है और मतभेद भी कि इसे बाहरी तौर पर लगाना फायदेमंद है भी या नहीं। इसलिए अगर आप इसे लगाने  में सहज महसूस नहीं करती हैं, तो इसके फायदों को पाने के लिए सीधे लहसुन खा सकती हैं।

2. मैलो और प्लेंटेन टी


मैलो (Mallow) और प्लांटैन चाय (plantain tea) पीने से हार्मोन असंतुलन पर काबू पाने में मदद मिलती है जो वैजिनाइटिस को उभरने पर असर डालते हैं।

इसके एंटी इन्फ्लेमेटरी कम्पाउंड वेजाइनल म्यूकोसा की जलन को कम करते हैं। इसी तरह, वे दर्द और एक्स्ट्रा डिस्चार्ज को शांत करते हैं।

सामग्री

  • 1 चम्मच मैलो के पत्ते (5 ग्राम)
  • 1 चम्मच प्लांटैन के पत्ते (5 ग्राम)
  • एक कप पानी (250 मिली)

तैयारी

  • सबसे पहले एक कप पानी उबालें। इसमें पौधों को डालें।
  • आंच कम करें और इसे 3 या 5 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • आंच से चाय को उतारें, इसे कवर करें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • दिन में दो बार, लगातार 2 हफ्ते तक पियें।

3. नारियल तेल और विटामिन E

नारियल तेल के एंटी बैक्टीरियल और एंटिफंगल गुण विटामिन E की मॉइस्चराइजिंग क्षमता से मिलकर वैजिनाइटिस के लक्षणों के खिलाफ एक मुकम्मल ट्रीटमेंट बनते हैं।

इसे बाहरी रूप से लगाने से खुजली और जलन की अनुभूति कम हो जाती है। इसके अलावा, यह गंध, एक्स्ट्रा डिस्चार्ज या ड्राईनेस को बेअसर करता है।

सामग्री

  • नारियल तेल के 2 बड़े चम्मच (30 ग्राम)
  • 1 चम्मच विटामिन E (5 ग्राम)

तैयारी

  • नारियल तेल को विटामिन E के साथ मिलाएं।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • नुस्खे को सूजन वाले क्षेत्रों पर लगाएं और इसे बिना धोये छोड़ दें।
  • सोने से पहले एक हफ्ते के लिए इसका इस्तेमाल करें।

4. एलोवेरा और टी ट्री ऑयल


टी ट्री ऑयल के एंटी-फंगल और एंटी बैक्टीरियल पावर के साथ एलोवेरा जेल के गुणों को मिलाकर आप प्राकृतिक रूप से वैजिनाइटिस से लड़ने और किसी भी असुविधा से लड़ने के लिए एक असरदार इलाज पा सकती हैं।

इसके अलावा ये चीजें इंटिमेट अंगों के लुब्रिकेंट को बढ़ाती है। दूसरे शब्दों में, यह वेजाइनल फ्लोरा के हेल्दी बैक्टीरिया के विकास में मददगार है।

इसके कम्पाउंड मदद करते हैं:

  • बैक्टीरिया को खत्म करने में
  • यीस्ट को हटाने में
  • सूजन पर काबू पाने में
  • बदबू से छुटकारा पाने में
  • जलन दूर करने में

सामग्री

  • एलोवेरा जेल के 3 बड़े चम्मच (45 ग्राम)
  • टी ट्री एसेंशियल ऑयल की 5 बूँदें

तैयारी

  • एलोवेरा जेल को टी ट्री एसेंशियल ऑयल की बूंदों के साथ मिलाएं।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • योनि के बाहरी क्षेत्रों पर इसे रगड़ें और इसे बिना धोये छोड़ दें।
  • हफ्ते में 2 बार इसका इस्तेमाल करें।

इस लेख पर जाएँ: वेजाइनल यीस्ट इंफेक्शन के बारे में आप क्या जानती हैं?

5. वैजिनाइटिस से लड़ने के लिए दूध और हल्दी


हल्दी के एंटी-फंगल और एंटीबायोटिक गुण यीस्ट और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए आपके डिफेन्स को मजबूत करने में मदद करते हैं।

वैसे तो आप इसे बाहरी रूप से लगा सकती हैं पर वैजिनाइटिस के लक्षणों को कम करने के लिए इसे दूध के साथ पीना भी एक अच्छा विचार है।

सामग्री

  • 1 चम्मच हल्दी पाउडर (5 ग्राम)
  • 1 कप दूध (250 मिली)

तैयारी

  • एक कप दूध गर्म करें और उसमें हल्दी पाउडर का चम्मच मिलाएं।

इसका इस्तेमाल कैसे करें

  • दिन में एक बार 8 या 10 दिनों के लिए इसे पियें।

सारांश

क्या आपको ऐसी तकलीफ महसूस होती है? क्या आपको वेजाइनल फ्लूइड में कोई परिवर्तन दिखाई देता है? यदि आप वैजिनाइटिस के किसी लक्षण का संकेत देखें तो इनमें से किसी भी प्राकृतिक इलाज को आजमाने का प्रयास करें और इससे जल्द से जल्द लड़ें।

यदि समस्या बनी रहे तो डॉक्टर या विश्वसनीय गाइनेकोलॉजिस्यट से मिलें।

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