स्त्री गुप्तांग से जुड़ी 10 बातें जिनके बारे में शायद आप नहीं जानतीं

जुलाई 1, 2019
स्त्री योनि एक लोचदार और मांसपेशियों से बनी टनेल है, जिसमें एक मुलायम, लचीला अस्तर होता है जो चिकनाई प्रदान करता है।

स्त्री गुप्तांग (वेजाइना) महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम का एक अंग है जो गर्भाशय को शरीर के बाहरी हिस्से से जोड़ती है। यह एक नाजुक म्यूकस मेम्ब्रेन से ढके हिस्से से बनी होती है जो इन्फेक्शन को रोकने के लिए नेचुरल मॉइस्चर और जरूरी एसिडिटी को बनाए रखने में मदद करती है। सही स्वास्थय और स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस आर्टिकल में योनि के बारे में 10 बातों की जानकारी लें जो शायद अब तक आप नहीं जानती हैं!

स्त्री गुप्तांग (वेजाइना) फाइब्रोमस्क्यूलर टिशू से ढका होता है। इसलिए पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज की मदद ली जा सकती है जो छोटे-मोटे दर्द और यूरिनरी इन्कान्टनन्स जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करती है।

इसमें कॉम्प्लेक्स फाइब्रोमस्क्यूलर टिश्यू भी होते हैं जो इसे इसके कई मुख्य कामों के लिए जरूरी लचीलापन देते हैं

वल्व के साथ जुड़ने पर, यह रीप्रडक्टिव कार्यों के साथ-साथ यौन सुख और महिला के स्वास्थ्य, दोनों के लिए शरीर का एक जरूरी अंग बन जाता है।

लेकिन कुछ दिलचस्प चीजें हैं जिनकी बहुत सी महिलाएं अनदेखा करती हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी हो सकता है।

चलिये एक नजर डाल लेते हैं!

1. वेजाइना अपनी सफ़ाई खुद करती है

वेजाइना अपनी सफ़ाई खुद करती है

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि योनि में फ्लूइड होता है? फ्लूइड कई तरह के होते हैं, पारदर्शी से लेकर सफेद तक, जो असल में स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद होते हैं।

इस फ्लूइड का काम खतरनाक बैक्टीरिया, वायरस और पुरानी कोशिकाओं को खत्म करने के लिए स्वस्थ बैक्टीरियल फ्लोर को बनाए रखना है।

इसलिये आपको इसे खुशुबूदार साबुन, पाउडर या दूसरे दुर्गन्ध दूर करने वाले प्रोडक्ट से साफ नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है।

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2. यह रंग बदल सकती है

यौन उत्तेजना और गर्भावस्था के दौरान, जेनिटल अंगों में ब्लड फ्लो बदलता है। इस वजह से रंग में थोड़ा-सा बदलाव हो सकता है

असल में, मेन्स्ट्रूएशन या मेनोपॉज के कारण एस्ट्रोजेन लेवल में कमी भी इस तरह के बदलाव की वजह हो सकती है।

3. वेजाइना आकार बदलती है

यौन क्रियाओं और बच्चे को जन्म देते समय वेजाइना अपना आकार बदलती है। इस हिस्से में इकठ्ठा खून इस अंग को फैलने में मदद करता है, ताकि यह अपने काम को ठीक से कर सके।

इसलिये व्यक्ति जितना ज्यादा सेक्सुअली एक्टिव हैं, उतनी ज्यादा संभावना है कि उसकी वेजाइना बड़ी होती जाएगी।

4. इसे मजबूत बनाया जा सकता है

वेजाइना : पेल्विक लिफ्ट

लगातार उन एक्सरसाइज को करना जो पेल्विक फ्लोर पर काम करती हैं, वजाइना की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है।

एक अनुमान के मुताबिक हर तीन में से एक महिला को उनके पेल्विक फ्लोर में कुछ न कुछ गड़बड़ी महसूस होती है, खासकर मेनोपॉज के बाद।

समस्या यह है कि यह यूरिनरी इन्कान्टनन्स, ब्लैडर में दर्द और पेशाब के दौरान जलन की समस्या की वजह बनता है।

5. योनि के अन्दर कुछ खोना नामुमकिन है

वेजाइना का ऊपरी हिस्सा गर्भाशय से जुड़ा होता है, जिसमें एक बहुत छोटा छेद होता है इतना कि इसमें से होते हुए केवल माइक्रोस्कोपिक मटेरियल्स जैसे स्पर्म आदि, ही गुजर सकते हैं

इस हिस्से में कभी भी कुछ भी डाला जाये, तो यह कहीं नहीं जाएगा, क्योंकि इसके अंदर कोई दूसरा रास्ता नहीं होता है।

लेकिन किसी भी तरह के सीरियस इन्फेक्शन से बचने के लिए हम सेक्सुअल आब्जेक्ट को ज्यादा लंबे समय तक अन्दर रखने की सलाह नहीं देते हैं।

6. वेजाइना बाहर आ सकती है

वेजाइना बाहर आ सकती है

इससे सावधान रहें ! एक ऐसी स्थिति जिसे यूटेरिन प्रोलैप्स (Uterine Prolapse) यानी गर्भाशय भ्रंश कहा जाता है, जो बच्चे को जन्म देने या पेल्विक फ्लोर की कमजोरी के कारण हो सकती है।

यह जरूरी है कि आप यह जानें कि इसकी पहचान कैसे की जाती है, और सर्जरी की मदद से इस समस्या को ठीक करने के लिए जितनी जल्दी हो सके किसी डॉक्टर को दिखायें।

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7. यह अपना लचीलापन वापस पा लेती है

इस अंग की एक खास बात यह है कि यह चौड़ी हो सकती है, लेकिन यह आसानी से अपने सही आकार में वापस आ जाती है

सेक्स क्रिया के दौरान यह ढीली हो जाती है, और कुछ मिनटों के बाद अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ जाती है।

बढती उम्र और जन्म की संख्या जैसे कुछ बदलाव ऐसे होते हैं जो इसे वास्तव में कमजोर कर देते हैं।

8. इसका pH वाइन के ग्लास के बराबर होता है

दिलचस्प बात यह है कि, एक स्वस्थ वेजाइना का pH उतना ही होता है जितना एक गिलास वाइन का होता है। वैरायटी के हिसाब से, यह 3.8 से 4.5 के बीच हो सकता है, जबकि शराब का pH 3 से 4 के बीच होता है।

9. यह जिंदगी बचा सकती है

वेजाइना जिंदगी बचा सकती है

मेन्स्ट्रूअल ब्लड में मौजूद रिजेनरेटिव एन्डोमेट्रीअल सेल्स का इस्तेमाल हार्ट फेल्यर वाले मरीजों के इलाज के लिए किया जा सकता है।

ये स्टेम सेल के रूप में जाने जाते हैं और बहुत से लोगों में दिल की समस्याओं के इलाज के दौरान इनका अच्छा असर देखा गया है।

आजकल तरह-तरह के नये बॉडी सेल्स बनाने वाले, कई ट्रीटमेंट और मेडिकल स्टडी इन्ही जानकारियों पर आधारित हैं।

10. साइज़ मायने नहीं रखती

यौन संबंधों का सुख लेने के लिये अपने वेजाइना के आकार को लेकर बिलकुल परेशान नहीं होना है। इसका औसतन आकार लगभग 7.6 सेमी होता है और उत्तेजित होने पर यह 10 सेंटीमीटर तक बड़ी हो सकती है।

इससे पता चलता है कि इसमें किसी भी तरह का पेनिस पूरी तरह समा सकता है और अगर पार्टनर बड़ा है, तो अडैप्ट करके इसे और बड़ा किया जा सकता है।

याद रखें, अगर आपके मन में कोई भी सवाल हैं, तो किसी भरोसेमंद गाइनकालजिस्ट से पूछ सकती हैं। अगर आपको किसी भी तरह की गड़बड़ी महसूस होती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

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