पीठ पर फैटी लम्प होने के कारण

03 सितम्बर, 2020
पीठ पर मांसल गांठ या फैटी लम्प का होना आम है और उन लोगों के लपरेशानी की वजह बनती है जो उनसे पीड़ित हैं। पर्याप्त इलाज के लिए उन्हें दूसरी विकृतियों से अलग करना जरूरी है।

पीठ पर मांसल गांठ या फैटी लम्प मिलना आमतौर पर उस व्यक्ति की चिंता का कारण बनती है जो उससे पीड़ित है। कभी-कभी एक ही लम्प नहीं होता बल्कि दूसरी छोटी-छोटी गांठें भी होती हैं जो व्यक्ति को और भी ज्यादा परेशान करता है।

किसी भी मामले में घाव की डायग्नोसिस महत्वपूर्ण है। दूसरे शब्दों में हालांकि यह फैटी लम्प की तरह लगने पर भी कई बार दूसरी समस्या (sebaceous cyst) या महज एक फोड़ा होता है।

यह सच है कि फैट इस लक्षण का सबसे आम कारण है, लेकिन समस्या की असली वजह का पता लगाने के लिए डॉक्टर द्वारा इसकी जाँच करवाना चाहिए। कभी-कभी एक ही टेस्ट लम्प बनने के कारणों का पता लगाने के इए पर्याप्त होता है।

विशेष रूप से त्वचा पर फैट इकठ्ठा होने को लाइपोमा (lipoma) कहा जाता है। नाम का अर्थ इसकी बनावट में है, यह एडिपोसाइट्स (adipocytes) से बना होता है जो कि फैट कोशिकाएँ होती हैं।

लाइपोमा मैलिगनेंट नहीं होता और आमतौर पर उनकी साईज इतनी ही होती है कि वे दूसरे अंगों को प्रभावित नहीं करते। हालांकि विशाल लाइपोमा और अंदरूनी लाइपोमा दूसरे अंगों के कामकाज को बाधित कर अप्रत्याशित जटिलताओं को जन्म दे सकते हैं।

फैटी लम्प में फर्क करने वाली डायग्नोसिस

जैसा कि हमने ऊपर कहा पीठ पर फैटी लम्प होने पर फर्क करने वाली डायग्नोसिस जरूरी है। आपको यह पता लगाना होगा कि क्या आप सामान्य लक्षणों वाले एक लाइपोमा का सामना कर रहे हैं या त्वचा के दूसरे घावों से निपट रहे हैं। नीचे हम तीन सबसे आम प्रकार का ब्यौरा देंगे।

फैटी लम्प में फर्क करने वाली डायग्नोसिस

जैसा कि हमने ऊपर कहा पीठ पर फैटी लम्प होने पर फर्क करने वाली डायग्नोसिस जरूरी है। एक डॉक्टर ही घाव के प्रकार को निर्धारित कर सकता है।

1. लाइपोमा (Lipoma)

यह एक क्लासिक फैटी लम्प है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है और रोगी के पता लगने तक यह स्पष्ट हो जाता है, कभी-कभी दुर्घटना से ही। यह दर्दनाक नहीं होता और एक बिंदु पर पहुँच जाता है जहाँ इसका बढ़ना बंद हो जाता है, उन अपवादों के साथ जिसका हमने पहले जिक्र किया है। यदि यह छोटा हो तो डॉक्टर अक्सर कुछ नहीं करने की सलाह देते हैं। हालाँकि, यदि यह बड़ा हो तो आप इसे लोकल सर्जरी से हटा सकते हैं।

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2. फोड़ा (Boil)

फोड़ा एक हेयर फोलिकल का संक्रमण है। यह आपकी पीठ पर उभर सकता है, विशेष रूप से निचले क्षेत्र में, जहाँ ज्यादा बाल होते हैं। कभी-कभी इसमें दर्द होता है, जबकि कई बार नहीं होता है। दर्द आमतौर पर संक्रमण से जुड़ा होता है।

यदि ऐसी कोई जटिलता है, तो मवाद दिखाई देता है, जो बाहर आने के लिए प्रेशर बढ़ाता है। इसलिए यह एक लाइपोमा से अलग होता है, जिसमें स्राव नहीं होता। फोड़ा के इलाज में एंटीबायोटिक्स इस्तेमाल होते हैं और अगर मवाद है तो  एंटीसेप्टिक्स के साथ घाव धोया जाता है।

3. सेबेसियस सिस्ट (Sebaceous cyst)

यह घाव लाइपोमा के समान है, क्योंकि इसमें फैट भी होता है। हालांकि हिस्टोलॉजिकल फर्क यह है कि इसके अंदर एक सिस्ट कोटिंग और तरल होते हैं। हालांकि सेबेसियस सिस्ट शायद ही कभी दर्दनाक होता है, और वे फोड़े की तरह संक्रमित हो सकते हैं।

वे गतिशील होते हैं और दबाव डालने पर थोड़ा दबते हैं। लाइपोमा की तरह इसका इलाज इसकी साइज़ और इसके कारण होने वाली असुविधा पर आधारित होगा। यदि रोगी इसे हटाने का फैसला करे तो उन्हें ऐसा करने के लिए लोकल सर्जरी की जरूरत होगी।

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लक्षण और रिस्क फैक्टर

फैटी लम्प या लाइपोमा का पीठ पर होना आम है। फिर भी वे ऊपरी अंगों और गर्दन पर भी दिखाई दे सकते हैं। निचले अंगों पर उभरना सामान्य नहीं है।

जब आप लाइपोमा को छूते हैं, तो यह थोड़ा घूमता है और नरम महसूस होता है। दबाव पड़ने पर यह दब सकता है लेकिन यह सिस्ट की तरह तरल नहीं होता। इस प्रकार यह दबाव के लिए कुछ प्रतिरोध प्रदान करता है। इन विशेषताओं के कारण डॉक्टरों के इए इनकी पहचान करना आसान है।

ज्यादातर फैट वाले लैंप 1-2 इंच से ज्यादा नहीं होते। यदि यह बड़ा है, तो यह संभवतः एक विशाल लाइपोमा है। इसके लिए एक अलग दृष्टिकोण की जरूरत होती है क्योंकि यह अंदरूनी अंगों में प्रवेश करता है और इसे हटाना आसान नहीं होता।

एक्सपर्ट लाइपोमा के उभरने के सही कारणों को नहीं जानते। वे मानते हैं कि कुछ तरह के आनुवंशिक लिंक हैं, क्योंकि फैटी लम्प इस फैमिली ग्रुप में बार-बार दिखाई देते हैं। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई निर्णायक अध्ययन नहीं हैं।

इससे सबसे ज्यादा प्रभावित समूह 30 से 60 वर्ष की आयु के बीच के लोग होते हैं। इसके अलावा, इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि वे ज्यादातर वयस्कों को क्यों प्रभावित करते हैं।

कुछ रोगियों में लाइपोमा बड़े हो सकते हैं, यहां तक ​​कि अन्य अंगों की कार्यक्षमता पर भी असर कर सकते हैं।

पीठ पर फैटी लम्प होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

यदि आप अपनी पीठ पर फैटी लम्प नोटिस करें तो आपको सही फर्क करने वाली डायग्नोसिस के लिए अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। वे यह पता लगाने में सक्षम होंगे कि यह एक लाइपोमा है या कोई अन्य स्थिति। इसी तरह वे इसकी गंभीरता के आधार पर कॉम्प्लीमेंटरी तरीकों की सिफारिश कर सकते हैं।

कुछ अतिरिक्त लक्षण डॉक्टर से जल्दी मिलने की जरूरत के बारे में चेतावनी देते हैं, जैसे:

  • अगर फैटी लम्प बड़ा हो जाए
  • मवाद होना
  • गतिशीलता और कोमलता कम होते जाना और लाइपोमा का सख्त होना
  • आसपास सूजन भरी ग्लैंड्स का होना

गांठ पर ध्यान दें

वैसे तो लाइपोमा बेनाईन या नुक्सानरहित होता है फिर भी इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। फर्क करने के लिए अपने डॉक्टर से मिलना सबसे अच्छा है। यदि आपके लक्षण आपको संक्रमण, आसपास की संरचनाओं के संक्रमित होने या आकार में बढ़ने का शक पैदा करते हैं, तो भी डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए।

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