दांत का फोड़ा और उसका इलाज कैसे करें

सितम्बर 30, 2019
दांत के फोड़े का इलाज हमेशा डॉक्टर से कराया जाना चाहिए, भले ही वे खुद ही क्यों न फूट जाएं। उनका ठीक से इलाज न करने से गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

दांत का फोड़ा बहुत आम मेडिकल कंडीशन है और यह किसी भी उम्र में हो सकता है। जटिलताओं को रोकने के लिए जल्द से जल्द इस पर ध्यान देना और इसका इलाज करना अहम है।

डेंटल एब्सेस या दांत का फोड़ा (Dental Abscesses) मूल रूप से एक संक्रमण है जो दांतों या मसूड़ों में होता है। वे बहुत तकलीफ़देह हो सकते हैं और वक्त के साथ-साथ एक तेज चुभने वाला दर्द हो सकता है।

आमतौर पर जो सबसे पहली बात होती है, वह है मसूड़ों में सूजन। ऐसा होने पर मवाद के संभावित बैग की तलाश वाले हिस्से का सावधानी से  पता लगाना चाहिए। अगर मवाद है, तो इसका मतलब है यह दांत का फोड़ा है

दांत का फोड़ा क्या होता हैं?

दांत का फोड़ा क्या होता हैं?

दंत का फोड़ा बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण मवाद का जमा होना है। यह आपके मुंह के विभिन्न भागों में कई कारणों से हो सकता है। आमतौर पर यह दांत की जड़ या मसूड़ों और दांतों के बीच बनते हैं।

यह इन्फेक्शन मवाद से भर जाता है और धीरे-धीरे सूजन हो जाती है। साथ ही यह ज्यादा से ज्यादा दर्दनाक हो जाता है।
डेंटल एब्सेस आसपास के क्षेत्रों में फैल जाते हैं। कभी-कभी वे मुंह, चेहरे, जबड़े और यहां तक ​​कि गले तक फैलते हैं। ज्यादा गंभीर मामलों में वे आपके वायुमार्ग में रुकावट भी पैदा कर सकते हैं।

वे किस कारण से पैदा हुए हैं, इस आधार पर हम दांत के फोड़े को दो श्रेणियों में बाँट सकते हैं:

पेरिएपिकल एब्सेस (Periapical abscesses) : ये फोड़े दांत के नीचे बनते हैं। आम तौर पर ठीक से इलाज न किये गए दांतों की सड़न या दांतों में चोट के कारण पैदा होते हैं। ये सबसे आम दांत के फोड़े हैं।

पेरियोडोंटल एब्सेस (Periodontal abscesses) : यह तब होता है जब दांतों को सपोर्ट करने वाले टिशू में फोड़ा बन जाता है। दूसरे शब्दों में यह मसूड़ों या हड्डी में दिखाई देता है।

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विशेषताएं और कारण

सूजन इस बात का संकेत है कि आपका शरीर इन्फेक्शन को अलग कर देने में कामयाब रहा है। पस बैग दरअसल आपके इम्यून सिस्टम पर हमला करने वाले वायरस, बैक्टीरिया और पैथोजेन के साथ-साथ श्वेत रक्त कोशिकाओं का जमा होना है। इसलिए  दांत का फोड़ा बताता है कि आपका शरीर खुद को कैसे बचा रहा है।

पेरिएपिकल एब्सेस तब होते हैं जब बैक्टीरिया ने दांतों के सबसे गहरे हिस्से पर हमला किया है जिसे डेंटल पल्प कहा जाता है। इस मामले में पैथोजेन दांतों की क्षय या कैविटी के रास्ते घुसते हैं। फिर वे दांत की जड़ तक पहुंचने तक आगे बढ़ते हैं।

आमतौर पर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपने कैविटी पर अच्छी तरह से ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा, वे तब होते हैं जब आप अपने दांतों की देखभाल अच्छी तरह से नहीं करते हैं या बहुत ज्यादा चीनी और मिठाई खाते हैं।

पेरियोडोंटल फोड़े वे हैं जब  जहां एक बाहरी चीज दांत की जड़ में घुस जाती है या फिर दांत में कोई गड़बड़ी है। यह बैक्टीरिया के फैलाव को आसान बनाता है।

दांत के फोड़े के लक्षण और इसकी डायग्नोसिस

र्द दांत के फोड़े का सबसे आम लक्षण है। यह लगातार बना रहने दर्द बहुत तेज और चुभने वाला होता है। अक्सर यह जबड़े या कान तक फैलता है। इसके अलावा आप गर्मी या ठंड के प्रति ज्यादा सेंसेटिव हो सकते हैं और भोजन चबाने पर दबाव महसूस कर सकते हैं।

आपके गाल या चेहरे पर सूजन हो सकती है। कई मामलों में आपको बुखार भी हो सकता है और गर्दन या जबड़े के लिम्फ नोड्स सूजन से भर सकते हैं। आपके मुंह का स्वाद खराब या नमकीन भी हो सकता है।

आम तौर पर आपके डेंटिस्ट प्रभावित क्षेत्र को देखने-परखने के बाद डायग्नोसिस करेंगे। कभी-कभी एक्स-रे की ज़रूरत हो सकती है जिससे पता चले कि संक्रमण कितना फैल गया है। अगर यह बहुत ज्यादा फैला है, तो डेंटिस्ट एमआरआई का सुझाव देंगे।

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इलाज

दांत के फोड़े का इलाज संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। ऐसा करने के लिए आपका डेंटिस्ट ये काम कर सकते हैं:

  • एब्सेस को ड्रेन करना : इस मामले में मवाद निकालने के लिए वह एब्सेस में एक छोटा चीरा लगाएगा। फिर वह उस क्षेत्र को सेलाइन सॉल्यूशन से साफ करेगा।
  • एंडोडॉन्टिक्स करें: इसमें दांत की ड्रिलिंग, डेंटल पल्प को हटाना और एब्सेस को बाहर निकालना शामिल है। फिर वे पल्प कैविटी को करेंगे, साथ ही वे रूट कैनल को सील कर देंगे। आम तौर पर डेंटिस्ट एक क्राउन से दांत को कवर करेगा।
  • एंटीबायोटिक्स: जब संक्रमण पहले से ही फैल चुका हो तो आपके डेंटिस्ट इसे आगे फैलने से रोकने के लिए एंटीबायोटिक्स लिखेंगे। इसी तरह अगर इम्यून सिस्टम कमजोर हो तो भी डेंटिस्ट यह करेगा।
  • एक्सट्रैक्शन : अगर दूसरा विकल्प न हो तो संक्रमण रोकने के लिए डेंटिस्ट दांत निकालेगा।

कभी-कभी दांत का फोड़ा अनायास फट जाता है। तो भी आपको डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए। सही इलाज के लिए रोग की डायग्नोसिस अच्छा है। हालाँकि, यदि फ्लूइड को बाहर न निकाला जाए तो संक्रमण आपके शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। यह सेप्सिस का कारण भी बन सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

Medina Castro, J. F. (2009). Prevalencia de caries dental y necesidad de tratamiento en pacientes adultos con demanda de atención diagnóstica.