स्ट्रोक के संकेत जिन्हें आपको जानना चाहिए

10 दिसम्बर, 2018
स्ट्रोक हाई ब्लड प्रेशर, एक आसन्न जीवनशैली और शरीर में बहुत ज्यादा मुक्त कण मौजूद होने से संबंधित हैं।

अगर आप धूम्रपान करते हैं, बहुत ज्यादा शराब पीते हैं और बहुत तनाव में हैं तब भी आपको स्ट्रोक होने का ज्यादा रिस्क है।

इस पोस्ट में हम आपको स्ट्रोक के अहम संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं।

आपको स्ट्रोक के बारे में क्या पता होना चाहिए

जब ब्रेन में खून ठीक से नहीं बहता है तो सेल्स को ठीक से काम करने के लिए जिन पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है वह नहीं मिलता है इसलिए वे मर जाते हैं।

सेरेब्रोवास्कुलर बीमारियां पश्चिमी दुनिया में मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण हैं और स्थायी विकलांगता का पहला कारण हैं। वे बुजुर्गों में न्यूरोलॉजिकल कमी को शुरू या ट्रिगर करने वालों में से एक हैं।

ब्रेन का कौन सा क्षेत्र प्रभावित है उसके आधार पर विभिन्न प्रकार के स्ट्रोक होते हैं:

इस्कीमिक

इस तरह के स्ट्रोक को एक आक्रामक हमला या सेरेब्रल इंफार्क्शन भी कहा जाता है। यह तब होता है जब अचानक ब्रेन को खून पहुंचना बंद हो जाता है।

यह हमारे ब्रेन तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में बाधाओं के कारण होता है। यह कैल्शियम के संचय, एक एम्बोलिज्म या आर्टिरिओस्क्लेरोसिस के कारण हो सकता है।

रक्तस्रावी

इस तरह का स्ट्रोक तब होता है जब एक ब्रेन की रक्त वाहिका या ब्लड वेसल, जन्मजात एन्यूरीसिम या हाई ब्लड प्रेशर की वजह से टूट जाती है।

यह रक्तस्राव या ब्लीडिंग एक स्ट्रोक का कारण बनती है क्योंकि इसकी वजह से सेरेब्रल क्षेत्र को खून का सप्लाई नहीं होता है या क्योंकि खून ब्रेन की संरचनाओं या स्ट्रक्चर पर दबाव डालता है।

क्लॉट हटाने के बाद, यह पता करने के लिए कि कौन सा क्षेत्र प्रभावित हुआ है 24 से 48 घंटे लगते हैं।

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एक स्ट्रोक को कैसे पहचानें

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि स्ट्रोक का क्या कारण या वह किस प्रकार का है। स्ट्रोक हमेशा एक मेडिकल इमरजेंसी होते हैं, क्योंकि वे अचानक होते हैं और केवल कुछ ही मिनटों में गंभीर स्थायी परिणाम छोड़ सकते हैं।

इसके अलावा, स्ट्रोक की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितना रक्त सम्मिलित है।

कितनी जल्दी मेडिकल सहायता प्राप्त होती है इसके मुताबिक नुकसान की गंभीरता अलग-अलग हो सकती है। इसलिए हमारा शरीर हमें जो चेतावनी के संकेत देता है उनसे अवगत होना बहुत ज़रूरी है।

यदि आप उन लोगों के ग्रुप में हैं जिनको स्ट्रोक होने का सबसे ज्यादा रिस्क है तो आपको संभावित स्ट्रोक के इन संकेतों के बारे में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए:

चक्कर आना और चलने में परेशानी होना

  • क्योंकि ब्रेन को कम खून सप्लाई हो रहा है आपको अचानक चक्कर आ सकता है।
  • आपको संतुलन या समन्वय की कमी महसूस हो सकती है और इससे आप गिर सकते हैं।
  • कोई भी मूवमेंट जिसमें ध्यान देने की ज़रूरत होती है प्रभावित हो जाएगा।

कमजोरी या सुन्न होना

स्ट्रोक का एक संकेत अपनी बाँहों (एक-एक करके या दोनों को एक ही समय पर) को उठाकर हवा में न रख पाना।

आपको सुन्न होना भी महसूस होगा या किसी चीज को उठाने में परेशानी होगी, चाहे उसका कुछ भी वजन न हो।

बहुत से लोग, उनके हाथ में जो कुछ होता है उसे गिरा देते हैं क्योंकि वे उसे पकड़ नहीं पाते हैं।

इसके अलावा, आप अपने पैरों में झुनझुनी या सुन्न होना महसूस कर सकते हैं। आपको कुछ सेकंड के लिए बैठने और स्थिर रहने की ज़रूरत हो सकती है, क्योंकि आपका कोई भी अंग काम नहीं कर रहा हो सकता है।

बोलने में परेशानी

स्ट्रोक से पीड़ित होने पर आपको न केवल चलना या मूव करना मुश्किल लगता है बल्कि खुद को व्यक्त करने में भी परेशानी होती है।

अस्पष्ट उच्चारण, कुछ समझाने के लिए पर्याप्त शब्दों को न खोज पाना या आपकी बोली में असंगतियों का होना स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं।

चेहरे की पैरालिसिस

आपको चेहरे की पैरालिसिस का भी अनुभव होगा, साथ ही खुद को व्यक्त करने में कठिनाई भी होगी।

यह एहसास उसके समान होता है जैसा कि जब एक डेंटिस्ट आपको दांत निकालने के लिए एनेस्थीसिया देता है तब होता है। दूसरे शब्दों में, आप मुस्कुरा नहीं पाते हैं, या अपनी आंखों को खोलने में असमर्थ होते हैं। पैरालिसिस लगभग हमेशा चेहरे के एक तरफ होती है।

इसके अलावा, आपको स्ट्रोक से जुड़ी अन्य सामान्य समस्याओं का भी अनुभव होगा, जैसे धुंधला, धूमिल, दोहरा या अंधेरा दिखना।

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एक तीव्र माइग्रेन

हम सब ने सिरदर्द, यहां तक ​​कि बहुत तीव्र वाला भी, महसूस किया है। लेकिन स्ट्रोक से पहले, आपको इतना तीव्र माइग्रेन अनुभव हो सकता है कि आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं।

यह अचानक प्रकट होता है और इसके साथ चक्कर, मतली या उल्टी आती है। एक रक्तस्राव स्ट्रोक से पीड़ित होने पर सिरदर्द के कारण व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

इन संकेतों की यह खासियत है कि वे व्यक्ति का ध्यान आकर्षित किये बिना प्रकट हो सकते हैं। दूसरे लोग सोच सकते हैं कि वह व्यक्ति विचलित, थका हुआ, भ्रमित या नशे में है।

जब लक्षण कुछ सेकंड या मिनट के लिए प्रकट होते हैं और फिर गायब हो जाते हैं, तो आप जो अनुभव कर रहे हैं वह एक क्षणिक स्ट्रोक है, आपको अपने लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

यह एक स्पष्ट संकेत है कि खून आपके ब्रेन तक ठीक से नहीं पहुंच रहा है और आप भविष्य में गंभीर स्ट्रोक से पीड़ित हो सकते हैं।

इस मामले में, आपको एक एम्बुलेंस को बुलाना चाहिए ताकि मेडिकल प्रोफेशनल समस्या का सही ढंग से निदान कर सकें।

कई नर्स या पैरामेडिक एक ऑन-साइट टेस्ट आयोजित करते हैं जिसे एफऐएसटी (फेस आर्म स्पीच टेस्ट) कहा जाता है।

इसके तीन भाग होते हैं:

  • फेस या चेहरा: चेहरे की फीचर में अनैच्छिक पेशी असमानता या इनवॉलंटरी मस्कुलर असिमिट्री जांचना।
  • आर्म या बाँहों: यह टेस्ट करना कि क्या रोगी स्वेच्छा से अपनी बाँहों को मूव कर सकता है, या अपनी बाँहों में झुनझुनी या सुन्न होना महसूस करता है।
  • स्पीच या उच्चारण: कई सवाल पूछकर यह पता करना कि क्या रोगी को बोलने में कठिनाई होती है या सुनने में ऐसा लगता है कि वह नशे में हैं या उस पर ड्रग का असर है।
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