9 बातें जो आपकी ब्रेन में होती हैं, जब आप एक्सरसाइज करते हैं

शारीरिक फायदों के अलावा एक्सरसाइज आपके दिमाग और मनोवैज्ञानिक हेल्थ में भी भारी सुधार करती है। इसके फायदों को महसूस करने के लिए आपको बस इतना करना है कि दिन में केवल 30 मिनट एक्सरसाइज के लिये निकलना है।
9 बातें जो आपकी ब्रेन में होती हैं, जब आप एक्सरसाइज करते हैं

आखिरी अपडेट: 27 जून, 2019

ज्यादातर लोग जानते हैं, लगातार फिजिकल एक्सरसाइज स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी आदतों में से एक है।

यह मांसपेशी को बढ़ाने, जोड़ों को मजबूत करने और किसी खास काम के लिए शारीरिक सहनशीलता बढ़ाने का सबसे असरदार तरीका है।

रोजाना की एक्सरसाइज बढ़े हुये मोटापे से निपटने और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों को होने से रोकने के लिए सबसे आसान और कारगर तरीकों में से एक है।

हालांकि, भले ही बहुत से लोग इन महत्वपूर्ण फायदों के बारे में जानते हैं, लेकिन एथलेटिज्म, दिमाग और मूड के बीच का रिश्ता अभी भी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है।

असल में, यह बात कम ही लोग जानते हैं कि एक्सरसाइज सीधे आपके दिमाग के स्वास्थ्य पर असर डालती है, काग्निटिव फंक्शन में सुधार करती है और इमोशन को बनाये रखती है।

हमें पता है, बहुत से लोग इन प्रक्रियाओं के बारे में नहीं जानते। नीचे हम आपको उन 9 घटनाओं के बारे में बताना चाहते हैं जो एक्सरसाइज के दौरान आपके दिमाग के अन्दर होती हैं।

1. याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार

एक्सरसाइज: याददाश्त और सीखने में क्षमता में सुधार होता है

फिजिकल एक्सरसाइज के दौरान बढ़ने वाले ब्लड फ्लो से भी दिमाग को फायदे मिलते हैं।

इससे ऑक्सीजन की उचित मात्रा को पूरे शरीर में पहुँचाने में मदद मिलती है और दिमाग की कोशिकाएं अपने काम को करने के लिए एक्टिवेट हो जाती हैं।

नतीजतन, एक अच्छी मानसिक एकाग्रता का अनुभव होता है। और अगर इतना काफी न हो, तो नई कोशिकाएं बनने लगेंगी, जिससे आपकी याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार होगा।

2. न्यूरोडिजेनरेटिव बीमारियों से बचाव

ऊपर बताये गये फायदों से हट कर, आपके दिमाग को भी सुधरे हुये ब्लड फ्लो की आदत लगने लगती है। समय के साथ, इसमें कुछ खास जीन को बंद या चालू करने की क्षमता विकसित हो जाती है।

नए न्यूरॉन्स बहुत बड़ी संख्या में मेमोरी को उत्तेजित करते हैं और अल्जाइमर या पार्किन्सन जैसे न्यूरो डिजेनरेटिव बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं।

असल में, अगर वे रोजाना सक्रिय होती रहें, तो ये बुढ़ापे और स्ट्रोक से जुड़ी परेशानियों को रोक सकती हैं।

3. एक्सरसाइज एंग्जायटी से बचाव करती है

एक्सरसाइज: एंग्जायटी को रोकता है (Prevents anxiety)

व्यायाम शरीर के अन्दर बहुत बड़ी संख्या में मांसपेशियों को सक्रिय कर देता है। एंग्जायटी का सामना कर रहे लोगों के लिए यह एक बेहतरीन इलाज हैं।

यह सेरोटोनिन (serotonin) और डोपामाइन (dopamine) जैसे हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाता है। ये हार्मोन आपके मानसिक स्वास्थ्य पर अपने आरामदायक प्रभाव के लिए जाने जाते हैं।

4. डिप्रेशन का मुकाबला

तेज और कम तीव्रता वाली एक्सरसाइज का कॉम्बिनेशन तंदुरुस्ती से जुड़े कई तरह के न्यूरोट्रांसमीटरों का उत्पादन शुरू कर देता है।

जो बताता है कि क्यों बड़ी तादाद में थेरेपिस्ट डिप्रेशन के इलाज के सप्लीमेंट के रूप में रोजाना एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं।

इन सबसे पता चलता है, व्यायाम एंडोर्फिन और सेरोटोनिन लेवल को बढ़ाता है, जिसे आम-तौर पर “हैप्पी हार्मोन” के नाम से जाना जाता है।

इनका मानसिक समस्याओं पर उनका इतना अच्छा असर होता है कि कई लोग यह कहने में नहीं हिचकिचाते, यह परंपरागत एंटी-डिप्रेसेंट से ज्यादा बेहतर है।

5. काम की थकान दूर करती है

एक्सरसाइज काम की थकान को कम करती है

काम में थकान तब लगती है जब उचित मात्रा में ऑक्सीजन दिमाग तक नहीं पहुँच पाता है। इससे दिमाग को अपने फंक्शन को सक्रिय रखने के लिए खुद पर दबाव डालना पड़ता है।

क्योंकि फिजिकल एक्सरसाइज से ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन फ्लो बढ़ता है, इसलिए लगातार एक्सरसाइज करने से रोजाना की थकान और कमजोरी दूर हो जाती है।

6. यौन इच्छा में बढ़ोत्तरी

महिलाएं जो लिबिडो की कमी महसूस करती हैं, योग का अभ्यास करके, कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करके अद्भुत फायदे पा सकती हैं।

यह यौन इच्छाओं में सुधार करता है, अन्तरंग संबंधों के दौरान आत्मविश्वास बढ़ाता है, तथा ब्लड फ्लो को शानदार बनाता है।

साथ ही साथ यह पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह खासतौर पर इरेक्टाइल फंक्शन में सुधार करता है।

7. आत्म-विश्वास में सुधार

एक्सरसाइज आत्म-सम्मान में सुधार करती है

न्यूरोट्रांसमीटर के साथ-साथ, जो किसी की भावनात्मक स्थिति को फायदा पहुंचाता है, रोजाना की शारीरिक गतिविधियां दिमाग के उस हिस्से को भी मजबूत और सक्रिय करती हैं जिसे फ्रंटोस्ट्रियल सर्किट (frontostriatal circuit) के रूप में जाना जाता है। यह जितना मजबूत होता है, आत्म-विश्वास उतना ही बढ़ता है।

8. स्ट्रेस दूर करती है (Eliminates stress)

जो लोग अपने काम की समस्याओं या निजी समस्याओं के चलते स्ट्रेस महसूस करते हैं, वे दिन में 30 मिनट की एक्सरसाइज करके आराम महसूस कर सकते हैं।

यह थेरप्यूटिक एक्टिविटी शारीरिक क्षमताओं में सुधार करती है जो दिमाग में नोरेपाइनेफ्राइन (norepinephrine) को बढ़ाकर स्ट्रेस का मुकाबला करती है

इसे कोर्टिसोल लेवल (cortisol level) को कम करते हुये भी देखा गया है। यह वह हार्मोन है इस भावनात्मक समस्या के लिए जिम्मेदार होता है।

9. एक्सरसाइज दिमाग को जवां रखती है

दिमाग को जवां एक्सरसाइज

फिजिकल एक्सरसाइज जीन और दूसरे ग्रोथ फैक्टर्स को खोल देती है जो दिमाग को रीसायकल करने और फिर से जवां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ये तत्व ज्यादा न्यूरॉन और मसल सेल्स बनाने के लिए ब्रेन स्टेम और सैटेलाइट मस्कुलर सेल्स को सिग्नल भेजते हैं।

यह दिमाग, न्यूरोट्रांसमीटर और मसल फाइबर को प्राकृतिक तरीके से जवां रहने का एक बेहतरीन मौका देता है।

आप देख सकते हैं, इस आदत को अपनाना केवल कैलोरी जलाने और शारीरिक सुन्दरता में सुधार करने से कहीं ज्यादा फायदेमंद है।

लगातार एक्सरसाइज कई दिमागी कार्यों को नियंत्रित करती है और आपको बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का मजा लेने में मदद करती है।

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