स्लिम बाजू पाने के लिए लाइफस्टाइल में छोटे-मोटे बदलाव लाएं

जुलाई 23, 2018
स्लिम-ट्रिम बाज़ुएँ पाना एक कमाल की बात होती है क्योंकि इसके लिए आपको अपने पूरे शरीर की कसरत करनी पड़ती है। इससे आपकी डील-डौल बेशक बेहतर हो जाती है।

हद से ज़्यादा मोटे या लटकते बाजुओं के बारे में सोचकर चिंतित होना कोई नयी बात नहीं है। स्लिम बाजू पाने और उन्हें हमेशा के लिए वैसा बनाए रखने के लिए ये एक्सरसाइज कर सकते हैं।

शरीर की पूरी चरबी तो कम हो जाती है, लेकिन ऐसा शरीर के किसी ख़ास अंग में नहीं होता। पूरे शरीर की चरबी को घटाना ही स्लिम बाजू पाने का इकलौता रास्ता है।

बेहद ज़रूरी: टोनिंग

इन कसरतों से शरीर टोंड और मज़बूत हो जाता है। इसके अलावा, इन व्यायामों से हमारे शरीर की चरबी मसल मास (मांसपेशियों की मात्रा) में बदल जाती है। शरीर की टोनिंग करने का मतलब नया मसल मास हासिल करना नहीं होता। वह तो एक ऐसी अवस्था होती है, जिसमें सुप्त मांसपेशियों की बेस टोन उनकी आम टोन से अलग हो जाती है।

एक टोंड शरीर मज़बूत रहता है। मांसपेशियां निष्क्रिय रूप से लगातार कुछ सिकुड़ी रह पाती हैं। अगर आप अपनी मांसपेशियों को टोन करने में सफल रहें तो आप अपने शरीर के फैट के साथ-साथ उसकी मात्रा को भी कम कर सकते हैं।

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धीरे-धीरे चरबी घटाना

स्लिम बाज़ुएँ पाने के लिए धीरे-धीरे फैट को कम करें

हमारा लक्ष्य अपने शरीर की चरबी को धीरे-धीरे घटाना होना चाहिए। बॉडी फैट को जल्दी-जल्दी घटाने से अक्सर हमारे बाजू ढीले रह जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि हमारे वज़न में आई गिरावट के एक बहुत बड़े हिस्से का कारण पानी और मसल मास होता है।

वसा को घटाने या जलाने में निरंतर मेहनत लगती है। स्लिम बाजू पाने के लिए हमें अपने शरीर को स्थायी रूप से संतुलित बनाए रखने वाले अनुशासन की ज़रूरत होती है।

उचित आहार

अच्छा खान-पान बॉडी फैट को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। उचित आहार के साथ-साथ हमें शरीर को टोन करने वाली कसरतें भी रोज़ाना करनी चाहिए। अच्छे खान-पान से आप भूखे रहने से तो बचेंगे ही, वज़न कम करने की निरंतर चिंता से भी मुक्त हो जाएंगे।

बाज़ुओं वाली कसरतों के साथ आपको अपने पूरे शरीर पर असर डालने वाली एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए। अपने पूरे शरीर को टोन कर देने से आपका मसल-मास हल्का-सा बढ़ जाएगा, जिससे आपका मेटाबोलिज्म तेज़ हो जाएगा।

वसा के विपरीत, मांसपेशियों को ऊर्जा की ज़रूरत होती है। वसा दरअसल ऊर्जा की एक रिज़र्व ही होती है।

बाज़ुओं वाली कसरतों के साथ-साथ आपको कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए। इकट्ठे किए जाने पर ये कैलोरी खर्च करने और कई स्वास्थ्य-लाभ पाने में अधिक कारगर हो जाते हैं।

हमें कितनी देर तक कसरत करनी चाहिए?

स्लिम बाज़ुएँ पाने के लिए हमें कितनी देर एक्सरसाइज़ करनी चाहिए

एक्सरसाइज को कारगर बनाने व कैलोरी को ठीक तरह से जलाने के लिए हमें कम से कम 20 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए। 20 मिनट के बाद हमारे शरीर का फैट ख़त्म हो जाता है और इसका सीधा-सीधा असर पड़ता है। इन कसरतों का हाई-इम्पैक्ट होना कोई ज़रूरी नहीं है।

स्लिम बाजू पाने के लिए कसरतें

बाइसेप्स के लिए

हल्के वज़न (वेट्स) का प्रयोग कर आप कहीं भी कसरत कर सकतें हैं। इन कसरतों को आप अपने घर या दफ्तर में कहीं भी कर सकते हैं। अगर आपके पास वेट्स नहीं हैं तो भी फ़िक्र की कोई बात नहीं है: स्लिम बाजू पाने के लिए 500 मिलीलीटर की दो पानी की बोतलें भी काफी होंगी।

अपनी कोहनियों को जोड़कर वजन (या पानी की बोतलों) को अपने कंधों तक उठाएं। ऐसा 15 बार करें। फिर कुछ सेकंड का ब्रेक लेकर इस सेट को 10 बार दोहराएं।

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कंधों और पूरे बाज़ू के लिए

कंधों के व्यायाम

बाज़ुओं को स्ट्रेच कर उन्हें फर्श के सामानांतर ले आएं। उन्हें पूरी तरह से खींचकर गोल-गोल घुमाएं। इस दौरान  पेट को सिकोड़े रखें। एक मिनट तक उन्हें एक दिशा में घुमाएं। उसके बाद एक मिनट तक उन्हें दूसरी दिशा में घुमाएं।

छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहना बहुत ज़रूरी होता है। इस कसरत का मकसद आपके शरीर को एक नित्यक्रम का अभ्यस्त बनाना होता है, उसे थकाना नहीं।

ट्राइसेप्स के लिए

अपने ट्राइसेप्स को थोड़ा-सा विकसित करने के लिए इस सरल-सी कसरत को आजमाएं: बाज़ुओं को ऊपर उठा लें। कोहनियाँ आपके सिर के स्तर से ऊपर होनी चाहिए। फिर अपने दोनों हाथों से 1.5 लीटर की पानी की बोतल को उठा लें। अब बाज़ुओं को अपने पीछे की ओर झुका लें। 15 बार ऐसा करने के बाद थोड़ा आराम करें।

आपको ये सभी व्यायाम नियमित रूप से करने चाहिए। धीरज बहुत ज़रूरी है और वक़्त बीतने के साथ-साथ नतीजे आपकी आँखों के सामने होंगे।

बाज़ुओं को स्लिम बनाना बहुत ही कमाल की बात होती है क्योंकि इससे आपके पूरे शरीर की कसरत हो जाती है। इससे न सिर्फ़ आपकी आर्म्स स्लिम-ट्रिम हो जाएँगी, बल्कि आपका पूरा शरीर ही बेहतर हो जाएगा।

कम खाना, सलाद-युक्त आहार का सेवन करना, सैर के लिए जाना और हल्की-फुल्की कसरत करना बहुत ही आवश्यक होता है। इन सभी चीज़ों के अलावा आपको अपने बाज़ुओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने वाले काम भी करते रहने चाहिए।

अत्यधिक डाइटिंग या कसरत कर लेना नासमझी ही होगी। अपने शरीर के साथ ज़्यादती करने से आपको चोट लग सकती है और बहुत ही सख्त डाइटिंग आसानी से टूट सकती है। सबसे अच्छा तरीका इन दोनों के बिलकुल सही कॉम्बिनेशन को ढूंढ़ निकालना होता है।