गैस्ट्रिक अल्सर कैसे रोकें

23 नवम्बर, 2020
गैस्ट्रिक अल्सर को रोकने के लिए, आपको अपनी आदतों को बदलना होगा और स्वस्थ जीवन शैली अपनानी होगी। उन्हें जानने के लिए पढ़ें!

गैस्ट्रोड्युडेनल अल्सर (Gastroduodenal ulcer) बहुत आम हैं। दरअसल रोगियों में इसके बार-बार उभरने की ज्यादा प्रवृत्ति देखी जाती है। इसलिए गैस्ट्रिक अल्सर को रोकना महत्वपूर्ण है।

इससे पीड़ित रोगियों में कुछ लोगों में रक्तस्राव और वेध जैसी जटिलतायें दिख सकती हैं जो जीवन के लिए घातक हो सकती हैं। यह कोई मामूली समस्या नहीं है।

गैस्ट्रिक अल्सर क्या है?

गैस्ट्रिक अल्सर पेट या ड्यूओडेनम (पेट के बाद आने वाली छोटी आंत का हिस्सा)की अंदरूनी दीवार में होने वाले घाव होते हैं। उन्हें अक्सर पेप्टिक अल्सर भी कहा जाता है।

वे गैस्ट्रिक जूस की एसिड एक्टिविटी के कारण बनते हैं। रोग दो अहम फैक्टर से जुड़ा हुआ है: हेलिकोबैक्टर पाइलोरी का संक्रमण और नॉन-स्टेरायडल एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाओं (NSAID) का उपयोग।

गैस्ट्रिक अल्सर से पीड़ित ज्यादातर लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखता या महज वे अपच (dyspepsia) का शिकार होते हैं:

  • पेट के गड्ढे में दर्द
  • जलन या हार्टबर्न
  • डकार (belching) और पेट फूलने के साथ फ़ूड इनटॉलेरेंस
  • मतली और उल्टी

गैस्ट्रिक अल्सर से जुडी जटिलताओं में ब्लीडिंग, वेध और रुकावट शामिल हैं। एच. पाइलोरी की पहचान और इलाज से पिछले दशकों में इस बीमारी में कमी आई है।


हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया गैस्ट्रिक और ड्युडेनल अल्सर उभरने का एक निर्धारक फैक्टर है।

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फैक्टर जो गैस्ट्रिक अल्सर की ज्यादा संभावना पैदा करते हैं?

इसके निर्धारक फैक्टर में से एक हेलिकोबैक्टर पाइलोरी का गैस्ट्रिक इन्फेक्शन है। 85% से 100% गैस्ट्रोड्युडेनल अल्सर वाले रोगियों में उनके पेट और ड्युडेनम में इस बैक्टीरिया के लिए की जाने वाली जांच पॉजिटिव पायी जाती है।

इसी तरह नॉन-स्टेरायडल एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाओं जैसे एस्पिरिन (aspirin), आईबुप्रोफेन (ibuprofen), इंडोमेथासिन (indomethacin), डाइक्लोफेनाक (diclofenac), पीरोक्सिकैम (piroxicam) और नेप्रोक्सन (naproxen) के साथ-साथ दूसरी दवायें और सिगरेट और शराब का सेवन एक रिस्क फैक्टर है। इनका सेवन जारी रखने से रिस्क लगातार बढ़ता जाता है।

इसके अलावा, एक्सपर्ट को मालूम है कि अल्सर की एक फैमिली हिस्ट्री भी होती है। हालांकि बीमारी को ख़त्म करने के लिए इस प्रवृत्ति को अन्हेल्दी आदतों के साथ जोड़कर ही देखा जाना चाहिए। उदाहरण के लिए कुछ खाद्य पदार्थों और ड्रिंक का सेवन जो पेट के समस्कायाओं का कारण बन सकते हैं। प्रचुर मात्रा में फल, सब्जियां और फाइबर सहित हेल्दी डाइट खाने से इससे पीड़ित होने का रिस्क घट जाता है।

इसके अलावा अल्सर के गठन में स्ट्रेस या तनाव की भूमिका कुछ विवादास्पद है। कुछ सबूत मौजूद हैं कि यह उनके विकास में योगदान दे सकता है, और साथ ही इनके आंशिक रूप से भरने और बार-बार उभरने की प्रवृत्ति में इजाफा कर सकता है।

गैस्ट्रिक अल्सर को कैसे रोकें

हमने कुछ सिफारिशें यहाँ की हैं, जिनको गैस्ट्रिक अल्सर को रोकने के लिए आप अपना सकते हैं। इन टिप्स को स्वस्थ प्रमाण और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित मेडिकल ट्रीटमेंट के विकल्पों के संदर्भ में तैयार किया गया है:

  • जहां तक संभव हो एस्पिरिन के उपयोग से बचें। विशेष रूप से डॉक्टर को गैस्ट्रिक अल्सर का इतिहास वाले रोगियों को इसे देने में सावधानी बरतनी चाहिए। इसी तरह उन्हें इसकी सबसे कम डोज का विकल्प ही चुनना चाहिए, और रोगियों को हमेशा उन्हें खाने के साथ लेना चाहिए। यदि आपको एनाल्जेसिक की जरूरत है, तो हमेशा एसिटामिनोफेन (acetaminophen) का विकल्प चुनना चाहिए।
  • अल्सर की हिस्ट्री वाले रोगियों में जिन्हें एस्पिरिन या किसी अन्य दूसरे एनएसएआईडी का इलाज जारी रखना होता है, डॉक्टर लंबे समय तक उन्हें इस दवा के साथ प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर (उदाहरण के लिए omeprazole) भी लेने की सलाह देते हैं।
  • एंटीबायोटिक दवाओं से एच. पाइलोरी इन्फेक्शन का खात्मा। कई एंटीबायोटिक दवाओं टेस्ट किया गया है और उनमें से कई बैक्टीरिया को मारने में नाकाम रहे हैं। चुने हुए इलाज को इस बैक्टीरिया के रेजिस्टेंस पैटर्न पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर 14 दिनों के लिए क्लियरिथ्रोमाइसिन (clarithromycin) और एमोक्सिसिलिन (and amoxicillin) के संयोजन का विकल्प चुनते हैं।
  • सिगरेट से बचें और शराब का सेवन सीमित करें।
  • खानपान बदलें। आपको चॉकलेट, फैट वाले फ़ूड, तले हुए खाद्य, कॉफी, खट्टे फल और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। हालांकि डॉक्टर को पता होता है कि वे सीधे गैस्ट्रिक अल्सर का कारण नहीं हैं, लेकिन वे इस स्थिति को बिगाड़ जरूर सकते हैं। इस प्रकार वे हमेशा इन्हें कमतर खाने का सुझाव देते हैं।
स्ट्रिक अल्सर

डिसपेप्सिया या अपच अपर डाइजेस्टीव ट्रैक्ट से जुड़ा लक्षण है जो अल्सर का संकेत भी हो सकती है।

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बार-बार उभरने से बचाव के लिए रोकथाम के उपाय महत्वपूर्ण हैं

जिन रोगियों को गैस्ट्रिक अल्सर होता है, वे इस लेख में सुझाए गए ज्यादातर रोकथाम के उपायों से लाभान्वित होंगे। इन सबसे ऊपर उन्हें मुख्य रूप से एनएसएआईडी और स्मोकिंग से बचना चाहिए।

इसके अलावा, कई मौकों पर डॉक्टर एच. पाइलोरी के खात्मे का मूल्यांकन करेगा। यह रोगी खुद बी खुद नहीं कर सकता है। दरअसल डॉक्टर को बैक्टीरिया के अस्तित्व को समाप्त करने के लिए कोम्प्लिमेंटरी उपायों अपनाना चाहिए, साथ ही इसके एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस पर भी ध्यान देना चाहिए। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद वे आवश्यक प्रोटोकॉल अपनाएंगे।

हालांकि स्वस्थ आदतें, तनाव में कमी, और आहार संबंधी फैक्टर इसके वे लक्षणों में सुधार कर सकते हैं या अपच के बिगड़ने को रोक सकते हैं। संक्षेप में, गैस्ट्रिक अल्सर को रोकने के लिए कोई जादुई तरीक़ा उपलब्ध नहीं है। दरअसल इसके लिए रोगी में प्रतिबद्धता और दृढ़ता चाहिए और लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए।

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