स्ट्रेस हेडेक : लक्षण और टिप्स

13 जुलाई, 2020
स्ट्रेस एक नेचुरल प्रक्रिया है। यह शरीर के अपने वातावरण में ढालने की प्रक्रिया में एक ज़रूरी प्रतिक्रिया है। हालांकि अगर स्ट्रेस-हेडेक या तनाव भरा सिरदर्द बहुत तेज हो और बहुत लंबे समय तक रहे तो आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह है।

तनाव आज सबसे आम साइकोसोमैटिक रोगों में से एक है। मसल टेंशन और पीठ दर्द इसके सबसे कष्टप्रद लक्षणों में से हैं। स्ट्रेस हेडेक अत्यधिक चिंता, मानसिक थकावट और भावनात्मक स्ट्रेस के इकठ्ठा होने का परिणाम होता है। हालांकि स्ट्रेस-हेडेक एक आम और कष्टप्रद लक्षण है।

दक्षिण कोरिया के बुकेन यूनिवर्सिटी और अस्पताल में की गयी स्टडी के अनुसार स्ट्रेस या तनाव माइग्रेन के सबसे आम ट्रिगर में से एक है।

यह सच है कि कुछ लोग हलकी तीव्रता वाले सिरदर्द का अनुभव करते हैं जो रिलैक्स होते ही गायब हो जाता है। हालाँकि दूसरे लोगों के लिए इस तरह की असुविधा से बचना इतना आसान नहीं है।

इसके लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग-अलग होते हैं। कई बार सिरदर्द अनिद्रा, थकान या माइग्रेन से जुड़ा हो सकता है। हालांकि दर्द जितानी बार होता है, इसके आधार पर लोग अलग-अलह उपाय अपना सकते हैं। इस संबंध में अचानक होने वाले सिरदर्द का इलाज उसी तरह नहीं होगा जैसा कि कई दिनों तक रहने वाले क्रोनिक स्ट्रेस वाले सिरदर्द के मामले में होगा।

स्ट्रेस हेडेक अन्य लक्षणों के साथ भी हो सकते हैं जैसे कि सीने में जकड़न, धुंधली दृष्टि या मोबाइल ब्लैक स्पॉट्स, पसीना, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन आदि।

सिरदर्द का कारण एलर्जी से होने वाले साइनसाइटिस जैसे शारीरिक कारणों से लेकर चिंता जैसे मानसिक कारण भी हो सकते हैं। सिरदर्द के सबसे आम मानसिक कारणों में स्ट्रेस सबसे आम है।

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स्ट्रेस हेडेक का कारण क्या होता है?

स्ट्रेस हेडेक का कारण क्या होता है?

ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय के एक अध्ययन से पता चला है कि 30 में से 1 व्यक्ति को नियमित रूप से सिरदर्द होता है। वर्तमान में इस स्थिति के मद्देनजर वैज्ञानिक इन परिस्थितियों का बेहतर मैनेजमेंट करने के लिए ज्यादा प्रोग्राम डेवलेप कर रहे हैं।

इस प्रकार, सिरदर्द के साथ जीने का एक तरीका यह जानना है कि इसके कारण क्या हैं। आइए देखते हैं कि इसके कुछ ट्रिगर क्या हैं।

जैसा कि हमने ऊपर कहा, स्ट्रेस हेडेक सबसे आम हैं:

  • रोजमर्रा की चिंताएं तनाव के कारणों में से एक हैं। लेकिन किसी चीज के बारे में सोचने और किसी चीज को लेकर चिंतित होने में बहुत अंतर होता है।
  • यह चिंता अनिश्चित भविष्य की स्थिति के अंदाजे से ज्यादा कुछ नहीं है। यह एक लंबे प्रश्न की तरह है जिसका कोई अंत नहीं है।
  • जब आप सोचते हैं, तो आप अपनी समस्या का समाधान खोजते हैं। हालांकि, जब आप किसी चीज के बारे में चिंता कर रहे होते हैं, तो आप खुद को लकवाग्रस्त कर लेते हैं। यह आपके दिमाग को थका देता है और सिरदर्द का कारण बनता है।

मनोवैज्ञानिक के दृष्टिकोण से, इस दर्द का विश्लेषण करना बहुत दिलचस्प है। तनाव हमारी ब्रेन केमेस्ट्री में बदलाव लाता है और हमारी मांसपेशियों, कशेरुकाओं और स्कल की नसों के संतुलन को बदल देता है।

जब तनाव हल्का या अस्थायी होता है, तो यह हमें नुकसान नहीं पहुंचाता। हालाँकि, जब इसे कुछ लंबे समय तक रखा जाता है, तो शरीर अलर्ट की स्थिति में रहता है, जिसके कारण फ्रांस में सेंटर हॉस्पिटलियर रूफैच के एक अध्ययन के अनुसार शरीर की सुरक्षा कमजोर हो जाती है।

  • स्ट्रेस हेडेक गर्दन और खोपड़ी की मांसपेशियों के सिकुड़ने का नतीजा है।

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तनाव से होने वाले सिरदर्द के लक्षण

  • कम तीव्र, निरंतर, कष्टप्रद सिरदर्द। यह कभी-कभार हो सकता है या नियमित रूप से भी।
  • कनपटी, स्कल और गर्दन के पीछे के आसपास ज्यादा तेज दर्द
  • थकान
  • सोने में कठिनाई
  • मांसपेशियों में दर्द (कंधे और ऊपरी पीठ)
  • जलवायु, शोर और लाइटिंग में बदलाव को लेकर संवेदनशीलता

जब दर्द हल्का हो तो आप इसका इलाज घरेलू नुस्ख़े से कर सकते हैं। हालांकि, यदि दर्द तेज और लगातार हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

सिरदर्द की फ्रीक्वेंसी कम करने के लिए स्टेप


यदि आप स्ट्रेस हेडेक के कारण मांसपेशियों में तनाव या दांतों को पीसने जैसे दूसरे लक्षण देखें तो आप एक तेज दर्द से पीड़ित हो सकते हैं जो आपके जीवन की गुणवत्ता पर असर डालेगा।

इस वजह से आपको उन स्थितियों पर नियंत्रण रखना चाहिए जो आपके डेली लाइफ में आपके मूड को नेगेटिव रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उदाहरण के लिए:

  • सबसे पहले संगीत सुनने, पढ़ने, काम करने, डांस करने या अपने पेट्स के साथ खेलने जैसी सुखद एक्टिविटी का मजा लें।
  • ब्रीदिंग, डीप थिंकिंग, योग और मेडिटेशन जैसी टेकनीक का उपयोग करके एक रिलैक्सेशन एक्सरसाइज के लिए कुछ समय निकालें।
  • ज़िन्दगी को आसान बनाएं: उन एक्टिविटी को चुनें जिन्हें आपको करना है और कुशलता से टाइम-मैनेजमेंट करना है।
  • हेल्प लें। परिवार और दोस्तों के साथ बात करने से आपको समस्या को सुलझाने और अपने तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • नेगेटिव सोच से छुटकारा पाएं। इनकी वजह से आप तनावपूर्ण वातावरण का सामना कर सकते हैं।
  • बार्सिलोना यूनिवर्सिटी के इस अध्ययन के अनुसार, अच्छा मूड तनाव का सामना करना आसान बना देता है। क्योंकि इस स्थिति में आप एंडॉर्फिन रिलीज करते हैं जो आपके समग्र पॉजिटिव नजरिये में योगदान करते हैं।
  • तनाव को रोकने और उससे बचने के लिए नियमित रूप से प्रयास करें।
  • किसी ऐसे पेशेवर से मालिश करवाएं जिसमें आप सहज हों।
  • यदि आपका सिरदर्द ठंड के कारण हो तो अपने आपको वार्म रखें।
  • अपनी स्लीपिंग पोजीशन बदलें। साथ ही, जब आप पढ़ रहे हों, काम कर रहे हों या एक्सरसाइज कर रहे हों तो बेहतर पोस्चर अपनाएँ।
  • अंत में, अपनी गर्दन और कंधों की अक्सर एक्सरसाइज करें।

स्ट्रेस हेडेक वह दर्द है जिससे आबादी के एक बड़े हिस्से को निपटना चाहिए। आइए इसे बेहतर जीवन के लिए मैनेज करना सीखें।