पेक्टिन: फायदे और गुण

मार्च 15, 2020
पेक्टिन एक वेजिटेबल फाइबर है जिसमें सेहत से जुड़े कई फायदे हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे, इसे खाना क्यों जरूरी है और यह किन खाद्यों में होता है।

पेक्टिन फलों में मौजूद वेजिटेबल फाइबर है, जो पानी के साथ मिलाकर आम तौर पर जेल बन जाता है। यह शुगर या एसिड में मिलकर गाढ़ा करने वाले एजेंट का काम करता है। फलों में मौजूद पेक्टिन की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि वे कितने पके हैं। फल जितना ज्यादा पका होगा उसमें उतना कम पेक्टिन होता है। आम तौर पर श्रीफल, सेब और खट्टे फलों में पेक्टिन सबसे ज्यादा होता है।

पेक्टिन का इस्तेमाल मुख्य रूप से फ़ूड इंडस्ट्री में जैम बनाने के लिाए किया जाता है। पेक्टिन डालने से जैम और जेली को गाढ़ा करने के लिए ज़रूरी चीनी की मात्रा कम हो जाती है। बदले में इससे कुकिंग टाइम घट जाता है। यह पदार्थ उन्हें प्रति पाउंड फल से ज्यादा जैम बनाने में मदद करता है।

पेक्टिन के गुण

पेक्टिन में कई गुण हैं जिनका यहाँ जिक्र किया जा सकता हैं:

  • यह पदार्थ आपके लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित कर सकता है क्योंकि यह आंतों में लिवर से निकले जूस को सोखने में मदद करता है। यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल घटाने में योगदान देता है।
  • यह आंतों की समस्याओं में सुधार लाता है। पानी में मिलाए जाने पर यह बोलस (bolus) की मात्रा बढ़ा देता है और इस तरह दस्त या कब्ज में सुधार लाता है।
  • यह वस्तुतः एक कैलोरी फ्री पदार्थ है। यह बिना एनर्जी बढ़ाए फ़ूड कन्टेंट को बढ़ाता है। इसलिए यह पेट भरे होने की भावना पैदा करने में मदद कर सकता है (कैलोरी के बिना!)। यह डाइट घटाने में मदद करता है क्योंकि यह खाने की ज़रूरत को कम करता है।
  • यह आंत में शुगर और फैट को एब्जोर्ब करता है और उनके अवशोषण को रोकता है। यह विशेषता पिछली खासियत के साथ मिलकर वजन घटाने में योगदान करती है।
  • यह बाइल एसिड का स्राव बढ़ाता है। इसलिए यह हाइपरटेंशन को नियंत्रित करता है।
पेक्टिन फाइबर खाने का महत्व

सेब, साथ ही खट्टे फल और श्रीफल पेक्टिन के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

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पेक्टिन फाइबर खाने का महत्व

डब्ल्यूएचओ रेगुलर घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर खाने की सिफारिश करता है। यह दिखाया गया है कि इसे नियमित खाने से इंटेसटिनल माइक्रोबायोटा की संरचना में सुधार लाता है। इसके अलावा यह गैस्ट्रोइंटेसटिनल कैंसर से जुड़े कई तरह के कैंसर के खिलाफ एक सुरक्षात्मक फैक्टर है और आंतों की गड़बड़ी के लक्षणों में सुधार लाता है।

इसके अलावा फाइबर का सेवन डायबिटीज वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ग्लूकोज कर्व को रेगुलेट करने में मदद करता है और रोग के मैनेजमेंट को सुविधाजनक बनाता है।

इसके अलावा हाल के सालों में विशेषज्ञों ने सेहत पर हेल्दी माइक्रोबायोटा के महत्व की खोज की है। ये कोलोनिक बैक्टीरिया अंगों के सही कामकाज से जुड़े हैं। कुल मिलाकर हेल्दी माइक्रोबायोटा होने से डिप्रेशन की संभावना कम हो सकती है, एथलेटिक परफॉरमेंस में सुधार आ सकता है और जटिल और पुरानी बीमारियों को रोका जा सकता है। इन जीवाणुओं को सही स्थिति में रखने के लिए पेक्टिन, प्रोबायोटिक्स (जैसे योगर्ट) और प्रीबायोटिक्स रेगुलर खाना ज़रूरी होता है। इनमें से आख़िरी नॉन- डाइजेस्टेबल पदार्थ हैं जो चुनिन्दा बैक्टीरिया की ग्रोथ को बढ़ावा देता है। इसके अलावा वे आमतौर पर फाइबर में मौजूद होते हैं।

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कुछ सप्लीमेंट में पेक्टिन हो सकता है। हालांकि इसे फलों और सब्जियों जैसे फ्रेश फ्रूट से हासिल करना सबसे अच्छा है।

फ़ूड इंडस्ट्री की समस्या

हाल के वर्षों में प्रोसेस्ड फ़ूड की खपत बढ़ी है। इनमें हाई शुगर और कम फाइबर कंटेंट होता है। आहार में फाइबर का सेवन घटाने से बोवेल फंशन घटता है और बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

इस स्थिति के नतीजों को कम करने का एक तरीका ज्यादा फल खाना है। फलों में मौजूद पेक्टिन बोलस की मात्रा बढ़ाता है, आंतों की अंदरूनी दीवार को साफ करता है और आंत में शॉर्ट-चेन फैटी एसिड के सिंथेसिस को आसान बनाता है। इन फैटी एसिड में एंटी-इन्फ्लेमेतरी भूमिका होती है और यह आंतों के सही कामकाज को सुनिश्चित करता है।

निष्कर्ष

पेक्टिन एक फाइबर है जो मुख्य रूप से खाद्य उद्योग में एक थिकेनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

यह नेचुरल रूप से फलों में मौजूद होता है और इसे रेगुलर खाने से आंतों की सेहत में सुधार करने और दस्त और कब्ज जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, यह डायबिटीज के रोगियों में हाइपरटेंशन और ग्लूकोज कर्व में सुधार कर सकता है। प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स के नियमित सेवन के साथ पेक्टिन के उपयोग को शामिल करना दिलचस्प है। इस तरह स्पष्ट एंटीइन्फ्लेमेटरी रोल वाले सेलेक्टिव बैक्टीरियल ग्रोथ और आंत में शॉर्ट-चेन फैटी एसिड को बनने को बढ़ावा मिलता है

पेक्टिन की खपत बढ़ाने के लिए सबसे अच्छे सुझावों में से एक है प्रोसेस्ड फ़ूड के मुकाबले फ्रेश फ़ूड को प्राथमिकता देना है। खट्टे फल और सेब लगातार खाना इसका सबसे अच्छा तरीका है!

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