अधेड़ावस्था में प्रेम: जब दोनों व्यक्ति समझदार हैं

25 अक्टूबर, 2018
प्रेम की कोई सीमा नहीं। यह कहीं भी, कभी भी, किसी भी उम्र में हो सकता है। अधेड़ावस्था में प्रेम की खोज के फायदों के बारे में जानिये।

अधेड़ावस्था में प्रेम पहली नजर में किसी भी दूसरे प्रेम की तरह लग सकता है। लेकिन जो इसे महसूस करते हैं उनके लिए किसी ऐसे व्यक्ति का साथ पाना जो दिमाग और दिल दोनों से उनके अनुकूल है, उनके जीवन की बड़ी उपलब्धि हो सकती है।

ज्यादा परिपक्व उम्र में या अधेड़ावस्था में प्रेम की सबसे अजीब बात यह है कि यह अनपेक्षित रूप से आता है। कई भावनात्मक असफलताओं से होकर गुज़रना और ऐसे बिंदु पर पहुँचना भी लोगों के लिए असामान्य नहीं है, जहाँ वे भविष्य की तकलीफ़ों से बचने के लिए अपने दिल पर पहरा लगा देते हैं।

कई बार आपको किसी चीज की अपेक्षा नहीं हो, और वह अचानक हाजिर हो जाती है। जब आप बेकार सी लगने वाली किसी बातचीत के बीच होते हैं और तभी धीरे से आपकी दुनिया में भूचाल आ जाता है। आपके सामने एक नया ब्रह्मांड खुल जाता है।

आइये, हम आपको परिपक्व प्रेम की दुनिया में गहराई से झांकने का निमंत्रण देते हैं।

अधेड़ावस्था के प्रेमी : सबसे शांत, सबसे समझदार

शुरू में ही एक अहम बात स्पष्ट कर देते हैं। अधेड़ावस्था तक आते-आते आप अपने जीवन के कई दशकों का अनुभव कर चुके होते हैं।

फिर भी आत्मा, मन और हृदय की परिपक्वता उन वर्षों से नहीं आती जिन्हें आपने जिया है। इसे उस समझदारी और मान्यताओं से हासिल किया जाता है जिन्हें आपने समय के साथ संजोया है।

इसी कारण कुछ लोग किशोरों जैसी गैरजिम्मेदारी और अपरिपक्व मानसिकता के साथ ही 50 की उम्र पार कर जाते हैं। वहीं कुछ लोग अपने सारे अनुभवों से सीख कर हासिल किए गए आंतरिक संतुलन के साथ अधेड़ आयु तक पहुँचते हैं जहाँ भविष्य आशावादिता, शांति और दुनिया का अनुभव करते रहने की उत्सुकता से भरा दिखाई देता है।

अधेड़ावस्था में प्रेम के असबाब

दो आत्माएँ जुड़ती हैं, सफ़र के अपने-अपने असबाब के साथ

हम सभी ने जिया है, हम सभी ने अनुभव किया है, हम सभी ने प्रेम किया है, और हम सभी ने खोया है। यही कारण है कि नए संबंध शुरू करते हुए केवल वर्तमान पर ध्यान-केंद्रित करते हुए अतीत में होने वाली हर चीज को भुला देना और अपने पुराने प्रेम को मिटा देना कोई मायने नहीं रखता।

  • मन भूलता नहीं है, यह बदलता और नई यादें गढ़ता है।
  • इसलिए अधेड़ावस्था में प्रेम एक समझदारी भरा और भरा-पूरा संबंध बन सकता है, जिसमें वे जोड़े अतीत की हर चीज को स्वीकार करते हैं। इसने यह समझने में मदद की है कि वे वर्तमान से क्या चाहते हैं और इसके साथ-साथ यह भी कि वे क्या सहन नहीं करना चाहते।
  • इन दो लोगों के उल्लास और इनकी पीड़ाएँ मिल कर एक होंगी। वे समझेंगे कि अच्छे सहभागी होने का अर्थ एक जैसा होना नहीं है,
    बल्कि एक-दूसरे की असमानताओं का सम्मान करना है।
  • अधेड़ावस्था में प्रेम के बीच अच्छा-ख़ासा संतुलन होगा, लेकिन इसे छिपाने के विपरीत दोनों व्यक्ति इस पर पूरे भरोसे के साथ बातचीत कर सकते हैं। यह भरोसा ऐसे दो लोगों के बीच बंटा है जो एक-दूसरे के अतीत को समझते और उसका सम्मान करते हैं।

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वर्तमान का भरपूर मज़ा लेने की परिपक्वता

आपके पास 20 की उम्र वाला यौवन नहीं हो, पर आपको उसकी चाहत भी नहीं है। जिन जोड़ियों ने अधेड़ावस्था में प्रेम की खुशियाँ पाई है वे जानते हैं, यह उनके जीवन का सबसे अच्छा समय है। इसमें अतीत के लिए ख्वाहिश नहीं है और भविष्य की ओर से कोई डर नहीं है।

  • इस समय का आनंद लेने के लिए प्रेम से बेहतर कोई भी रास्ता नहीं है जो आपको रोमांचित करता है और आपके आसपास की जमीन से आपको मजबूती से जोड़ता है। यह उस चीज को पाने जैसा है जिसके आप हमेशा सपने देखते थे। इसलिए आप वर्तमान में रह सकते हैं जिससे आपको अपनी वास्तविकता और आत्मसम्मान को बल मिलेगा।
अधेड़ावस्था में प्रेम अपनी शर्तों पर

आपकी अपनी शर्तों पर प्रेम

जब आप अधेड़ आयु में पहुँचते हैं, तब तक आप जीवन के बहुत से पहलुओं से होकर गुज़र चुके होते हैं। आप शादी-शुदा हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते। आपके बच्चे हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते। आप तलाक-शुदा हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते।

इतने सारे अनुभवों के बाद अब आप जानते हैं, आप क्या चाहते हैं।

यह आपको सुकून की एक अनोखी भावना दे सकती है क्योंकि वक्त गुज़रने के साथ हर व्यक्ति “एक असली व्यक्ति” बन जाता है। यदि आप अपनी अधेड़ आयु में किसी दूसरी तरह रहना चाहें, तब यह एक बढ़ा हुआ मान देता है जिसे आप आप किसी संबंध में ला सकते हैं।

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प्रेम करने की क्षमता में अक्षय यौवन भी रहता है

दिल से जवान होना एक खूबी है जिसके लिए आपको रोज प्रयास करना चाहिए। इसमें कोई भी संदेह नहीं कि यह अपने आप से प्रेम करने से शुरू होता है।

  • यदि आप अधेड़ावस्था में में प्रेम संबंध शुरू करने की दिशा में कदम लेने का निर्णय लेते हैं, तब आपके अंदर का यौवन आपको उत्साह, लालसा, कामना और भावना से भर देगा।
  • प्रेम की कोई उम्र नहीं होती, जाति नहीं होती, कोई रंग नहीं होता। उन दिलों जितनी व्यापक बस कुछ ही चीजें हैं, जो एक रास्ते पर चलने के लिए साथ-साथ रोशन रहते हैं।

यह सच है कि समय गुजरने के साथ-साथ ज्यादातर लोग प्रतिभा और चिंतन से पहचाने जाते हैं, फिर भी हर व्यक्ति उस उम्र विहीन पैशन को अपने भीतर जगाये रख सकता है जिसे प्रेम कहते हैं।

वह अद्भुत स्थान जिसे आप तब पाते हैं जब आप इसकी अपेक्षा नहीं करते।

  • VV.AA. (2016).Los trastornos de ansiedad durante la transición a la menopausia. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S018753371600011X