अपने तरीके से खुश रहें, न कि जैसा दूसरे लोग आपसे कहें

06 अक्टूबर, 2018

जब बात करें खुश रहने की, तो आपको समाज की मांगों या बताये गये नियमों को अपनाने की जरुरत नहीं है। खुश रहने के लिये हर किसी के पास अपना अलग फार्मूला होता है।

कुछ चीजें ऐसी हैं, जो न केवल खुश रहने के लिए ज़रूरी है, बल्कि उतनी ही पेचीदा भी होती हैं। कई लोग खुश रहने के बजाय इसे लेकर परेशान रहते हैं। खुशी और कल्याण उनके जीवन में बराबर रहते हैं।

लेकिन ज्यादातर लोग किताबों में जवाब ढूंढ रहे हैं और यह समझाने की कोशिश कर रहे होते हैं कि उनके आस-पास और उनके दिमाग में क्या चल रहा है। यह उनके दिनों को एक तरह के फीके रंगों से रंग देता है और उनमे परेशानी और स्ट्रेस पैदा कर देता है।

यह आसान नहीं है। आप मानें या न मानें; अन्दर से मिलने वाली उस राहत को महसूस कर पाना बहुत मुश्किल होता है जो कहती है “मैं ठीक हूं, मैं इससे ज्यादा और कुछ नहीं चाहती या चाहिये।”

लेकिन दो महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना जरूरी है:

  • खुश रहने का कोई जादुई मन्त्र नहीं है।
  • दूसरी बात उतनी ही बुनियादी है: अपने तरीके से खुश रहें, सारी चीजें हर किसी के लिए एक ही तरह से काम नहीं करती हैं, और किसी को भी आपको यह कहने का हक़ नहीं है कि आपको कैसे होना चाहिये।

व्यक्तिगत सुख एक बहुत ही अंदरूनी और निजी रास्ता होता है जिसे आपको खुद ही ढूंढना, चुनना और बनाना पड़ता है। ध्यान में रखने के लिए यहां कुछ चीज़ें बतायी गई हैं।

आज को याद रखने की चाभी है, कल खुश रहें

औरत-साथ में काली-बिल्ली

पॉजिटिव साइकोलॉजी हमें उन “बुरी” आदतों की याद दिलाती है जो बहुत से लोगों में होती हैं: पूरे हफ्ते तक शुक्रवार के आने वाले इंतजार करना ताकि आप कुछ मस्ती कर सकें, आराम के लिये छुट्टियों का इंतजार करना और सपने देखना कि कोई परफेक्ट पार्टनर आये और आपको बताये कि सच्चा प्यार क्या होता है।

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अगर आप खुद को इंतजार करने, टालने और अपनी खुशियों को शेड्यूल करने तक सीमित कर देते हैं … तो फिर तब तक ले लिये आपके पास क्या है? यह लोगों की सबसे आम समस्याओं में से एक है।

एक और बात जो अक्सर देखने को मिलती है वो यह कि कई बार, लोग बाहरी चीजों, सिद्धांतों के आधार पर खुशियों को समझने की कोशिश करते हैं जो कि दूसरे लोगों, या यहां तक कि समाज द्वारा बनाई गयी होती हैं। या यहां तक कि आपने भी खुद के लिये बनाये हैं।

  • खुश रहने के लिए ” जरुरी चीजों” का बंधन: एक अच्छी नौकरी, एक घर, नया फोन, ढेर सारे जूते, फर्नीचर, कंप्यूटर …
  • खुश रहने के लिये सिद्धांत यह हैं कि आपके पास एक अच्छा साथी, बच्चे, और बहुत-बहुत सारे दोस्त होने चाहिए …

धीरे-धीरे आप एक तरह के मनोवैज्ञानिक भौतिकवाद में फंसने लगते हैं जो न केवल आपको एक बेचैन “ग्राहक” बना देता है, बल्कि लम्बे समय तक दूसरे लोगों द्वारा बनाई गयी खुशियों को ढूंढते रहने वाला बना देता है।

यह ठीक नहीं है। चलिये इसे समझने के लिये कुछ अलग-अलग पहलुओं को देखते हैं।

आप बताइये? खुश रहने के लिए आप क्या करते हैं?

पॉजिटिव फैसले लेना हर दिन खुश रहने के सबसे कारगर तरीकों में से एक है।

खुश रहने के लिए, आपको ऐसे फैसला लेने चाहिए जो आपको अपने लिये फायदेमंद लगे न कि जो आपके लिये दूसरे लोगों द्वारा निर्धारित किये गये हों।

  • अगर आपके लिए खुशियों का मतलब वीकेंड पर घर में रहना और शांति के साथ पढ़ना है, तो उन लोगों को नजरंदाज कर दीजिये जो कहते हैं कि आप उबाऊ हैं।
  • अगर आपके लिए खुशियों का मतलब, आपसे प्यार करने के लिए किसी और को ढूंढने के बजाय खुद से प्यार करना है, तो उन लोगों की बातें सुनना बंद कर दीजिये जो कहते हैं कि यह अपने लिए अच्छा साथी ढूँढने का वक्त है।
  • अगर आपके लिए खुशी का मतलब उस नौकरी को पाने से है जिसके लिये आप बहुत ज्यादा जुनूनी हैं, तो उन लोगों को मत सुनें जो कहते हैं कि आपको ज्यादा तनख्वाह वाली नौकरी ढूंढनी चाहिये।
कमल-मुद्रा

मैं खुश होने जा रही हूं और मुझे नहीं पता कि मैं वापस कब आऊंगी

“जायें और खुश रहें” यह बहुत आसान है। कभी-कभी आप कुछ जगहों, कुछ रीति-रिवाजों, चीजों और लोगों से इस तरह जुड़ जाते हैं कि वह आपको फंसा कर रख देती हैं। इससे आपको यह समझने में दिक्कत होती है कि कौन-सी चीजें आपके लिये जरुरी हैं।

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आप छोटे-छोटे दायरों में फंस कर रह जाते हैं जहां आप खुद से ये कहते हैं कि यह रूटीन  आजादी से ज्यादा बेहतर है, आप मानने लगे हैं कि दूसरे लोगों की उम्मीदों से बंधे रहना बेहतर है बजाय उन्हें निराश करने के …

  • भले ही आपको इसका एहसास न हो, लेकिन, ये सब आपके लिये आपके सुरक्षा की कभी न ख़त्म होने वाली दीवारें बना रहे हैं जो आपको कैदी के रूप में बदल देती हैं। आप खुद को खुश रखना छोड़ देते हैं क्योंकि आपको लगता है कि दूसरे लोगों द्वारा आपके लिए चुने गये रास्तों पर चलना ही बेहतर है।
  • लेकिन मैं ऐसा कुछ कैसे कर सकती हूं जो मेरा परिवार मुझे नहीं चाहता? अगर मेरे दोस्त नहीं समझेंगे तो मैं प्रतिक्रिया कैसे कर सकती हूं? मैं अपने पार्टनर को कैसे बोल सकती हूं कि मैं अभी खुश नहीं हूं?

अपने आप के प्रति ईमानदार होने का निश्चय करें। आगे बढ़ें और खुश रहें

औरत का चित्र

आज के लिए मेरा प्लान: खुश रहना

हमने शुरुआत में ही कहा था: खुशियों को शुक्रवार आने तक, या छुट्टियां आने तक, या फिर आपके पास बड़ा घर या अच्छा साथी होने तक टाला नहीं जाना चाहिये।

  • जिंदगी इसी पल में है। बेशक हम सब के पास जिम्मेदारियां हैं और हमेशा कोई न कोई ऐसा आदमी जरुर होता है जो आपको कहता है “अगर आप किसी शेड्यूल में बंधे रहते हैं या रोज़ाना काम पर जाते हैं तो आप खुश नहीं रह सकते हैं।”

आपको एक बार फिर इन बातों को ठीक ढंग से समझना चाहिये। ऐसी नौकरी ढूँढिये जो आपको अच्छा महसूस करवाये। ऐसी जिम्मेदारियां लीजिये जो आपको व्यक्तिगत रूप से खुशहाल बनायें। अपने रूटीन को अपने लिए खास और उपयोगी बनाइये

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या करते हैं, अपनी खुद की दिलचस्पी खोजिये। किसी को भी आपको इस्तेमाल करने, अपना काम निकालने या दुखी करने की इजाजत न दें। दिन के आखिर में, हमारे पास केवल एक जिंदगी है … तो क्यों न आप इसका भरपूर फायदा उठायें?

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