आपसे सच्चा प्यार करने वाला इंसान आपको खुश रखेगा

जून 27, 2019

आपसे सच्चा प्यार करने वाला इंसान आपको खुश रखेगा, आपके लिए चाँद-तारे भी तोड़ लाएगा व आपके चेहरे पर एक मुस्कान लाने के लिए हर संभव कोशिश करेगा।

अक्सर लोग इस क्लासिक ग़लतफहमी के शिकार हो जाते हैं कि प्यार का मतलब दर्द होता है व किसी भी रिश्ते को बनाए रखने में रोना-धोना एक आम बात है।

यह सोच प्यार की एक पुरानी और दकियानूसी धारणा पर आधारित है। प्रेम की इस विकृत छवि ने समर्पित और स्वस्थ रिश्तों के खंभों को पीढ़ी दर पीढ़ी नुकसान पहुंचाया है।

आज के अपने इस लेख के ज़रिये हम इस विषय पर सोचने पर आपको मजबूर कर देंगे।

आपसे सच्चा प्यार करने वाला इंसान आपका दिल नहीं दुखाएगा

हो सकता है कि अपने जीवन के किसी न किसी मोड़ पर आपके किसी करीबी व्यक्ति ने आपसे कहा हो, “जो भी है, यही है। चाहो तो इसे ऐसे ही अपना लो या फिर छोड़ दो। रिलेशनशिप में किसी न किसी का दिल तो दुखता ही रहता है। ये नॉर्मल है”

कभी-कभी नॉर्मल, यानी कि आम समझी जाने वाली चीजें हमारे व्यक्तित्व को तहस-नहस कर देने वाला खतरनाक रूप धारण कर लेती हैं। इसलिए इस बात को साफ़-साफ़ समझ लेना बहुत ज़रूरी है कि प्यार का मतलब दर्द हरगिज़ नहीं होता, और किसी रिश्ते में आपको रुलाने वाला आपका साथी या तो आपसे सच्चा प्यार नहीं करता, या फिर उसका प्यार “गलत और विकृत” होता है।

प्यार और दुःख दो अलग-अलग चीज़ें होती हैं

रोमांटिक प्यार या फिर दर्द को गले लगाने वाला प्रेम

दो लोगों में दर्द, जूनून और अपना बनाने की इच्छा जितनी ज़्यादा होगी, उनमें प्रेम भी उतना ही ज़्यादा होता है। इन्हीं क्लासिक विचारों ने रोमांटिक प्यार को एक आदर्श बना दिया है, जिसकी झलक आपको कभी-कभी फिल्मों या किताबों में दिख ही जाती है।

  • आप मानें या न मानें पर युवाओं और किशोरों में यह विचार अभी भी बहुत प्रचलित है। उन्हें लगता है कि उनके साथी को जलन होना या उसके द्वारा उनपर मालिकाना हक़ जताना उनके प्यार की निशानी है। उनकी यह सोच उनके रिश्ते को एक खतरनाक मोड़ पर ले जाती है।
  • रोमांटिक लव की उनकी समझ उनके रिश्ते के शुरूआती व जुनून भरे चरणों तक ही सीमित होती है। वे यह नहीं समझ पाते कि एक शिथिल और साझे प्यार का मतलब उनके रिश्ते के एक ज़्यादा परिपक्व और स्थिर चरण में प्रवेश कर जाना होता है।
  • रोमांटिक प्रेम से जुड़ी एक और ग़लतफहमी यह है कि दर्द उसका एक अनिवार्य हिस्सा होता है। हो सकता है कि आपको लगे कि आपके आंसू लाज़मी हैं और आपको उन्हें स्वीकार व बर्दाश्त कर लेना चाहिए, पर यह बात उचित या उपयुक्त नहीं है।

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आजकल ऐसे लोग बहुत आसानी से दिख जाते हैं, जो या तो अपने आत्मसम्मान को पूरी तरह से तहस-नहस कर चुके किसी नाखुश या नुकसानदेह रिश्ते में फंसे हुए हैं, या फिर दोनों ही साथियों को दर्द और आंसू देने वाले किसी आश्रित रिश्ते की चपेट में आ गए हैं।

इसके बजाये आपको यह समझना चाहिए कि प्यार दर्द का कारण नहीं होता

यह समझना ज़रूरी है कि सच्चा और  स्वास्थ्यकर प्रेम कभी भी दुःख पहुंचाने की कोशिश नहीं करता।

सचेतन और परिपक्व प्यार

प्यार के बारे में कोई भी अपनी माँ के पेट से सीखकर नहीं निकलता। यह हम निराश होने, कई बार ठोकर खाने और सेल्फ-डिस्कवरी के लिए किसी रिश्ते से मुंह मोड़ लेने के अपने अनुभवों से ही सीखते हैं।

  • कभी भी किसी विफलता के लिए खुद को दोष देने या यह सोचने से बचें कि दर्द प्यार का दूसरा नाम होता है। यह सच नहीं है, या कम से कम इसे सच होना तो नहीं ही चाहिए।
  • सचेतन प्यार की शुरुआत हमेशा “दूसरों की जय से पहले खुद की जय करें” जैसी आसान और आवश्यक कहावत से होती है।
  • अपने ऊपर पूरा भरोसा हो जाने व अपने मूल्य को अच्छे से समझ लेने पर ही आपके रिश्ते अच्छे, ज़िम्मेदार और खुशहाल हो सकते हैं।
  • परिपक्व प्रेम वह है, जिसमें दोनों साथी एक-दूसरे का भला सोचते हैं। इसकी शुरुआत हमेशा आत्मचिंतन से होती है।
  • अच्छे आत्मबोध वाला आत्मविश्वास से परिपूर्ण व्यक्ति कभी भी न अपने डर का शिकार होगा न ही धोखा दिए जाने के अपने भय से ग्रस्त होकर अपने साथी को काबू में रखने के जुनून की चपेट में आएगा।

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आपसे प्यार करने व आपका सम्मान करने वाला इंसान आप पर भरोसा भी करेगा और आपके भरोसे का ख्याल भी करेगा।

प्यार और भरोसे के बिना कोई भी रिश्ता अधूरा होता है

आपसे प्यार करने वाला इंसान आपको खुश रखेगा

अपने साथी की ख़ुशी की परवाह करें – यह आपके गुणवान चरित्र को दर्शाता है। किसी को रुलाने या दुःख पहुंचाने से हमें कुछ हासिल नहीं होता। इसे सही या आम ठहराने वाले लोगों के निश्चित रूप से रिश्तों के बारे में बेहद विकृत और खतरनाक विचार होते हैं।

  • कुछ लोगों को लगता है कि अपने साथी के साथ दुःख भोगना एक आम बात है। ऐसी सोच का सीधा-सीधा मकसद होता है उसे अपने काबू में रखना।
  • वहीँ कुछ लोग इस बात से भी हैरान हो जाते हैं कि उन्होंने अपने साथी का दिल दुखाया है। अपनी हैरानी को वे इन शब्दों में बयान करते हैं: “तुम तो हमेशा ही किसी न किसी बात को लेकर मुंह फुला लेते/लेती हो। मेरे कुछ भी करने से तुम्हें बस तकलीफ ही होती है”।

अगर आपके रिश्ते की भी यही स्थिति है तो आपका संबंध किसी ऐसे इंसान के साथ है, जिसके दिल में न ही आपके प्रति कोई सहानुभूति है और न ही वह अपने किये की ज़िम्मेदारी लेने को तैयार है।

सच्चे दिल से आपसे प्यार करने वाला व्यक्ति आपको खुश रखने की कोशिश कर दुःख के पलों में भी आपके चेहरे पर एक मुस्कान ले आएगा।

हर मुस्कान आपके रिश्ते के किसी छिपे इंजन जैसी होती है। यह इंजन ख़ुशी, एक-दूसरे के प्रति आपके प्यार और भरोसे के दम पर चलता है।