कैसे जानें कि आपका बच्चा झूठ बोल रहा है

अगस्त 12, 2019
अपने किशोर उम्र के बच्चे को झूठ बोलते हुए सही वक्त पर पहचान पाना उसमें व्यवहार से जुड़ी समस्याओं को रोकने में अहम हो सकता है। यहाँ हम कुछ ऐसे सुझाव शेयर करेंगे, जिससे जन सकते हैं कि आपका बच्चा झूठ बोल रहा है।

माता-पिता और बच्चों के बीच कम्युनिकेशन बातचीत का एक पॉपुलर विषय है, खासकर बात जब किशोरावस्था के दौरान झूठ बोलने और धोखा देने की हो। क्योंकि यह वह अवस्था है जब आपका प्यारा बच्चा बालिग़ होने की ओर कदम बढ़ा रहा है। इस पोस्ट में हम बताएंगे, आपका बच्चा आपसे झूठ बोल रहा है, यह कैसे जानें।

यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि झूठ बोलना अक्सर बड़ी समस्या की ओर ले जाता है, जैसे व्यवहार से जुड़ी समस्याएं, भावनात्मक गड़बड़ी और पारिवारिक संबंधों में आने वाली मुश्किलें

जब आपको महसूस हो, आपका बच्चा झूठ बोल रहा है

पैरेंट अक्सर उस वक्त एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच जाते हैं जब उन्हें मालूम होता है कि उनका बच्चा उनसे झूठ बोलता है। पैरेंट कभी-कभी डर के मारे अपने बच्चे से बात करने से कतराते हैं, मानो समस्या को नजरअंदाज करना उसे ठीक कर देगा। इसी किशोर बच्चा भी विश्वास की एक कमी महसूस करता है और अपने माता-पिता से बात करने से बचता है।

यह लगातार बढ़ती एक खाई की ओर ले जाता है जो पैरेंट के सुपरविजन में बाधा बनता है। यदि इसे हल न किया जाये तो यह किशोर व्यवहार  अपने वातावरण से तालमेल न बिठा पाने, एग्रेसिव व्यवहार, सेल्फ कंट्रोल में कमी या दूसरी समस्याओं की ओर ले जा सकता है।

इस कारण पहला कदम यह पता लगाना है कि क्या आपका बच्चा लगातार आपसे झूठ बोल रहा है। अगर ऐसा हो रहा है, तो आपको इस समस्या को हल करने और एक स्वस्थ बंधन बहाल करने के लिए किसी प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए।

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कैसे जानें कि आपका बच्चा झूठ बोल रहा है

कुछ इंडिकेटर

आपका बच्चा झूठ बोल रहा है

आपके किशोर बच्चे का झूठ कुछ दूसरी समस्याओं को छिपाने का कारण हो सकता है। इस तरह ऐसे इंडिकेटर को जानना अहम है ताकि आप सही वक्त पर हस्तक्षेप कर सकें

अगर आप इस लेख को इसलिए पढ़ रहे हैं कि आपको संदेह है, आपका बच्चा आपसे झूठ बोल रहा है। अगर यह मामला है, तो आप पहले से ही उन इंडिकेटर में से कुछ का पता लगा सकते हैं:

  • अपने अनुभवों के बारे में बताते हुए आपका बच्चा बातों को बढ़ा-चढ़ाकर बोलता है।
  • वह अक्सर सफेद झूठ बोलता है।
  • वह आपको ऐसी बातें नहीं बताता जो स्कूल में हो रही हैं, जैसे टेस्ट आदि।
  • वह क्या कर रहा है, यह बात आपको दूसरों से पता चलती है।
  • वे अपने सोशल नेटवर्क पर फोटो पोस्ट करते हैं जो उनकी डेली रूटीन का बहुत ही पॉजिटिव पहलू दिखाते हैं।
  • आप नहीं जानते, वह दोस्तों के साथ बाहर जाकर क्या करता है।
  • वह आपको किसी भी कहानी का सिर्फ एक छोटा हिस्सा बताता है।

बॉडी लैंग्वेज

इसके अलावा, जब आप अपने बच्चे से बात करते हैं, तो आपको उनकी बॉडी लैंग्वेज से कुछ जानने वाले संकेतों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। ये इंडिकेटर आपको यह पता लगाने में मदद करेंगे कि वह जो बता रहा है, वह सच है या नहीं। साथ ही, वह जितना छोटा है, उसका झूठ उतना ही स्ष्टपष्ट है।

उदाहरण के लिए अगर वह झूठ बोल रहा है, तो आपकी आंखों में देखने से बचेगा। इसके अलावा, वे बगलें झाँक सकते हैं, एक ऐसी ऑई मूवमेंट जो या तो कल्पना से संबंधित है या एक संभावित झूठ बोलने से। इसके अलावा, उनकी आवाज़ काँप सकती है और हाथ पसीने से गीले हो सकते हैं।

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वे खुद को कैसे एक्सप्रेस करते हैं

जब आप अपने बच्चे से कोई सवाल पूछते हैं, तो आपको यह भी ध्यान देना चाहिए कि वे खुद को कैसे एक्सप्रेस करते हैं। अगर वे झूठ बोल रहे हैं, तो वे उसी तरह से बोलेंगे जैसे वे सच बोल रहे हैं।

उदाहरण के लिए अगर वह झूठ बोल रहा है, तो एक ही बात को कई बार दोहरा सकता है या किसी स्थिति के बारे में बहुत ज्यादा ब्यौरा दे सकता है। यह किसी ऐसी चीज़ को सही ठहराने की कोशिश है जो सच नहीं है।

इमोशनल गड़बड़ियाँ

आपका बच्चा आत्मविश्वास की समस्या, सोशलाइजेशन में कमी या असावधानी के कारण झूठ बोल सकता है। अगर हां, तो अच्छे कम्युनिकेशन के साथ इस मसले का सामना करना अहम है।

हर किशोर बच्चे ने कम से कम एक बार अपने पैरेंट से झूठ बोला है। एड्लोसेन्स आपके बच्चे को एमपावर करता है, क्योंकि। हालाँकि अगर आपका बच्चा हर समय आपसे झूठ बोलता है, तो आपको यह भी देखना चाहिए कि भावनात्मक रूप से वह कैसा है।

झूठ बोलने वाला किशोर आत्मविश्वास में कमी, डिप्रेशन, स्ट्रेस या अकेलेपन की भावना जैसे इमोशनल चैलेंज से पीड़ित हो सकता है। इस तरह वह उस ऐसा दिखाने के लिए झूठ बोल सकता है जैसा वह होना चाहता है या अपने माता-पिता की रक्षा करने के लिए कि वे उसके बारे में फ़िक्र न करें।

एक अभिभावक के रूप में सही वक्त पर अपने बच्चे के झूठ का पता लगाना ज़रूरी है। इस तरह आप उस नेगेटिव व्यवहार को रोकने में मदद कर पाएंगे जो आपके बच्चे और परिवार के विश्वास के साथ-साथ आपके किशोर के सामाजिक रिश्तों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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