ग्रेड : पैरेंट्स के लिए एक गाइड

बच्चों के ग्रेड कई पैरेंट्स और उनके बच्चों के लिए स्ट्रेस का पर्याय हैं। इस मामले में सीखना, सवाल पूछना, और जवाब पाने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करना कामयाबी का एक फ़ॉर्मूला हो सकता है।
ग्रेड : पैरेंट्स के लिए एक गाइड

आखिरी अपडेट: 01 अगस्त, 2019

स्कूल जाना शुरू करते ही कई बच्चे अपने ग्रेड के बारे में फिक्रमंद होने लगते हैं। उनका रिपोर्ट कार्ड कइयों के लिए खुशी या निराशा की वजह हो सकता है।

पैरेंट्स अपने बच्चों के ग्रेड को बहुत गंभीरता से लेते हैं जैसे कि यही उनकी परवरिश की कसौटी हो। हालाँकि माता-पिता को यह महसूस नहीं होता कि ग्रेड दरअसल कुछ शैक्षणिक सामग्री को समझना और उन्हें याद रखने के अलावा कुछ नहीं है।

यह कुछ हालात का एक तरह का माप है। इसलिए ज़रूरी नहीं कि यह सटीक रूप से बता पाए कि उनके बच्चों की सीखने की क्षमता सफल रही है या असफल।

एकेडमिक  ग्रेड पैरेंट्स को कई चीजों की ओर इशारा करता है, यह भी कि वे इस ओर से बिना फिक्रमंद हुए और अपने बच्चों को बिना नुकसान पहुंचायें आगे बढ़ सकते हैं।

पैरेंट्स को ग्रेड के बारे में क्या जानना चाहिए?

पैरेंट्स को ग्रेड के बारे में क्या जानना चाहिए?

ग्रेड परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ग्रेड उस टेस्ट में हासिल होता है जो सभी बच्चे देते हैं। हालाँकि ये टेस्ट उनकी परिपक्वता, रुचि और प्रत्येक बच्चे की सीखने की ख़ास शैली को ध्यान में नहीं लेते हैं।

इसके अलावा ग्रेड हमेशा उस प्रयास को नहीं दिखाता जो बच्चा उसे पाने में करता है। कई बार बिना किसी किसी कोशिश के A मिल सकता है, जबकि दूसरा बच्चा कम ग्रेड को भी अच्छा परिणाम मान सकता है।

हालंकि ग्रेड को गंभीरता से न लेना अहम है, फिर भी रिपोर्ट कार्ड पैरेंट्स को अपने बच्चों की दिलचस्पी वाले क्षेत्रों की जानकारी दे सकते हैं। कुछ बच्चों के लिए मैथ्स या आर्ट्स ग्रुप आसान हो सकता है। किसी दूसरे के लिए अंग्रेजी, द्वितीय भाषा या स्पोर्ट्स आसान हो सकते हैं।

यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि पास होने का मतलब सीखना नहीं है। जिस सच्चाई को शिक्षा प्रणाली छिपाती है वह यह कि यह  बच्चों से पास होने की मांग तो करती है, लेकिन यह हमेशा गारंटी नहीं देती है कि उन्होंने कुछ सीखा है या नहीं।

आखिरकार कम या फेल होने वाला ग्रेड बच्चे की गुणवत्ता को नहीं बताता है। इसका उपयोग बच्चे को लेबल करने या व्यक्ति के रूप में उनका मूल्यांकन करने के लिए नहीं किया जा सकता है।

पैरेंट्स अपने बच्चों की मदद कैसे कर सकते हैं?

1. ग्रेड से परे देखें

इसके बजाय पैरेंट्स को अपने बच्चे के उस प्रयास का मूल्यांकन करना चाहिए जो वे ग्रेड हासिल करने में लगाते हैं। अपने प्रयासों को जारी रखने और अपने मकसद तक पहुंचने को प्रेरित करने के लिए रिपोर्ट कार्ड पढ़ने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

2. उनकी रोजाना की कोशिशों को बढ़ावा दें

अभिभावकों को अपने बच्चों को बधाई देने के लिए टेस्ट रिजल्ट का इंतजार नहीं करना होगा। वे स्कूल में किए गए बच्चे के रोजाना के प्रयास को पहचानते हैं।

कोई बच्चा अगर आज स्कूल में अच्छा नहीं कर रहा है, तो माता-पिता को यह समीक्षा करनी चाहिए कि उसने पहले क्या किया था। इससे पता चलेगा कि वे क्या सुधार कर सकते हैं। अपने काम को सही ढंग से सही वक्त पर पूरा करने के लिए बच्चे को प्रेरित करें।

3. एक स्टडी शिड्यूल अपनाएँ

उनकी एक्टिविटी की शुरुआत को देखें ताकि अगर वे गलती करते हैं तो वक्त रहते सुधार सकें। अपने बच्चे को उन सभी चीजों को पाने में मदद करें जिनकी उन्हें स्टडी और होमवर्क करने के लिए ज़रूरत है।

इसके अलावा, दिन के आखिर में यह जांचें कर लें कि क्या उन्होंने अपना स्कूल वर्क पूरा कर लिया है।

4. उन्हें अकेला छोड़ दें जिससे वे पढ़ाई और अपना होमवर्क कर सकें

पैरेंट्स को ग्रेड

बच्चों को बेहतर ग्रेड दिलाने के लिए आपको उन्हें शांत वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए। उनकी स्टडी और होमवर्क के लिए एक शांत स्थान चुनें। टेलीविजन, खिलौने या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाले ध्यान भटकाने वाली जगहों को न चुनें।

अगर आप घर पर नहीं हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पढ़ाई कर रहा है और सही जगह पर अपना होमवर्क करता है। यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा ठीक से रेस्ट लेता है और रात को अच्छी तरह से सोता है।

5. नियमित शिक्षक के संपर्क में रहें

शिक्षक के साथ निरंतर कम्युनिकेशन बनाए रखें। इकट्ठे आप उन क्षेत्रों का पता लगा सकते हैं जिसमें बच्चे को और मजबूत करना है, साथ ही स्टडी मेथड और उसमें सुधार की संभावनाओं का भी।

यदि बच्चे को एकेडमिक रूप से और ठीक करने की ज़रूरत है, तो पता लगाएं कि क्या आप ट्यूशन का खर्च उठा सकते हैं।

6. ग्रेड को लेकर उन्हें धमकी न दें या चीजें देने का वादा न करें

पॉजिटिव सुधार का मतलब यह नहीं है कि जब भी वे अपेक्षित नतीजा हासिल करें उन्हें पुरस्कार के रूप में उपहार देना होगा। इसके बदले आपको उन्हें प्रोत्साहन देना, उन्हें बधाई देना चाहिए।

अपने बच्चे को धमकी न दें या ऐसे वायदे न करें जिन्हें आप पूरा नहीं करेंगे।

7. कोई ख़ास ग्रेड पाने के लिए उन्हें बाध्य करने से बचें

स्पष्ट रूप से उन्हें बताएं कि पढ़ाई के मामले में उनसे क्या अपेक्षा की जाती है। अपने बच्चे को प्रोत्साहित करें कि वे सर्वश्रेष्ठ परिणाम पाने के लिए वे अपनी बेस्ट परफॉरमेंस करें। पर निश्चित नतीजे पाने के लिए उन्हें कभी भी बाध्य न करें।

उन्हें ठीक से बताएं कि शिड्यूल और स्टडी मेथड पर ठीक से न चलने के नतीजे क्या हो सकते हैं।

8. उनकी चीजों को ऑर्गनाइज रखने में मदद करें

ऐसा करने से वे तैयार महसूस करेंगे और छोटे-छोटे तर्कसंगत लक्ष्यों को पूरा करेंगे।

9. विषयों पर अपने बच्चे के साथ काम करें

यह तय करें कि किन विषयों पर आपको काम करना है। इसकी एक सूची बनाएं कि किस पर दोनों को इकट्ठे काम करना है। इससे उन्हें बिना थके या निराश हुए अपने लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी।

प्रायोरिटी क्या है, यह तय करें और उस पर काम करें। फिर दूसरे विषय पर जाएँ और इसे पूरा कर लेने पर एक और विषय पर जाएँ।

बच्चे के फेल होने पर क्या करें?

  • इसके कारण की पहचान करें। शिक्षक से संपर्क करें ताकि वे आपको अपना दृष्टिकोण दें और इस तरह आप दोनों एक स्टडी प्लान बना सकेंगे। यदि बच्चे के खराब प्रदर्शन का कारण उसकी कोशिशों में कमी है, तो आपको अपने बच्चे को रोजाना फॉलो करना होगा और उसके टीचर की ओर उसे मोटिवेट करना होगा।
  • अपने बच्चे के साथ आराम से बात करें। यह समझने की कोशिश करें कि उन्हें यह ग्रेड क्यों मिला। आप नए लर्निंग मेथड आजमा सकते हैं जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिव होना भी शामिल है।
  • उनके साथ चीखने-चिल्लाने और बहस करने से बचें। इससे बच्चे के प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। इसके उलट आपको उन कारणों पर ध्यान देना चाहिए जिनके कारण उन्हें बेहतर रिजल्ट नहीं मिले।
  • जिम्मेदारी की उनकी भावना को मजबूत करें। उनके ग्रेड उनके प्रयास और पढ़ाई के प्रति उनके डेडिकेशन की उपज हैं। बच्चे को अवास्तविक बहाने बनाने देने की अनुमति न दें: यह उसके टीचर की गलती नहीं है और न ही इसलिए हुआ है कि क्लासमेट्स ने उसे कंसन्ट्रेट नहीं करने दिया था।
  • बच्चे की दूसरे क्लासमेट्स या उसके भाई-बहनों से तुलना करने से बचें। प्रत्येक बच्चा अद्वितीय है और उनकी अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं।
  • पढ़ाई को एक तरह की सजा बनाने से बचें। यह एक नेगेटिव कंडीशनिंग बनाता है जो लर्निंग को कुछ बुरा या उबाऊ बनाता है।

आख़िरी सलाह

स्कूली शिक्षा बच्चों के लिए एक प्लेटफॉर्म है और ग्रेड प्रक्रिया का हिस्सा हैं। बच्चे को अपनी मुश्किलों को दूर करने के लिए प्रोत्साहित करें। एजुकेशन सिस्टम में नई चुनौतियों के साथ-साथ जीवन में भी इसे शामिल करने की बात आती है।

अंत में, यदि आपके बच्चे के स्टडी मेथड और उनके ग्रेड अभी भी बेहतर नहीं हुए हैं, तो आपको यह पता लगाना चाहिए कि क्या उसे किसी किस्म की लर्निंग डिसेबिलिटी है। ऐसा करने के लिए, आपको एक दूसरे एक्सपर्ट की सलाह लेनी होगी जो उसका टीचर नहीं है।

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  • Roth, C. (2011). The Entrepreneur Equation: Evaluating the Realities, Risks, and Rewards of Having Your Own Business. BenBella Books. https://books.google.es/books?hl=es&lr=&id=UVrcWxnFHP0C&oi=fnd&pg=PR9&dq=The+Entrepreneur+Equation:+Evaluating+the+Realities,+Risks,+and+Rewards+of+Having+Your+Own+Business&ots=U8pACbFoMJ&sig=TOb5KSgHosRBZRMnWPwcmSAaTJo#v=onepage&q=The%20Entrepreneur%20Equation%3A%20Evaluating%20the%20Realities%2C%20Risks%2C%20and%20Rewards%20of%20Having%20Your%20Own%20Business&f=false