7 चीज़ें जो बताती हैं कि आप बहुत तनाव में हैं

सितम्बर 16, 2018
कुछ विशेष शारीरिक लक्षण आपको यह संकेत दे सकते हैं कि आप अत्यधिक और अनियंत्रित तनाव में हैं। इस स्थिति से छुटकारा पाने के लिए आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा।

आधुनिक जीवनशैली, कामकाज को लेकर भागदौड़ और रोज़मर्रा की समस्याओं के कारण कई बार आप मान लेते हैं कि तनाव ज़िंदगी का एक हिस्सा है।

सच है कि तनाव आम जीवन के मुश्किल हालात से निपटने की एक सामान्य प्रतिक्रिया है लेकिन मुश्किलें बढ़ने पर इसका चौतरफा असर पड़ता है।

वैसे भी यह साबित किया जा चुका है कि लगातार ज़्यादा तनाव में रहने से आपको हृदय रोग, कमज़ोर इम्यून सिस्टम और अधिक अवसाद होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

आम तौर पर तनाव के अधिकतर लक्षण अापके एटीट्यूड में बदलाव के रूप में दिखते हैं लेकिन इसकी वज़ह से कई स्पष्ट शारीरिक लक्षण भी नज़र आते हैं।

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इतिहास में वर्तमान में सबसे ज़्यादा लोग तनाव का शिकार हो रहे हैं।

सबसे ज़्यादा चिंता की बात यह है कि अधिकतर मामलों में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है और अंततः स्थिति और बिगड़ जाती है।

चूंकि हम में से हर किसी को कभी न कभी तनाव का सामना करना पड़ता है, इसलिए आपके लिए यह जानना ज़रूरी है कि हालात कब हाथ से बाहर निकलने वाले हैं और कुछ करने का समय आ गया है।

1. शरीर पर पित्ती या चकत्ते देते हैं तनाव बढ़ने के संकेत

आपको कभी किसी चीज़ से एलर्जी नहीं हुई है। फिर, अचानक आपको अपने शरीर पर पित्ती या चकत्ते नज़र आते हैं। इसका कारण ज़्यादा तनाव हो सकता है।

जब आपका शरीर इस समस्या का सामना करता है तो इम्यून सिस्टम असंतुलित होने लगता है और शरीर हिस्टैमीन नाम का रसायन छोड़ना शुरू कर देता है।

अगर समय रहते इस पर काबू नहीं किया गया तो त्वचा की अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यहां तक कि आपको ऐसी त्वचा समस्याएं हो सकती है जिनके बारे में आपने पहले कभी सोचा तक न होगा।

2. लगातार सिरदर्द

लगातार तनाव में रहने या मुश्किल हालात से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों में सिरदर्द और माइग्रेन होना आम बात है।

यह कुछ विशेष रसायन छोड़े जाने के कारण होता है। ये आपके तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली में बाधा डालते हैं।

इसके कारण मांसपेशियां प्रभावित होना भी आम है। इसके कारण होने वाले सिरदर्द को आम तौर पर टेंशन हेडक (Tension Headache) कहते हैं।

3. पेट में गड़बड़ी

निरंतर और नियमित रूप से शारीरिक और मानसिक तनाव में रहने पर कई तरह की पाचन गड़बड़ियां नज़र आने लगती हैं।

तनाव पैदा करने वाले हार्मोन आपकी पाचन नलिका (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट) की कार्यप्रणाली बदलकर टॉक्सिन एकत्र होने, गैस बनने और सूजन का कारण बन सकते हैं।

यहां तक कि कुछ मामलों में यह आपके कोलन (मलाशय) के सिकुड़ने की दर बढ़ा सकता है। नतीजतन, आपको पेट में मरोड़ और डायरिया का सामना करना पड़ता है।

4. लगातार ज़ुकाम

ज़्यादा तनाव के कारण छोड़ा गया कॉर्टिसॉल इम्यून सिस्टम बाधित कर देता है जिसके कारण श्वसन प्रक्रिया प्रभावित करने वाले रोगाणुओं से लड़ने की आपकी क्षमता घट जाती है।

तनाव ग्रस्त वयक्तिों को ज़ुकाम, मुंह के छाले सहित अन्य बैक्टीरियल और वायरल रोग होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।

सबसे ज़्यादा चिंता की बात यह है कि अगर आपको समस्या से छुटकारा नहीं मिलता है तो फिर किसी भी मेडिकल ट्रीटमेंट की मदद से आपको ठीक कर पाना मुश्किल है।

5. एक्ने की मौजूदगी

हम सभी जानते हैं कि एक्ने एक त्वचा समस्या है, जिसकी शुरुआत कई कारणों से हो सकती है। वैसे यह समस्या किशोरों में ज़्यादा नज़र आती है पर तनाव के कारण वयस्क भी इसके शिकार हो सकते हैं।

इसका कारण हार्मोन असंतुलन माना जाता है। इसमें कॉर्टिसॉल का स्तर अन्य सभी हार्मोन पर हावी हो जाता है।

यह हार्मोन त्वचा की तेलीय ग्रंथियों का कामकाज बाधित करता है जिससे तेलों का उत्पादन बढ़ जाता है।

त्वचा के सूक्ष्म छिद्रों में सीबम (तेलीय स्राव) एकत्र होने के कारण मुंहासे और दाने निकल आते हैं।

6. अनिद्रा

अनिद्रा और चैन की नींद आने में परेशानी का आपकी भावनात्मक स्थित और दिन भर के क्रियाकलापों से गहरा संबंध है।

अनियंत्रित तनाव के शिकार व्यक्ति को मांसपेशियों में दर्द का अनुभव हो सकता है। वह परेशान करने वाली स्थितियों के बारे में ज़्यादा सोचता है। इस कारण उसकी समय पर गहरी नींद लेने की क्षमता घट जाती है।

सबसे गंभीर बात यह है कि समय बीतने के साथ-साथ इसका शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। आपको ऐसी शारीरिक समस्याएं हो जाती हैं जिनसे आपके जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

7. अत्यधिक थकान

थकान या थकावट एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है। आप इसका अनुभव तब करते हैं जब लगातार शारीरिक और मानसिक तनाव में रहने के बाद आपका शरीर पर्याप्त आराम नहीं कर पाता है।

अवसाद, एंग्जाइटी और घबराहट सहित मनोदशा में बदलाव इसके आम लक्षण हैं।

क्या आपको इनमें कोई संकेत जाना-पहचाना लगता है? अगर हाल में आप इनसे पीड़ित रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें और अपना तनाव कम करने में मदद करने वाले तरीकों के बारे में सलाह लें।

Meadows, J. (2017). Stress. In Spirit and Capital in an Age of Inequality. https://doi.org/10.4324/9781315413532

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