टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड को कैसे लगाएं

21 अगस्त, 2020
टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड का उपयोग स्थानीयकृत या त्वचा की समस्याओं के लिए किया जाता है। इसका असर आपकी त्वचा की टाइप और आपके द्वारा उपयोग की जाने वाली दवा पर निर्भर करता है।

कुछ त्वचा समस्याओं के लिए टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड का उपयोग करने पर सतर्क रहें। दो सामान्य स्थितियां होती हैं। एक तो इन दवाओं के इस्तेमाल का डर है, और दूसरी संभावित प्रतिक्रियाएं हैं।

कोर्टिकोस्टेरॉयड का उपयोग करने का डर इस सोच से आता है कि भले ही इन्हें बाहर लगाया जाए, इसके सिस्टेमेटिक कॉर्टिकॉस्टिरॉइड  तरह साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

सिस्टेमेटिक कॉर्टिकॉस्टिरॉइड से कुछ साइड इफेक्ट हैं सूजन, वजन बढ़ना और ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम। हालांकि आपको पता होना चाहिए कि अगर आप टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड का दुरुपयोग करते हैं, तो वे वैसा ही असर पैदा कर सकते हैं। दरअसल यह विशेष रूप से सच हो सकता है अगर वे बहुत पावरफुल हैं या यदि आपको उन्हें बड़े भाग में लगाना है।

दूसरी ओर आप जिस टैचीफ़ाइलैक्सिस का अनुभव कर सकते हैं वह कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के दुरुपयोग से होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आप इसे लगाते हैं, तो यह मददगार होता है और आप अच्छा महसूस करते हैं। इसके कारण आप इसे बार-बार लगाते है।

टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड को लगाने के साइड इफेक्ट

टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड का उपयोग करने से होने वाले साइड इफेक्ट मुख्य रूप से त्वचा पर होते हैं क्योंकि आप इसे लगाते हैं। उदाहरण के लिए, सबसे आम साइड इफेक्ट त्वचा की बाहरी परत पर क्षय है। हालांकि कुछ कम आम साइड इफेक्ट्स हैं स्ट्रेच मार्क्स, बालों की अत्यधिक वृद्धि या मुँहासे।

यदि आप टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड का उपयोग कर रहे हैं और आपको कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। वह आपके जख्म की जाँच करेगा और आपके इलाज को बदल सकता है।

टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड को लगाने के साइड इफेक्ट

कौन से फैक्टर टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड के अवशोषण को प्रभावित करते हैं?

टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड का उपयोग करते वक्त ध्यान रखें कि उनका प्रभाव और एक्टिव इन्ग्रेडिएंट कुछ अलग फैक्टर पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए उनमें से कुछ हैं:

त्वचा की पारगम्यता (Skin permeability)

यह आपकी त्वचा में कैसे अवशोषित होता है इस मामले में कुछ फैक्टर हैं जो उसके असर को प्रभावित करते हैं:

  • उम्र : बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा अधिक पारगम्य होती है। दरअसल पारगम्यता जितना ज्यादा होगी उतना ही अधिक प्रभाव होगा।
  • स्थान : विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रभाव होंगे। सबसे अधिक पारगम्य क्षेत्र म्यूकस मेम्ब्रेन है।
  • स्किन टाइप और जख्म की टाइप : जब त्वचा पर घाव होते हैं, तो दवा को अवशोषित करना आसान होता है। हालांकि पुराने घावों के मामले में त्वचा मोटी हो जाती है। फिर इसे अपनी त्वचा में सोख पाना कठिन होता है।

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प्रोडक्ट की टाइप

टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट हैं। दूसरी बातों के अलावा इसे अच्छा दिखना चाहिए जो रोगी को उनके ट्रीटमेंट में मदद करता है।

सॉल्यूशन और जेल आमतौर पर सूजन के जल्द इलाज में मदद करते हैं। हालांकि त्वचा के घावों के मामलें में इमल्शन और क्रीम का उपयोग किया जाता है। आम तौर पर मरहम xerosis जैसी क्रोनिक कंडीशन का इलाज करते हैं।

क्या सभी टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड एक ही हैं?

हर दवा अलग तरह के कॉर्टिकोस्टेरॉइड से बनी होती है। आपका एक्सपर्ट आपको बताएगा कि कौन सा ट्रीटमेंट आपके लिए सबसे अच्छा है। इसके अलावा, वे हर ट्रीटमेंट की ताकत और संभावित साइड इफेक्ट को ध्यान में रखेंगे। दवा का चुनाव रोगी के प्रकार, स्थान और घाव के प्रकार पर निर्भर करेगा।

कम-शक्ति वाले कोर्टिकोस्टेरॉइड चेहरे की चोट का इलाज करते हैं और आप उन्हें अधिकतम पांच दिनों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। हालाँकि, अगर आपको शरीर के किसी अंग का इलाज करना है, तो वे आमतौर पर मीडियम स्ट्रेंथ वाले होते हैं और आप ज्यादा से ज्यादा दस दिनों के लिए उनका उपयोग करते हैं।

आपको कभी भी किसी ट्रीटमेंट को अचानक नहीं रोकना चाहिए। यदि यह काम नहीं कर रहा है तो आपको एक हाई पोटेंसी से निम्न पोटेंसी में जाना पड़ सकता है। वास्तव में कुछ डॉक्टर रिबाउंड असर को रोकने के लिए कम क्रीम के साथ बारी-बारी से एक्सपेरिमेंट करते हैं।

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आपके लिए सबसे अच्छा चुनाव

जब आपको टॉपिकल कोर्टिकोस्टेरॉयड लगाना है, तो आपके इलाज के आधार पर आपके लिए सबसे अच्छा चुनाव महत्वपूर्ण है। जैसा कि हमने बताया, एक्यूट पैथोलॉजी और क्रोनिक दोनों समान नहीं है, और न ही सभी अंग बराबर हैं।

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