कद्दू से बनी होम रेसिपी जो ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करती है

मई 1, 2019
कद्दू का जूस पीने के बाद किसी भी सकारात्मक बदलाव को देखने के लिए, इलाज से पहले और बाद में ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।

मधुमेह और हृदय रोग को “खामोश रोग” के रूप में जाना जाता है, इसलिए इन्हें काबू में रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इन बीमारियों की को रोकने के लिए ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर कंट्रोल करना ज़रूरी है। कुछ आसान घरेलू नुस्खों से यह किया जा सकता है। कद्दू की यह रेसिपी ऐसा ही नुस्खा है।

मधुमेह और हृदय रोगों से जुड़े हार्मोन के लेवल और कम्पाउंड पर काबू पाने के लिए ज़रूरी स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट के साथ-साथ सप्लीमेंट के रूप में इस नुस्ख़े को आजमाया जा सकता है। जाहिर है, इस इलाज के साथ-साथ आपकी स्थिति के अनुकूल अच्छा पोषण भी होना चाहिए।

मधुमेह (Diabetes) क्या है और इसका कारण है?

कद्दू (Pumpkin) : मधुमेह

डायबिटीज मेलिटस (Diabetes mellitus) एक क्रॉनिक बीमारी है। यह तब होती है जब शरीर में अग्न्याशय सही ढंग से काम नहीं करता और इंसुलिन का स्राव ठीक ढंग से नहीं हो पाता। शायद की ज़रूरत के मुताबिक़ इंसुलिन का उत्पादन नहीं हो पा रहा है या पैन्क्रियाज प्रभावी रूप से इसका उपयोग नहीं कर पा रहा है।

इंसुलिन शरीर के शुगर लेवल को रेगुलेट करने का काम करता । इसलिए इस हार्मोन की अनियमितताओं के कारण ब्लड शुगर में वृद्धि होती है। इसका मतलब है कि डायबिटीज अनिवार्य रूप से सिर्फ हाई ब्लड शुगर का लेवल नहीं है, बल्कि इंसुलिन का इसे सही ढंग से प्रबंधन नहीं कर पाना भी है

यदि मधुमेह को नियंत्रित न किया जाये तो यह शरीर के कुछ अंगों या प्रणालियों को नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ मामलों में, पैर के निचले हिस्से को अलग करने की ज़रूरत हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 2012 में हाई ब्लड शुगर लेवल 2.2 मिलियन मौतों का कारण था और 2014 में 8.5% वयस्कों की मौत मधुमेह से हुई थी।

वर्ष 2030 के लिए इस संगठन का अनुमान है कि मधुमेह दुनिया भर में मौत का सातवां बड़ा कारण बन जाएगा। इसलिए ब्लड शुगर के स्तर का ध्यान रखना और उसे नियंत्रित करना बहुत महत्वपूर्ण है।

इस लेख को भी पढ़ें: मधुमेह के 5 अल्प ज्ञात लक्षण

कोलेस्ट्रॉल लेवल का ख्याल रखें?

अच्छी तंदरुस्ती के लिए कोलेस्ट्रॉल का सही बनाए रखना भी बहुत महत्वपूर्ण है। कोलेस्ट्रॉल शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक पदार्थ है और शरीर के ठीक से कामकाज के लिए आवश्यक है। हालांकि, जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो यह अन्य तत्वों के साथ मिलकर ब्लड वेसल्स को बंद कर देता है।

ब्लड वेसल्स के जाम होने पर एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) नाम की जटिल स्थिति पैदा होती है। यह घातक हृदय रोग का कारण बन सकता है।

डब्ल्यूएचओ इस बात की पुष्टि करता है कि कार्डियोवैस्कुलर रोग सबसे घातक है और दुनिया भर में  170 करोड़ लोग इससे पीड़ित हैं। वहीं  हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया से पीड़ित लोगों के एक बड़े समूह को कोई उचित इलाज नहीं मिल पाता है।

यदि आप हृदय रोग का जोखिम कम करना चाहते हैं, तो अपने भोजन के बारे में सावधान रहना महत्वपूर्ण है। निष्क्रिय जीवनशैली से बचें और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए शरीर की गतिविधियाँ बढायें।

कद्दू का रस जो रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है

सामग्री

  • ½ कप कद्दू या स्क्वैश (pumpkin or squash) (100 ग्राम)
  • 1 गिलास पानी (200 मिलीलीटर)

निर्देश

  • एक ब्लेंडर में कच्चे कद्दू के टुकड़े डालें और पानी के साथ ब्लेंड करें।
  • इस पेय का गाढापन आपकी पसंद पर निर्भर करेगा। इसलिए इस नुस्ख़े में पानी की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। आपके लिए एक गिलास पानी की सलाह दी जाती है।
  • सर्वोत्तम परिणामों के लिए आपको एक महीने के लिए नाश्ते से पहले हर दिनयह जूस पीना चाहिए। इसमें शुगर न मिलाएं। यदि आप चाहते हैं, तो बस थोड़ा सा शहद या स्वीटनर मिल सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : क्यों होता है हमें छाती में दर्द?

सेहत के लिए कद्दू के फायदे

सेहत के लिए कद्दू (Pumpkin) के फायदे

कद्दू में फाइबर की ऊँची मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम, आयरन, राइबोफ्लेविन और फास्फोरस होते हैं। यह पेय न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को कम कर सकता है, बल्कि ट्राइग्लिसराइड्स को भी कंट्रोल कर सकता है।

यह पेय कैसे करता है?

यह पेय खून से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है और धमनियों को साफ करता है। इया तरह यह खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) से छुटकारा दिलाता है और हृदय रोग से बचाव करता है।

इसकी फाइबर की ऊँची मात्रा कब्ज से निपटने में मदद करती है और पाचन तंत्र के कामकाज को दुरुस्त करता है। यह शरीर के सिस्टम को भी साफ करता है।

कद्दू और मधुमेह के बारे में कुछ और जानकारी

जहाँ तक ब्लड शुगर पर कद्दू के प्रभाव की बात है, तो कई अध्ययनों ने दिखाया है कि चूहों में यह इंसुलिन को रेगुलेट करते देखा गया है।वैज्ञानिकों का निष्कर्ष है लो मधुमेह के रोगियों में भी कद्दू वही असर दिखा सकता है।

आपकी डाइट में कद्दू जूस या सूप के रूप में शामिल होने पर शरीर को इससे कई तरह से फायदा होगा। बेशक यह न भूलें कि स्वस्थ रहने के लिए सही डाइट ज़रूरी है। इसलिए खून में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले भोजन से बचना चाहिए।

आपको अपनी सेहत की सामान्य स्थिति की समीक्षा करने और अपने शरीर में हार्मोन और पदार्थों के स्तर की निगरानी करने के लिए नियमित रूप से एक डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। इसलिए उनकी मात्रा बढ़ते ही उन्हें विनियमित करना ज़रूरी होता है।

याद रखें, जीवन में बाद में होने वाली जटिलताओं को रोकने के लिए सही समय पर इन ऑर्गनिक गड़बड़ियों का पता लगाना महत्वपूर्ण है। साथ ही, निष्क्रिय जीवन शैली से बचने के लिए अपनी रूटीन में थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी को शामिल करना न भूलें।

Adams, G. G., Imran, S., Wang, S., Mohammad, A., Kok, S., Gray, D. A., … Harding, S. E. (2011). The hypoglycaemic effect of pumpkins as anti-diabetic and functional medicines. Food Research International. https://doi.org/10.1016/j.foodres.2011.03.016

YOSHINARI, O., SATO, H., & IGARASHI, K. (2009). Anti-Diabetic Effects of Pumpkin and Its Components, Trigonelline and Nicotinic Acid, on Goto-Kakizaki Rats. Bioscience, Biotechnology, and Biochemistry. https://doi.org/10.1271/bbb.80805

Bayat, A., Heydaribeni, M., Feizi, A., Iraj, B., Ghiasvand, R., & Askari, G. (2014). The effect of pumpkin and probiotic yogurt consumption separately or/and simultaneously on type II diabetes. Journal of Isfahan Medical School.