क्यों होता है हमें छाती में दर्द?

जुलाई 13, 2018
हालांकि ये हमें कई जरूरी समस्याओं की चेतावनी दे सकते हैं, पर छाती के दर्द तनाव भरी परिस्थितियों में या यहां तक कि बुरी आदतों की वजह से भी हो सकते हैं।

छाती में दर्द के बारे में बताते दें कि मानव शरीर में दिल एक ऐसा अंग है जो सबसे ज्यादा काम करता है। यह तकरीबन 115000 बार दिन भर में,  80 बार हर मिनट में और 4 करोड़ 20 लाख बार एक साल में धड़कता है, चाहे हम आराम ही क्यों न कर रहे हों।

दिल, ऑक्सीजन और कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर साफ खून को शरीर के हर टिश्यू तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होता है।

कार्डियोवैस्कुलर प्रणाली चाहे कितनी ही कारगर क्यों न लगे, ऐसी कई तरह की चीजों का होना बड़ा सामान्य है जो इसके काम को प्रभावित करें या किसी परेशानी की ओर इशारा करें।

इनमें से एक होते है छाती का दर्द जो हालांकि कुछ लोगों में बड़े सामान्य हो सकते हैं, पर कई लोगों को पता भी नहीं होता कि यह आखिर है क्या।

अगर आप छाती के दर्द के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं तो पढ़ते जाइए।

छाती के दर्द आखिर होते क्या हैं?

छाती में दर्द क्यों

जैसा कि इसके विवरण से पता चलता है, इसका सम्बन्ध होता है दिल या छाती में एक दर्द की लहर उठने से या झटके से दर्द होने से।

ये आम तौर पर बिना किसी चेतावनी के होते हैं और इनमें दूसरे लक्षणों के साथ-साथ नीचे दिए लक्षण दिखाई देते हैं :

  • सांस लेने में तकलीफ
  • छाती में असुविधा महसूस होना
  • दर्द
  • तनाव
  • चिंता

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हमें छाती में दर्द क्यों होता है?

छाती के दर्द कई चीज़ों से जुड़े होते हैं, हालाँकि, उनमें से सबसे आम ये हैं :

1. मांसपेशियों में खिंचाव

छाती में दर्द का अहसास आम तौर पर मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से होता है और यह उस समय हो सकता है जब आपने बहुत ज्यादा हवा अंदर खींच ली हो।

इससे छुटकारा पाने के लिए, सबसे बेहतर है कि:

  • शांत रहें
  • आराम से सांस लेते रहें
  • दर्द को अपने आप ख़त्म होने का समय दें

2. एंग्जायटी और स्ट्रेस

छाती में दर्द: एंग्जायटी और डिप्रेशन

चिंता और तनाव इन दर्द का सीधा-सीधा कारण हो सकते हैं और यह इसलिए क्योंकि ये दोनों ही शरीर को हद से ज़्यादा तनाव की स्थिति में ले आते हैं।

यह भी आम तौर पर देखा गया है कि छाती में दर्द तनाव होने के समय न होकर, इसके उलट, तब ज़्यादा बार होता है जब आप आराम कर रहे होते हैं

3. ह्यपेरेक्टिविटी यानी अतिसक्रियता

साथ ही, जब आपके दिल की धड़कन तेज़ होती है, तब आप सामान्यता गहरा सांस लेते हैं, जिससे छाती में दर्द होता है।

4. पेरिकार्डिटिस (Pericarditis)

छाती में दर्द

पेरिकार्डिटिस एक ऐसी बीमारी है जो पेरिकार्डियम में सूजन आने की वजह से होती है। पेरीकार्डियम दिल की ऊपरी सतह होती है और यह इन चीज़ों के लिए ज़िम्मेदार होती है :

  • यह उस तरल पदार्थ को इकठ्ठा करके रखती है जो लुब्रिकेशन के ज़रिये दिल में होने वाले घर्षण को कम करता है।
  • यह दिल का अपनी जगह से खिसकना कम करती है।
  • यह दिल में बढ़ रहे दबाव को फैलाकर नियंत्रित करती है।
  • यह दिल को बाकी सबसे अलग रखती है ताकि संभावित इन्फेक्शन से इसे बचाया जा सके।

हालाँकि इसमें ऐसे कोई बड़े खतरे की बात नहीं होती पर फिर भी, इस सूजन को सूजन घटाने वाली दवाइयों से कम किया जा सकता है।

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5. अरिद्मीअ यानी अतालता (Arrhythmias)

अरिद्मीअ का मतलब है दिल के धड़कने की लय में बदलाव आना, सामान्य स्तर से या तो थोड़ा तेज़ या थोड़ा धीरे, जिसकी वजह से छाती में दर्द हो सकता है।

यह स्थिति इन वजहों से हो सकती है :

  • तम्बाकू का इस्तेमाल
  • चिंता
  • तनाव
  • कैफीन का सेवन
  • ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज
  • मोटापा

6. मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (Myocardial infarction)

मायोकार्डियम दिल का वह मसल टिश्यू होता है जो सिकुड़न पैदा करके सर्कुलेटरी सिस्टम में खून पंप करने के लिए ज़िम्मेदार होता है।

इस टिश्यू में आयी खराबी जिसे इन्फार्क्शन कहते हैं, छाती में तेज़ दर्द पैदा कर सकती है क्योंकि दिल के एक हिस्से को काम करने के लिए जो खून चाहिए होता है, वह उसे मिलना बंद हो जाता है।

कौन-सी चीज़ें कारण बनती हैं छाती के दर्द की?

छाती में दर्द: कारण

हालांकि हम सबको दर्द का यह बुरा एहसास हो सकता है, पर कुछ कारण होते हैं जो दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा बढ़ा देते हैं।

इनमें से कुछ हैंः

  • उच्च रक्तचाप
  • मोटापा
  • धूम्रपान
  • कॉलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर
  • सुस्त आलस भरा जीवन
  • बुढ़ापा

दिल से जुड़ी समस्या होने पर क्या करें?

छाती में दर्द होने पर सबसे पहली बात जो आपको ध्यान रखनी चाहिए वह यह है कि आप हड़बड़ाएं नहीं।

आप जो कर सकते हैं वह हैः

  • आराम करें
  • आराम-आराम से सांस लें
  • उस हिस्से की मालिश करें
  • पानी पिएं
  • दर्द की इस लहर के ख़त्म होने का इंतज़ार करें

अगर यह समस्या नियमित रूप से होती है, तो हम सुझाव देंगे कि आप अपने डॉक्टर के पास जाएं।

स्पेशलिस्ट इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के ज़रिये आपके दिल के स्वास्थ्य की जांच करके, अगर ज़रुरत पड़े, तो आपको दवाइयां लिखकर देगा।